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आवास लाभार्थियों से प्रत्येक किस्त में 10 हजार वसूले
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लखीमपुर खीरी। नकहा ब्लॉक की ग्राम पंचायत भीराघासी में प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थियों से प्रत्येक किस्त में 10-10 हजार रुपये वसूले जाने के मामले में निवर्तमान प्रधान याकूब अली और उसके साथी सफीक के खिलाफ खीरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सीडीओ अरविंद सिंह के निर्देश पर पीडी रामकृपाल चौधरी ने मामले की जांच की थी, जिसमें लाभार्थियों ने बैंक में ही 10-10 हजार रुपये वसूले जाने की पुष्टि की है। पीडी के निर्देश पर सचिव दुर्गेश नंदिनी ने खीरी पुलिस को तहरीर दी थी।
ग्राम पंचायत भीरा घासी में वर्ष 2020-21 में कुल 49 प्रधानमंत्री आवास आवंटित हुए हैं। इस ग्राम पंचायत के मजरा अशोगापुर के आवास लाभार्थियों ने प्रधान और उसके साथी द्वारा आवास की प्रत्येक किस्त में से 10-10 रुपये जबरन वसूले जाने का आरोप लगाते हुए सीडीओ से शिकायत की थी। इसके बाद सीडीओ अरविंद सिंह के निर्देश पर पीडी रामकृपाल चौधरी ने अशोगापुर गांव जाकर स्थलीय सत्यापन किया, जिसमें लाभार्थी प्रेमसागर ने बयान दर्ज कराया कि पहली किस्त 40 हजार रुपये बैंक से निकाली तो वहीं पर प्रधान के साथ रहने वाले सफीक ने 10 हजार रुपये ले लिए और कहा कि यह उसकी मेहनत के हैं।
दूसरी लाभार्थी राधिका पत्नी साहब लाल ने पीडी के समक्ष बयान दिया कि पहली किस्त 40 हजार निकालने के दौरान प्रधान के साथ रहने वाले सफीक ने 10 हजार रुपये ले लिए। दूसरी किस्त के पैसे निकालने के दौरान भी सफीक ने 10 हजार रुपये ले लिए। सफीक ने यह भी कहा कि बाद में और पैसा लेंगे।
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तीसरे लाभार्थी सुनील कुमार ने लिखित बयान दिया कि जब आवास का पैसा निकालने वह इंडियन बैंक मोहलीपुरवा गए तो प्रधान याकूब के साथ रहने वाले सफीक ने 10 हजार रुपये ले लिए। ऐसे ही अन्य लाभार्थी जयपाल, तोताराम, गीता देवी और शांती देवी ने भी जांच अधिकारी के समक्ष बयान दर्ज कराते हुए कहा कि प्रधान के साथ रहने वाले सफीक ने पहली किस्त में 10-10 हजार रुपये वसूल किए है। गीता और शांति से दूसरी किस्त में भी 10-10 हजार रुपये वसूले गए हैं। आरोप यह भी है कि सफीक ने मनरेगा से मिलने वाला पैसा निकालने पर फिर से पैसा लेने की बात कही है। जांच में यह भी पता चला कि लगभग सात लाभार्थियों की बैंक पासबुक और आधार कार्ड को प्रधान और उसके साथी अपने कब्जे में रखते हैं, ताकी लाभार्थी के पैसा निकालते वक्त वह मौजूद रहें।
ग्राम पंचायत भीरा घासी के मजरा अशोगापुर के लाभार्थियों की शिकायत पर सीडीओ के निर्देेशानुसार जांच की गई, जिसमें निवर्तमान प्रधान याकूब और उसके साथी सफीक द्वारा लाभार्थियों से प्रत्येक किस्त में 10-10 हजार रुपये वसूले जाने की पुष्टि हुई है। इसके बाद आरोपी निवर्तमान प्रधान और उसके साथी के खिलाफ खीरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। - रामकृपाल चौधरी, पीडी, डीआरडीए
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ग्राम पंचायत भीरा घासी में वर्ष 2020-21 में कुल 49 प्रधानमंत्री आवास आवंटित हुए हैं। इस ग्राम पंचायत के मजरा अशोगापुर के आवास लाभार्थियों ने प्रधान और उसके साथी द्वारा आवास की प्रत्येक किस्त में से 10-10 रुपये जबरन वसूले जाने का आरोप लगाते हुए सीडीओ से शिकायत की थी। इसके बाद सीडीओ अरविंद सिंह के निर्देश पर पीडी रामकृपाल चौधरी ने अशोगापुर गांव जाकर स्थलीय सत्यापन किया, जिसमें लाभार्थी प्रेमसागर ने बयान दर्ज कराया कि पहली किस्त 40 हजार रुपये बैंक से निकाली तो वहीं पर प्रधान के साथ रहने वाले सफीक ने 10 हजार रुपये ले लिए और कहा कि यह उसकी मेहनत के हैं।
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दूसरी लाभार्थी राधिका पत्नी साहब लाल ने पीडी के समक्ष बयान दिया कि पहली किस्त 40 हजार निकालने के दौरान प्रधान के साथ रहने वाले सफीक ने 10 हजार रुपये ले लिए। दूसरी किस्त के पैसे निकालने के दौरान भी सफीक ने 10 हजार रुपये ले लिए। सफीक ने यह भी कहा कि बाद में और पैसा लेंगे।
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तीसरे लाभार्थी सुनील कुमार ने लिखित बयान दिया कि जब आवास का पैसा निकालने वह इंडियन बैंक मोहलीपुरवा गए तो प्रधान याकूब के साथ रहने वाले सफीक ने 10 हजार रुपये ले लिए। ऐसे ही अन्य लाभार्थी जयपाल, तोताराम, गीता देवी और शांती देवी ने भी जांच अधिकारी के समक्ष बयान दर्ज कराते हुए कहा कि प्रधान के साथ रहने वाले सफीक ने पहली किस्त में 10-10 हजार रुपये वसूल किए है। गीता और शांति से दूसरी किस्त में भी 10-10 हजार रुपये वसूले गए हैं। आरोप यह भी है कि सफीक ने मनरेगा से मिलने वाला पैसा निकालने पर फिर से पैसा लेने की बात कही है। जांच में यह भी पता चला कि लगभग सात लाभार्थियों की बैंक पासबुक और आधार कार्ड को प्रधान और उसके साथी अपने कब्जे में रखते हैं, ताकी लाभार्थी के पैसा निकालते वक्त वह मौजूद रहें।
ग्राम पंचायत भीरा घासी के मजरा अशोगापुर के लाभार्थियों की शिकायत पर सीडीओ के निर्देेशानुसार जांच की गई, जिसमें निवर्तमान प्रधान याकूब और उसके साथी सफीक द्वारा लाभार्थियों से प्रत्येक किस्त में 10-10 हजार रुपये वसूले जाने की पुष्टि हुई है। इसके बाद आरोपी निवर्तमान प्रधान और उसके साथी के खिलाफ खीरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। - रामकृपाल चौधरी, पीडी, डीआरडीए