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दो नाबालिग बहनों को अगवा कर सामूहिक दरिंदगी
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निघासन (लखीमपुर खीरी)। थाना क्षेत्र में पांच दिन पहले दो सगी नाबालिग बहनों को बाजार छोड़ने के बहाने अगवा कर सामूहिक दरिंदगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। भाई का आरोप है कि 19 जुलाई को उसकी दोनों बहनें अपनी नानी के साथ रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचीं तो पुलिस ने तहरीर बदलवाने का दबाव बनाया। जब तहरीर नहीं बदली तो कोतवाली में बैठा लिया। भाई ने बताया कि सोमवार को सुबह चाय पीने के बहाने वह (भाई) कोतवाली से चला आया और जिला मुख्यालय एसपी के यहां पहुंचा। एसपी ने जब मामले में रिपोर्ट दर्ज करने का दबाव बनाया तो पुलिस दोनों बहनों के पिता को कोतवाली लाई और वहां पर तहरीर बदलवाकर चार के बजाय एक युवक के खिलाफ दुराचार और पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज कर ली।
थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने बताया कि 14 जुलाई को उसकी 15 और 11 वर्षीय दो सगी बहनें गांव से एक किलोमीटर दूर सिलाई का सामान लेने के लिए पैदल जा रहीं थीं। इस बीच पड़ोस गांव का रहने वाला युवक बाइक लेकर आया। दोनों को बाजार तक छोड़ने की बात कहकर बाइक पर बैठा लिया। आरोप है दोनों को लेकर वह दूसरी ओर चल दिया। जब बहनों ने विरोध किया तो कुछ लोगों से मिलने की बात कहते हुए बाजार छोड़ने की बात कही। आरोप है कि कुछ दूर चलने के बाद एक चार पहिया वाहन में पहले से बैठे तीन युवकों ने तमंचा दिखाकर दोनों बालिकाओं को कार में बैठा लिया और जंगल में बंधक बनाकर चारों ने दोनों से सामूहिक दरिंदगी की। आरोप है कि दूसरे दिन 15 जुलाई को करीब 10 बजे दोनों को एक चौराहे पर छोड़ दिया गया। किसी तरह से दोनों अपने घर पहुंचीं। डरी-सहमी बहनों ने उस समय कुछ नहीं बताया। 19 जुलाई को बहनों ने घटना की जानकारी परिवार वालों को दी। इधर, पुलिस का कहना है कि मामला प्रेम प्रसंग का है।
घटना के पांच दिन बाद वह लोग कोतवाली आए थे। महिला पुलिस की मौजूदगी में बयान लेने और मेडिकल कराने के लिए दोनों बहनों को पूछताछ के लिए रोका गया था। किसी से तहरीर नहीं बदलवाई गई है। वह लोग रात में घर चली गईं थी। सोमवार को दोनों को बुलवाया गया था। तहरीर के आधार पर एक आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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-डीके सिंह, प्रभारी निरीक्षक थाना निघासन
परिवार वालों ने जो तहरीर दी है। उसी के आधार पर एक युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। तहरीर बदलवाने का दबाव बनाने जैसी कोई जानकारी नहीं है। यदि कोई शिकायत आती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-अरुण कुमार सिंह, एएसपी
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थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने बताया कि 14 जुलाई को उसकी 15 और 11 वर्षीय दो सगी बहनें गांव से एक किलोमीटर दूर सिलाई का सामान लेने के लिए पैदल जा रहीं थीं। इस बीच पड़ोस गांव का रहने वाला युवक बाइक लेकर आया। दोनों को बाजार तक छोड़ने की बात कहकर बाइक पर बैठा लिया। आरोप है दोनों को लेकर वह दूसरी ओर चल दिया। जब बहनों ने विरोध किया तो कुछ लोगों से मिलने की बात कहते हुए बाजार छोड़ने की बात कही। आरोप है कि कुछ दूर चलने के बाद एक चार पहिया वाहन में पहले से बैठे तीन युवकों ने तमंचा दिखाकर दोनों बालिकाओं को कार में बैठा लिया और जंगल में बंधक बनाकर चारों ने दोनों से सामूहिक दरिंदगी की। आरोप है कि दूसरे दिन 15 जुलाई को करीब 10 बजे दोनों को एक चौराहे पर छोड़ दिया गया। किसी तरह से दोनों अपने घर पहुंचीं। डरी-सहमी बहनों ने उस समय कुछ नहीं बताया। 19 जुलाई को बहनों ने घटना की जानकारी परिवार वालों को दी। इधर, पुलिस का कहना है कि मामला प्रेम प्रसंग का है।
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घटना के पांच दिन बाद वह लोग कोतवाली आए थे। महिला पुलिस की मौजूदगी में बयान लेने और मेडिकल कराने के लिए दोनों बहनों को पूछताछ के लिए रोका गया था। किसी से तहरीर नहीं बदलवाई गई है। वह लोग रात में घर चली गईं थी। सोमवार को दोनों को बुलवाया गया था। तहरीर के आधार पर एक आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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-डीके सिंह, प्रभारी निरीक्षक थाना निघासन
परिवार वालों ने जो तहरीर दी है। उसी के आधार पर एक युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। तहरीर बदलवाने का दबाव बनाने जैसी कोई जानकारी नहीं है। यदि कोई शिकायत आती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-अरुण कुमार सिंह, एएसपी