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लकड़कट्टों ने एक नहीं.. साल के काटे थे तीन पेड़
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लखीमपुर खीरी। स्थानीय वन अफसर साल और सागौन के कटान पर पर्दा डालने की कोशिश में जुटे हैं। बेलरायां वनक्षेत्राधिकारी (पार्क) ने दुधवा नेशनल पार्क की लौदरिया बीट से दो पेड़ काटे जाने की पुष्टि की है, लेकिन वन विभाग के सूत्रों की माने तो मुठभेड़ वाली रात लकड़कट्टों ने वहां तीन पेड़ काटे थे।
दुधवा नेशनल पार्क की बेलरायां वनरेंज में लंबे समय से सक्रिय माफिया लकड़कट्टों से साल और सागौन की कीमती लकड़ी कटवाकर उसे कई जिलों में सप्लाई करते हैं। वन कर्मचारियों के संरक्षण में यह खेल बेरोकटोक चल रहा था। 15 जनवरी को लकड़कट्टों से हुई मुठभेड़ के बाद अमर उजाला ने माफिया और लकड़कट्टों के खेल का खुलासा किया था। पार्क उपनिदेशक मनोज सोनकर ने प्रारंभिक जांच में संलिप्तता मिलने पर वन दरोगा सुभाष को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया था। मामले की जांच चल रही है। इसी बीच सामने आया है कि लकड़कट्टों ने मुठभेड़ की रात लौदरिया बीट से साल के तीन पेड़ काटे थे। इनमें से दो पेड़ों की लकड़ी ले जाने में लकड़कट्टे कामयाब रहे थे। तीसरे पेड़ की लकड़ी ले जाते समय वन विभाग की टीम से मुठभेड़ हो गई लेकिन टीम एक पेड़ के सिर्फ चार बोटे ही बरामद कर सकी थी। दो अन्य पेड़ों की लकड़ी का अब तक कुछ पता नहीं लगा सका है। मगर वनक्षेत्राधिकारी बेलरायां (पार्क) चंद्रभाल ने साल के दो पेड़ काटे जाने की बात स्वीकार की है।
मिट्टी पाटकर छिपा रहे मुड्ढियां
बेलरायां वनरेंज के विभागीय सूत्रों का कहना है कि दुधवा टाइगर रिजर्व की लौदरिया, चुरैला और मोहरनियां बीट में बड़े पैमाने पर कटान हुआ है। मामला खुलने के बाद वन कर्मचारी अब पेड़ों की मुड्ढियों को जमीन के बराबर से काट कर उस पर मिट्टी डालकर सबूत मिटाने में जुटे हैं। सूत्रों का कहना है कि वन विभाग यदि निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराए तो इस खेल में कई स्थानीय अफसर भी नपेंगे।
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दुधवा नेशनल पार्क की बेलरायां वनरेंज में लंबे समय से सक्रिय माफिया लकड़कट्टों से साल और सागौन की कीमती लकड़ी कटवाकर उसे कई जिलों में सप्लाई करते हैं। वन कर्मचारियों के संरक्षण में यह खेल बेरोकटोक चल रहा था। 15 जनवरी को लकड़कट्टों से हुई मुठभेड़ के बाद अमर उजाला ने माफिया और लकड़कट्टों के खेल का खुलासा किया था। पार्क उपनिदेशक मनोज सोनकर ने प्रारंभिक जांच में संलिप्तता मिलने पर वन दरोगा सुभाष को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया था। मामले की जांच चल रही है। इसी बीच सामने आया है कि लकड़कट्टों ने मुठभेड़ की रात लौदरिया बीट से साल के तीन पेड़ काटे थे। इनमें से दो पेड़ों की लकड़ी ले जाने में लकड़कट्टे कामयाब रहे थे। तीसरे पेड़ की लकड़ी ले जाते समय वन विभाग की टीम से मुठभेड़ हो गई लेकिन टीम एक पेड़ के सिर्फ चार बोटे ही बरामद कर सकी थी। दो अन्य पेड़ों की लकड़ी का अब तक कुछ पता नहीं लगा सका है। मगर वनक्षेत्राधिकारी बेलरायां (पार्क) चंद्रभाल ने साल के दो पेड़ काटे जाने की बात स्वीकार की है।
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मिट्टी पाटकर छिपा रहे मुड्ढियां
बेलरायां वनरेंज के विभागीय सूत्रों का कहना है कि दुधवा टाइगर रिजर्व की लौदरिया, चुरैला और मोहरनियां बीट में बड़े पैमाने पर कटान हुआ है। मामला खुलने के बाद वन कर्मचारी अब पेड़ों की मुड्ढियों को जमीन के बराबर से काट कर उस पर मिट्टी डालकर सबूत मिटाने में जुटे हैं। सूत्रों का कहना है कि वन विभाग यदि निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराए तो इस खेल में कई स्थानीय अफसर भी नपेंगे।
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