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न्यायाधिकरण की अवमानना पर सीएमओ का वेतन रोका
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लखीमपुर खीरी। जिला मोटर वाहन दुघर्टना प्रतिकर न्यायाधिकरण के आदेशों की अवमानना करने के मामले को न्यायाधिकरण ने इसे गंभीरता से लिया है। सड़क दुघर्टना में विकलांग हुए युवक के मामले में अदालत ने विकलांगता प्रमाण पत्र को लेकर सीएमओ को पत्र लिखकर कई अवसर दिए लेकिन बुधवार को भी जब अदालती आदेश का अनुपालन नही हुआ तो न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी नरेंद्र कुमार झा ने सीएमओ का वेतन रोकने का आदेश दे दिया।
छह फरवरी 2012 को शहर के जंगलीनाथ मंदिर के निकट हिदायतनगर रोड पर ही एक कार ने सड़क दुघर्टना में शिवभगवान पुत्र राजबहादुर निवासी हिदायतनगर सहित सड़क से गुजर रहे रामगोविंद जायसवाल और अरुण कुमार को भी चोटें पहुंचाई थीं। इस दुघर्टना में शिवभगवान का दाहिना पैर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था और ठीक न होने पर जिला चिकित्सालय से विकलांगता प्रमाण पत्र जारी हुआ था। अदालती सुनवाई के दौरान दुघर्टना के मुआवजे को लेकर मुकदमा चला तो अदालत ने सीएमओ को पत्र लिखकर विकलांगता प्रमाण पत्र को साबित करने और विकलांगता के तथ्य पर स्थितियों को स्पष्ट करने के लिए संबंधित को पेश कराने के लिए कई बार पत्र भी लिखे थे।
बुधवार को भी पत्रावली सुनवाई के लिए लगी थी लेकिन न्यायाधिकरण के समक्ष न तो चिकित्सक ही उपस्थित हुए न ही संबंधित प्रपत्रों को सत्यापन के लिए कदम उठाए गए, वादी के अधिवक्ता राकेश शुक्ल ने इस रवैया पर आपत्ति जताते हुए इसे अधिकरण की अवमानना बताया, तब पीठासीन अधिकारी नरेंद्र कुमार झा ने सीएमओ का वेतन रोकने का आदेश देते हुए डीएम और वरिष्ठ कोषाधिकारी को आदेशित किया है कि अगले आदेशों तक सीएमओ का वेतन नही निर्गत किया जाएगा। संवाद
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छह फरवरी 2012 को शहर के जंगलीनाथ मंदिर के निकट हिदायतनगर रोड पर ही एक कार ने सड़क दुघर्टना में शिवभगवान पुत्र राजबहादुर निवासी हिदायतनगर सहित सड़क से गुजर रहे रामगोविंद जायसवाल और अरुण कुमार को भी चोटें पहुंचाई थीं। इस दुघर्टना में शिवभगवान का दाहिना पैर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था और ठीक न होने पर जिला चिकित्सालय से विकलांगता प्रमाण पत्र जारी हुआ था। अदालती सुनवाई के दौरान दुघर्टना के मुआवजे को लेकर मुकदमा चला तो अदालत ने सीएमओ को पत्र लिखकर विकलांगता प्रमाण पत्र को साबित करने और विकलांगता के तथ्य पर स्थितियों को स्पष्ट करने के लिए संबंधित को पेश कराने के लिए कई बार पत्र भी लिखे थे।
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बुधवार को भी पत्रावली सुनवाई के लिए लगी थी लेकिन न्यायाधिकरण के समक्ष न तो चिकित्सक ही उपस्थित हुए न ही संबंधित प्रपत्रों को सत्यापन के लिए कदम उठाए गए, वादी के अधिवक्ता राकेश शुक्ल ने इस रवैया पर आपत्ति जताते हुए इसे अधिकरण की अवमानना बताया, तब पीठासीन अधिकारी नरेंद्र कुमार झा ने सीएमओ का वेतन रोकने का आदेश देते हुए डीएम और वरिष्ठ कोषाधिकारी को आदेशित किया है कि अगले आदेशों तक सीएमओ का वेतन नही निर्गत किया जाएगा। संवाद
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