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कोरोना वैक्सीनेशनः धीरे-धीरे बढ़ रहा है बच्चों के टीकाकरण का ग्राफ

Sat, 26 Mar 2022 01:30 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 26 Mar 2022 01:30 AM IST
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Corona Vaccination: Graph of vaccination of children is increasing gradually
जिला अस्पताल के बूथ पर बच्चों का इंतजार करतीं स्वास्थ्यकर्मी।
सात दिन में 939 किशोर-किशोरियों ने लगवाया टीका
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जिला एवं महिला अस्पताल के टीकाकरण केंद्र पर पसरा रहा सन्नाटा
लखीमपुर खीरी। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए शासन ने 12 से 15 साल तक के बच्चों का टीकाकरण शुरू किया हुआ है। जागरूकता के अभाव में शुरुआत में तो टीकाकरण की रफ्तार बेहद धीमी रही लेकिन अब टीकाकरण रफ्तार पकड़ रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि यूपी बोर्ड व अन्य की परीक्षाएं चलने के कारण अभी कम बच्चे पहुंच रहे हैं। परीक्षा खत्म होने के बाद स्कूलों में कैैंप लगाकर वैक्सीनेशन कराया जाएगा। बताया कि पिछले एक सप्ताह में 939 बच्चों के वैक्सीन लग चुकी है।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए 16 जनवरी 2021 को वैक्सीनेशन की शुरूआत हुई थी। सबसे पहले हेल्थ वर्कर, फ्रंट लाइन वर्कर के टीका लगना शुरू हुआ। उसके बाद 60 साल के बुजुर्गों के टीके लगे। इसके कुछ दिन बाद से 45 साल से अधिक और फिर 18 साल से अधिक उम्र के युवाओं के टीके लगे। 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों के पहली और करीब 80 प्रतिशत लोगों के दूसरी डोज लगने के बाद शासन के निर्देश पर 12 से 15 साल तक के किशोर-किशोरियों के वैक्सीन लगनी शुरू हुई। मगर, एक सप्ताह बाद भी टीकाकरण अभियान को गति नहीं मिल सकी है। यही वजह है कि सात दिन में मात्र 939 किशोर किशोरियों को ही कोरोना का सुरक्षा कवच मिल सका।
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परीक्षाएं और नई वैक्सीन बन रही बाधा
स्वास्थ्य विभाग के लोगों का कहना है कि तमाम प्रयासों के बावजूद बच्चों के टीकाकरण को गति नहीं मिल रही। इसकी मुख्य वजह स्कूलों में परीक्षाएं शुरू हो जाना और नई कंपनी की वैक्सीन का होना है। नई वैक्सीन होने के कारण अभिभावक विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। इसकी जगह पर यदि कोवैक्सीन या फिर कोवीशील्ड होती तो अभिभावक स्वयं बच्चों को लेकर आते। क्योंकि इन पर अभिभावकों को विश्वास जम चुका है। हालांकि धीरे-धीरे अभिभावकों में जागरूकता बढ़ रही है।
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परीक्षाओं के बाद स्कूलों में लगेंगे टीकाकरण कैंप
पिछले एक सप्ताह में अब तक 939 बच्चों के ही टीका लगा है, जबकि शासन की ओर से जिले का लक्ष्य 170339 निर्धारित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के लोगों का कहना है कि परीक्षाएं खत्म होने का इंतजार है। इसके बाद अभियान चलाकर स्कूलों में शिविर लगाकर वैक्सीनेशन कराया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग स्कूलों में लगवाएगा शिविर
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि वैक्सीनेशन के लिए यदि स्कूल प्रशासन अपने यहां शिविर लगवाना चाहें तो इसके लिए डीआईओएस कार्यालय में प्रार्थना पत्र दे सकते हैं, जिससे पहली और दूसरी डोज के लिए वहां पर कैंप लगवाकर टीकाकरण किया जा सके।
जिला अस्पताल में 15 बच्चों को लगी वैक्सीन
बच्चों का वैक्सीनेशन करने के लिए जिला एवं महिला अस्पताल सहित नगरीय स्वास्थ्य केंद्र व समस्त सीएचसी पर शिविर लग रहे हैं, लेकिन जागरूकता के अभाव में वहां से लोग नदारद है। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल के बूथ पर सिर्फ 15 बच्चों के वैक्सीन लगी। स्टाफ ने बताया कि एक वैक्सीन में 20 डोज हैं, लेकिन 15 बच्चे ही टीका लगवाने के लिए आए। पांच डोज बेकार ही जाएंगी।


टीकाकरण के साथ कोविड नियमों का पालन करके ही कोरोना से बचा जा सकता है। इसलिए सभी लोग वैक्सीन अवश्य लगवाएं। स्कूलों में परीक्षाएं शुरू होने से इसमें व्यवधान उत्पन्न हुआ है। हालांकि फिर भी स्वास्थ्य कर्मियों को बच्चों को टीकाकरण के प्रति जागरूक करने के लिए लगाया है। परीक्षा खत्म होने के बाद स्कूलों में शिविर लगाकर वैक्सीनेेशन कराया जाएगा।
- डॉ. शैलेंद्र भटनागर, सीएमओ

जिला अस्पताल के बूथ पर खाली बैठा स्टाफ।

जिला अस्पताल के बूथ पर खाली बैठा स्टाफ।

 

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