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प्रवासी मजदूरों की रोजी-रोटी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती

Mon, 11 May 2020 12:42 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 11 May 2020 12:42 AM IST
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लखीमपुर खीरी। लॉकडाउन के 49 दिनों में दूसरे राज्यों से 28 हजार से अधिक प्रवासी मजदूर/कामगार अपने गांवों में लौट चुके हैं। अभी भी दूसरे राज्यों से प्रवासी मजदूरों के आने का सिलसिला जारी है, जिससे उम्मीद है कि यह संख्या करीब दोगुनी यानी 50 हजार तक पहुंच सकती है। इन मजदूरों को गांव में ही रोजगार दिलाना जिला प्रशासन के लिए पड़ सकती है। क्योंकि मनरेगा के अलावा प्रशासन के पास और किसी उद्योग में रोजगार दिलाने का फिलहाल विकल्प नहीं है।
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अभी कुछ दिन पहले ही सरकार ने मजदूरों को दूसरे राज्यों से वापस गांवों में भेजने के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं, जिसके बाद प्रवासी मजदूरों के आने का सिलसिला एक बार फिर तेज हुआ है। इससे पहले मार्च के अंतिम सप्ताह तक करीब 21 हजार प्रवासी मजदूर अपने गांवों को लौटे थे। इसके बाद अप्रैल में प्रवासी मजदूरों की वापसी नहीं हुई थी, लेकिन मई में चार हजार से अधिक प्रवासी मजदूर महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान समेत दूसरे राज्यों से लौटे हैं। कंट्रोल रूम प्रभारी रत्नेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि स्पेशल ट्रेन चलाए जाने के बाद प्रवासी मजदूरों की संख्या बढ़कर 26 हजार से अधिक हो गई है। तीन दिनों में महाराष्ट्र से करीब तीन हजार प्रवासी मजदूर लाए गए हैैं। रविवार को दो हजार मजदूर हरियाणा से आए। अभी गुजरात समेत अन्य राज्यों से भी मजदूर आने हैं।
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अर्द्धकुशल और कुशल श्रमिकों को रोजगार दिलाना चुनौतीपूर्ण
लखीमपुर खीरी। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने मनरेगा से प्रवासी मजदूरों को रोजगार दिलाना प्राथमिकता में रखा है, जिससे ज्यादातर अकुशल श्रमिकों को रोजगार मिल पा रहा है।स जबकि अर्द्धकुशल और कुशल श्रमिकों को रोजगार दिलाना सबसे चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। इसके लिए सीडीओ अरविंद सिंह श्रमिक दिवस के मौके पर श्रम स्वाभिमान प्रोजेक्ट का शुभारंभ कर चुके हैं, जिससे अभी परिषदीय स्कूलों में रंगाई-पुताई और मरम्मत कार्य कराने की शुरुआत हुई है। इस प्रोजेक्ट की सफलता की राह में मुश्किलें भी हैं, क्योंकि अभी स्कूलों में अवकाश होने के कारण काम में तेजी नहीं आ पाई है। इससे समय पर प्रवासी मजदूरों को रोजगार दिलाना चुनौती बना हुआ है। हालांकि गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इनमें कुछ व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने के लिए योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जिस पर जिला कृृषि अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह को प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी मिली है।
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5.48 लाख मानव दिवस सृजित कर मजदूरों को दिया 8.02 करोड़ भुगतान
लखीमपुर खीरी। मनरेगा से मजदूरों को रोजगार देने में खीरी प्रदेश में अव्वल बना हुआ है। 21 अप्रैल से अब तक 20 दिनों में 5,48,013 मानव दिवस सृजित किए जा चुके हैं, जिससे मजदूरों को 11 करोड़ एक लाख 50 हजार रुपये भुगतान किया जाएगा। उपायुक्त मनरेगा राजनाथ प्रसाद भगत ने बताया कि अब तक 8.02 करोड़ रुपये भुगतान मजदूरों के खातों में भेज दिया गया है। ऑपरेशन चतुर्भुजी के चलते मनरेगा से रोजगार दिलाना आसान साबित हुआ है। उन्होंने बताया कि 4786 प्रवासी मजदूरों को नए जॉबकार्ड जारी किए गए हैं, जिसमें 8553 सदस्य शामिल हैं।
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