फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   cjm court rejects bail application of ashish mishra the main accused in lakhimpur kheri violence

लखीमपुर खीरी हिंसा: आशीष मिश्र मोनू की जमानत अर्जी खारिज, वकील बोले- इन्हें झूठा फंसाया गया, ये बेकसूर हैं

Fri, 17 Dec 2021 09:13 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Published by: Vikas Kumar Updated Fri, 17 Dec 2021 09:13 PM IST
सार

आशीष मिश्र मोनू की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश सिंह ने निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया जा रहा है। धारा 307 और 326 के साथ ही शस्त्र अधिनियम की धारा 3/25/30 और 35 लगाई गई है, जो पूरी तरह से नाजायज है। 

विज्ञापन
cjm court rejects bail application of ashish mishra the main accused in lakhimpur kheri violence
आशीष मिश्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तिकुनिया हिंसा कांड मामले में शुक्रवार को सीजेएम अदालत में आशीष मिश्र मोनू की ओर से द्वितीय जमानत प्रार्थना पत्र पेश किया गया, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। आशीष मिश्रा पर 307 की धारा बढ़ने के बाद सीजेएम अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की गई थी। 

विज्ञापन


सीजेएम अदालत में शुक्रवार को खुद को निर्दोष बताते हुए आशीष मिश्र मोनू ने जमानत पर रिहा किए जाने का निवेदन किया, जिस पर प्रभारी सीजेएम मोना सिंह ने जमानत अर्जी की सुनवाई के बाद इसे संज्ञेय मामला बताते हुए आशीष मिश्र मोनू की द्वितीय जमानत अर्जी खारिज कर दी। बताते चलें कि तिकुनिया कांड मामले में नामजद आरोपी आशीष मिश्र मोनू की ओर से शुक्रवार को बदली हुई धाराओं के चलते द्वितीय जमानत अर्जी सीजेएम अदालत में पेश की गई। 
विज्ञापन


आशीष मिश्र मोनू की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश सिंह ने निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया जा रहा है। धारा 307 और 326 के साथ ही शस्त्र अधिनियम की धारा 3/25/30 और 35 लगाई गई है, जो पूरी तरह से नाजायज है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


एसपीओ एसपी यादव ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहां मामला सत्र परीक्षण का गंभीर अपराध अपराध है, जिसमें पूर्व में ही जमानत अर्जी जिला अदालत द्वारा खारिज की जा चुकी है। ऐसे में दूसरी अर्जी स्वीकार होने योग्य नहीं है, इस पर प्रभारी सीजेएम मोना सिंह ने जमानत अर्जी खारिज कर दी है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed