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रोडवेज को इस साल बस अड्डे और वर्कशाप निर्माण के लिए भूमि मिलने की उम्मीद

Mon, 28 Dec 2020 01:17 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 28 Dec 2020 01:17 AM IST
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Civic Amenities
लखीमपुर रोडवेज बस स्टेशन - फोटो : LAKHIMPUR
लखीमपुर खीरी। साल 2020 की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। मगर, यातायात के मामले में यह वर्ष भी जिलेवासियों के लिए बेहद दुश्वारियों भरा रहा। कोरोना के कारण पिछले नौ माह से ट्रेन संचालन बंद है तो परिवहन निगम के अधिकारियों की लखीमपुर डिपो के लिए इस साल भी पांच एकड़ जमीन की तलाश पूरी नहीं हो सकी है। ऐसे में उम्मीद है कि साल 2021 में रोडवेज की भूमि की आस पूरी हो जाएगी तो इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन की भी पूरी उम्मीद है।
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यातायात के मामले में यही नहीं साल 2019 भी जिले के लोगों के लिए मुसीबत भरा रहा था। एक लंबे अंतराल बाद मीटर गेज का ब्राडगेज में परिवर्तन हुआ। इसके बाद 28 अगस्त 2019 को ट्रेन संचालन शुरू हुआ। मगर, कोरोना के कारण करीब छह माह बाद इस साल ट्रेन का संचालन फिर बंद हो गया। तब से लेकर अब तक ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हो सका। साल 2021 में जरूर उम्मीद है यहां से इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। उधर, शहर के बाहर लखीमपुर बस अड्डे और वर्कशाप निर्माण के लिए जमीन की तलाश पूरी नहीं हुई। इस कारण लखीमपुर बस अड्डा किराये की बसों के सहारे ही चला, जिससे डिपो के अधिकारियों और यात्रियों को बस मालिकों की मनमानी का सामना करना पड़ा। जमीन के मामले में विभागीय लोगों का कहना है कि निगम की बसें तभी मिलेंगी, जब बस अड्डे के पास अपना वर्कशाप होगा, जिससे खराब हो जाने पर उन्हें वर्कशाप में ठीक किया जा सके। 2021 में उम्मीद जताई जा रही है जमीन मिल जाएगी।
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लखनऊ के लिए रात में नहीं कोई बस
लखीमपुर डिपो से प्रदेश मुख्यालय के लिए अंतिम बस रात 07:30 बजे है तो अतिरिक्त संचालन के तहत अंतिम बस रात 08:30 बजे लखनऊ भेजी जाती है। वहीं गोला के लिए डिपो से आखिरी बस रात आठ बजे है। इसके बाद लखनऊ और गोला की ओर जाने के लिए अन्य डिपो की बस का ही सहारा है, जिनका न तो कोई समय निश्चित है और न ही रूट। अनुबंधित बसों का संचालन बस मालिकों और उनके चालकों के अनुसार होता है। इसमें परिचालकों की भी सहमति होती है और परेशान यात्री होते हैं।
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पिछले कई साल से बस अड्डा और वर्कशाप के लिए शहर के आसपास पांच एकड़ जमीन की तलाश की जा रही है। मैगलगंज रोड पर एक जमीन मिली थी, लेकिन मानकों पर खरी न होने के कारण विभाग ने उसे रिजेक्ट कर दिया। शहरवासियों और यात्रियों की समस्याओं का समाधान जमीन और निगम की बसें मिलने के बाद ही दूर हो सकेगा। उम्मीद है कि साल 2021 में जमीन की तलाश पूरी हो जाएगी।

-एसपी सिंह सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक लखीमपुर डिपो
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मैलानी तक रेलखंड का विद्युतीकरण होने के बाद ही लखनऊ मैलानी रेलखंड पर इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़ेंगी। लखीमपुर सीतापुर के बीच काम पूरा होने के बाद कार्यदायी संस्था लखीमपुर मैलानी रेलखंड का विद्युतीकरण करवा रही है। रेलवे बोर्ड को लखनऊ मैलानी रूट पर ट्रेन संचालन के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। बस अनुमति मिलने का इंतजार है।
-डॉ. मोनिका अग्निहोत्री, मंडल रेल प्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ

लखीमपुर रेलवे स्टेशन

लखीमपुर रेलवे स्टेशन- फोटो : LAKHIMPUR

 

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