फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Civic Amenities

रैनी गांव में बाढ़ का कहर: 72 मकान डूब चुके, बाकी 12 किसानों को भी बचाव नहीं मुआवजे का दिलासा

Sun, 06 Sep 2020 09:48 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 06 Sep 2020 09:48 PM IST
विज्ञापन
Civic Amenities
चकमार्ग पर टिन शेड डालकर रह रहे कटान पीड़ित। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
धौरहरा (लखीमपुर खीरी)। रैनी गांव के बाढ़ पीड़ित मुफलिसी की जिंदगी जीने को विवश हैं। हर तरह से संपन्न रैनी गांव के 72 घर नदी में समा चुके हैं और शेष 12 घर भी कटान की जद में हैं। यहां के किसानों की सैकड़ों बीघा खेत में खड़ी गन्ने और धान की फसल भी नदी की धारा में बह गई है। मदद मिलने की जगह बाढ़ पीड़ितों को सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं। जिसका नतीजा यह है कि गांव में जिन किसानों के दो मंजिला मकान थे आज वह दाने-दाने को मोहताज हैं और बंधे पर सड़क किनारे टिनशेड और छोटा सा छप्पर डालकर जिंदगी गुजारने पर विवश हैं।
विज्ञापन

बता दें कि अब तक इन परिवारों को सरकारी मदद के नाम पर एक बार राशन किट जरूर दी गई, इसके बाद सिर्फ आश्वासन से ही काम चलाया जा रहा है। बाढ़ पीड़ितों को इस बात का मलाल है कि कोई जनप्रतिनिधि इस संकट की घड़ी में इनका हाल लेने नहीं आया।
विज्ञापन

सूबे के राज्यमंत्री भी आश्वासन देकर चले गए
रैनी गांव में जब पहली बार दो घर नदी में कटे तो डीएम शैलेंद्र सिंह ने गांव पहुंचकर बाढ़ खंड के अफसरों को हर हाल में गांव कटान से बचाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सूबे के जलशक्ति राज्य मंत्री ने भी दौरा कर किया और आश्वासन देकर चले गए। बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि भू कटान तो कम हो गया लेकिन गांव वाले तबाह हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

सभी कटान पीड़ितों को मिलने वाला गृह अनुदान डीएम की स्वीकृति मिलने के बाद उनके खाते में भेजा जा रहा है जो पक्का मकान कटा है उसका मुआवजा 95100 रुपये दिया जाएगा। मुख्यमंत्री आवास के लिए प्रस्ताव भी जा चुका है।
- एस सुधाकरन, एसडीएम धौरहरा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed