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नगरपालिका की जमीन पर अस्पतालों की अवैध पार्किँग, तीमारदारों से धनउगाही

Wed, 18 Sep 2019 01:39 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 18 Sep 2019 01:39 AM IST
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लखीमपुर खीरी। शहर के नर्सिंग होम और अस्पताल मालिकों ने नगरपालिका की जमीन पर ही अनाधिकृत पार्किंग बनाकर वसूली के लिए ठेका दे दिया है। दवा लेने या भर्ती होने आने वाले मरीजों पर महंगे पर्चे, महंगी जांच और महंगी दवाइयों का तो बोझ पड़ता ही है उन्हें पार्किंग शुल्क भी देना पड़ता है। अस्पताल वालों ने नक्शे में इन वाहनों को खड़ा करवाने के लिए बेसमेंट में जगह छोड़ना बता रखा है, मगर 90 फीसदी से ज्यादा अस्पतालों ने बेसमेंट में वार्ड बना रखे हैं।
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नियमानुसार नर्सिंग होम और अस्पताल भवन के पास या बेसमेंट में पार्किंग बनाने का प्रावधान है। अस्पताल खोलते समय स्वीकृत कराए गए नक्शे में तो संचालक यह जगह दिखा देते हैं, मगर बाद में इस जगह का इस्तेमाल वे वार्ड के लिए ही करते हैं। इमरजेंसी वार्ड हो या कोई दूसरा वार्ड, उनमें मरीज भर्ती करने से मोटी कमाई होती है। बदले में वाहनों को वे अस्पताल के आगे नगर पालिका या फिर पीडब्ल्यूडी की सड़क पर ही खड़ा कराते हैं। इसका बाकायदा ठेके देकर तीमारदारों से बाइक के 15 से 20 रुपये और कार के 30 से 40 रुपये वसूले जाते हैं। सड़क किनारे दो पहिया और चार पहिया वाहन खड़े होने से सुबह से लेकर शाम तक जाम की स्थिति बनी रहती है। आम नागरिकों और स्कूली बच्चों के वाहन सड़क से निकालने में दिक्कत होती है। न तो नगरपालिका का ध्यान इस ओर है और न ही प्रशासन का। फिलहाल, शहर की मुख्य सड़कों की सरकारी जमीन पर नर्सिंग होम संचालक अनाधिकृत तरीके से कब्जा करके उसे पार्किंग के लिए ठेके पर उठाकर हर माह लाखों की कमाई कर रहे हैं। नगरपालिका को अनाधिकृत कब्जे वाली जगह पर पार्किंग बनाने से हर महीने चार से पांच लाख के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
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पर्चा, दवा, जांच में कमीशन, फिर पार्किंग में भी वसूली
प्राइवेट अस्पतालों में डॉक्टर को दिखाने के लिए पर्चा बनवाने की फीस 300 से 500 रुपये तक है। मरीज पर्चा बनवाने के लिए जब जब ब्लड या अन्य जांच कराने जाता है तो वहां उसको तीन से चार हजार रुपये देने पड़ते हैं। फिर महंगी दवाओं में भी डॉक्टरों का कमीशन है। उस पर भी डॉक्टरों ने सरकारी जमीन पर अवैध पार्किँग बनाकर मरीजों और तीमारदारों से धन उगाही का नया जरिया बना रखा है।
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