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गर्मी से तपते बरामदे में भर्ती कर लिए बच्चे, वातानुकूलित एसी आईसीयू खाली पड़ा

Wed, 20 Apr 2022 11:52 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 20 Apr 2022 11:52 PM IST
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Children admitted to the verandah scorching heat, air-conditioned AC ICU was empty
आयुष विंग के नीचे बना खाली पड़ा दस बेड का आईसीयू वार्ड - फोटो : LAKHIMPUR
लखीमपुर खीरी। जिले में तापमान 42 डिग्री तक पहुंच गया है और भीषण गर्मी ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। बच्चे उल्टी, दस्त और बुखार की चपेट में आकर जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां भी उनकी मुसीबतें कम नहीं हो रही हैं। बीमार बच्चों को आईसीयू वार्ड की ऊपरी बिल्डिंग पर बने आयुष विंग के बरामदे में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। जबकि वातानुकूलित आईसीयू के बेड खाली पड़े हैं।
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चिलचिलाती धूप में सुबह से लेकर शाम तक तपती बरामदे की छत और दीवारों के बीच बच्चों से लेकर उनके तीमारदार तक परेशान होते हैं। पीने के पानी की व्यवस्था का न होना तीमारदारों के लिए और मुसीबत बन गई है।
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जिला अस्पताल परिसर पर मेडिकल कॉलेज के लिए 500 बेड का अस्पताल बनना है। इसके लिए अस्पताल को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाना है। ऐसे में सीएमएस ने आईसीयू वार्ड के ऊपर बने आयुष विंग के बरामदे को चिल्ड्रन वार्ड बना दिया है। बरामदे में दस बेड डाले गए हैं। जगह कम होने के कारण तीमारदारों के बैठने तक के लिए जगह नहीं है।
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इस भीषण गर्मी ने बीमार बच्चों और उनके घरवालों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चिलचिलाती तेज धूप के कारण दिनभर बरामदे की छत से लेकर उसकी दीवारें तपती रहती हैं। पंखे भी गर्म हवा दे रहे हैं। गर्मी के मौसम में बीमार बच्चे और उनके माता पिता पंखे की गर्म हवा में परेशान होने के लिए मजबूर हैं।
एसी में बैठे अफसरों को नहीं दिख रही बच्चों की परेशानी - भीषण गर्मी से बचने के लिए अधिकारियों से लेकर बाबुओं ने अपने कमरों में एसी लगवा रखे हैं तो कुछ लोगों कूलर का आनंद ले रहे हैं। जबकि आयुष विंग के बरामदे में भर्ती बच्चे गर्मी में तप रहे हैं। प्यास लगने पर तीमारदार करीब तीन सौ मीटर दूर जिला अस्पताल की इमरजेंसी के पास लगे वाटर कूल से पानी लाने के लिए मजबूर हैं।
स्टाफ भी घर से पीने का ला रहा पानी - आयुष विंग में पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है। पेयजल को लेकर बच्चों के तीमारदार से लेकर वार्ड स्टाफ तक परेशान है। इस भीषण गर्मी में बार बार प्यास लगती है, जिसे बुझाने के लिए वार्ड स्टाफ भी घर से पानी लाने के लिए मजबूर हैं। स्टाफ का कहना है पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। बार बार कहां तक जिला अस्पताल में पानी लेने के लिए जाएं। इसलिए घर से ही तीन चार बोतल भरकर पानी लाते हैं, क्योंकि गर्मी ज्यादा होने के कारण प्यास भी ज्यादा लगती है।

बच्चे तप रहे और आईसीयू वार्ड में खाली पड़े दस बेड- जेई एवं एईएस से पीड़ित बच्चों को बेहतर इलाज देने के लिए जिला टीबी अस्पताल के पास दस बेड का जेई वार्ड बना है। वातानुकूलति वार्ड में इलाज के भी बेहतर इंतजाम हैं मगर पिछले कई दिनों से पूरा वार्ड खाली पड़ा है। जबकि मशीनों के रख रखाव के लिए स्टाफ की नियमित ड्यूटी लगती है। स्टाफ का कहना है कि बच्चों को इसमें भी भर्ती किया जा सकता है। हम तो ड्यूटी कर ही रहे हैं। कम से कम बच्चे गर्मी से परेशान तो नहीं होंगे। एईएस एवं जेई पीड़ित बच्चे जब आएंगे तो देखा जाएगा।

आयुष विंग के बरामदें में भर्ती उल्टी,दस्त व बुखार पीड़ित बच्चे

आयुष विंग के बरामदें में भर्ती उल्टी,दस्त व बुखार पीड़ित बच्चे- फोटो : LAKHIMPUR

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