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Lakhimpur Kheri News: 1.42 करोड़ की लागत से होगा नहर कोठी का जीर्णोद्धार
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गोला गोकर्णनाथ। नगर के सिंचाई विभाग के उपखंड प्रथम (नहर कोठी) का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। इसके लिए 1.42 करोड़ की धनराशि स्वीकृत हो गई है।
इसी के साथ जीर्णोद्धार का काम शुरू हो गया है। यहां से पीलीभीत, लखीमपुर और सीतापुर सहित तीन जिलों में 350 किलोमीटर नहरों का संचालन होता है।
कई दशकों से गोला में सिंचाई विभाग के उपखंड प्रथम की व्यवस्था बदहाल थी, जबकि यहां नहर विभाग के जिलेदार प्रथम और सहायक अधिशासी अभियंता का कार्यालय है।
यहां से पीलीभीत माधव टांडा और लखीमपुर से होते हुए सीतापुर श्यामनाथन तक 350 किलोमीटर क्षेत्र में नहरों की संचालन व्यवस्था देखी जाती है।
गोला उपखंड प्रथम से सीतापुर ब्रांच और खीरी ब्रांच से संबद्ध पांच रजवहा तथा 21 माइनर नहरें हैं। जिनकी संचालन व्यवस्था यहां से नियंत्रित होती है। सूत्रों के अनुसार यहां पर कर्मचारियों की कमी है। इतने बड़े व्यवस्थापन में महज दो जेई और एक मेठ है।
जेई अभिषेक सिंह ने बताया कि यहां खंडहर जैसे भवन हुआ करते थे। झाड़-झंखाड़ से जंगल जैसा माहौल था। अब एक करोड़ 42 लाख की लागत से इसका जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। साथ ही कर्मचारियों के आवास और एक पार्क का निर्माण भी होगा।
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इसी के साथ जीर्णोद्धार का काम शुरू हो गया है। यहां से पीलीभीत, लखीमपुर और सीतापुर सहित तीन जिलों में 350 किलोमीटर नहरों का संचालन होता है।
कई दशकों से गोला में सिंचाई विभाग के उपखंड प्रथम की व्यवस्था बदहाल थी, जबकि यहां नहर विभाग के जिलेदार प्रथम और सहायक अधिशासी अभियंता का कार्यालय है।
यहां से पीलीभीत माधव टांडा और लखीमपुर से होते हुए सीतापुर श्यामनाथन तक 350 किलोमीटर क्षेत्र में नहरों की संचालन व्यवस्था देखी जाती है।
गोला उपखंड प्रथम से सीतापुर ब्रांच और खीरी ब्रांच से संबद्ध पांच रजवहा तथा 21 माइनर नहरें हैं। जिनकी संचालन व्यवस्था यहां से नियंत्रित होती है। सूत्रों के अनुसार यहां पर कर्मचारियों की कमी है। इतने बड़े व्यवस्थापन में महज दो जेई और एक मेठ है।
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जेई अभिषेक सिंह ने बताया कि यहां खंडहर जैसे भवन हुआ करते थे। झाड़-झंखाड़ से जंगल जैसा माहौल था। अब एक करोड़ 42 लाख की लागत से इसका जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। साथ ही कर्मचारियों के आवास और एक पार्क का निर्माण भी होगा।
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