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बुद्धापुरवा में बाघ ने भैंस को बनाया निवाला
अमर उजाला ब्यूरो पलिया/मझगईं।
Updated Sat, 28 Jan 2017 10:31 PM IST
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tiger
- फोटो : अमर उजाला
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भीरा और मझगईं क्षेत्र में फैली बाघ की दहशत, ग्रामीण भयभीत
इलाके में इन दिनों बाघ की दहशत से ग्रामीण भयभीत हैं। भीरा क्षेत्र के इमलिया, नानक फार्म के साथ ही अन्य गांवों में भी बाघ की दहशत है। वहीं मझगईं क्षेत्र के ग्राम बुद्धापुरवा में बाघ ने एक भैंस को अपना निवाला बना लिया है। इससे पहले भी बाघ अभी तक कई मवेशियों के साथ ही दो इंसानों की जान ले चुका है।
इलाके में बाघ की दहशत बढ़ती ही जा रही है। मझगईं क्षेत्र के भगवंतनगर गुलरा निवासी रामस्वरूप यादव की भैंस दो दिन पहले घारी से निकलकर चली गई थी। काफी खोजबीन पर बुद्धापुरवा के पास एक बाग में भैंस का आधा खाया हुआ शव मिला था। कुछ दूर पर झाड़ी में बाघ के बैठे होने से लोग वहां से भाग गए और इसकी सूचना वनकर्मियों को दी। वनकर्मियों ने घटना स्थल पहुंचकर भैंस के शव को जमीन में दफन करा दिया। साथ ही लोगों को सावधानी बरतने की हिदायत दी।
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहायक परियोजना अधिकारी राधेश्याम भार्गव ने किसान को जल्द मुआवजा दिलाए जाने का आश्वासन दिया है। उधर, भीरा क्षेत्र के नानक फार्म, इमलिया फार्म, मटैहिया, मझौरा, बोझवा आदि गांवों में भी बाघ की दहशत से ग्रामीण भयभीत हैं। ग्रामीणों के अनुसार रात में बाघ के दहाड़ने की आवाजें आती हैं। किसान रूड सिंह के खेत में भी ग्रामीणों ने बाघ को देखा है, जबकि इस बाबत भीरा रेंज अधिकारी कुछ भी बताने से इनकार कर रहे हैं।
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इलाके में इन दिनों बाघ की दहशत से ग्रामीण भयभीत हैं। भीरा क्षेत्र के इमलिया, नानक फार्म के साथ ही अन्य गांवों में भी बाघ की दहशत है। वहीं मझगईं क्षेत्र के ग्राम बुद्धापुरवा में बाघ ने एक भैंस को अपना निवाला बना लिया है। इससे पहले भी बाघ अभी तक कई मवेशियों के साथ ही दो इंसानों की जान ले चुका है।
इलाके में बाघ की दहशत बढ़ती ही जा रही है। मझगईं क्षेत्र के भगवंतनगर गुलरा निवासी रामस्वरूप यादव की भैंस दो दिन पहले घारी से निकलकर चली गई थी। काफी खोजबीन पर बुद्धापुरवा के पास एक बाग में भैंस का आधा खाया हुआ शव मिला था। कुछ दूर पर झाड़ी में बाघ के बैठे होने से लोग वहां से भाग गए और इसकी सूचना वनकर्मियों को दी। वनकर्मियों ने घटना स्थल पहुंचकर भैंस के शव को जमीन में दफन करा दिया। साथ ही लोगों को सावधानी बरतने की हिदायत दी।
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डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहायक परियोजना अधिकारी राधेश्याम भार्गव ने किसान को जल्द मुआवजा दिलाए जाने का आश्वासन दिया है। उधर, भीरा क्षेत्र के नानक फार्म, इमलिया फार्म, मटैहिया, मझौरा, बोझवा आदि गांवों में भी बाघ की दहशत से ग्रामीण भयभीत हैं। ग्रामीणों के अनुसार रात में बाघ के दहाड़ने की आवाजें आती हैं। किसान रूड सिंह के खेत में भी ग्रामीणों ने बाघ को देखा है, जबकि इस बाबत भीरा रेंज अधिकारी कुछ भी बताने से इनकार कर रहे हैं।
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