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Lakhimpur Kheri News: गांव-गांव तक पहुंचाएं बाढ़ की पूर्व चेतावनी
Wed, 27 May 2026 11:10 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 27 May 2026 11:10 PM IST
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लखीमपुर खीरी। संभावित बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। डीएम अंजनी कुमार सिंह ने कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय बाढ़ स्टेरिंग ग्रुप की बैठक कर अधिकारियों को पहले से तैयारी पूरी रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित गांवों की सूची तैयार कर उन्हें सेक्टर और जोन में बांटा जाए, ताकि आपात स्थिति में राहत कार्य तेजी से किए जा सकें। डीएम ने बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता और एसडीएम को संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि जिन क्षेत्रों में संपर्क मार्ग टूटने की आशंका रहती है, वहां पहले से वैकल्पिक मार्ग तय किए जाएं।
उन्होंने शिविरों में दवाओं, एंटी-स्नेक वेनम, टीकाकरण, शुद्ध पेयजल, निर्बाध बिजली, शौचालय, मोबाइल-वायरलेस नेटवर्क और वाहनों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग से मानसून से पहले बांधों और तटबंधों का काम शत-प्रतिशत पूरा कराने को कहा गया।
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सीडीओ अभिषेक कुमार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कम्युनिकेशन प्लान इस तरह तैयार किया जा रहा है कि अंतिम व्यक्ति तक समय से बाढ़ की पूर्व चेतावनी पहुंच सके।
उन्होंने जलमग्न क्षेत्रों से पशुओं की सुरक्षित निकासी, मवेशियों के लिए चारा, पशु शिविर और टीकाकरण व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। सभी बीडीओ को संवेदनशील बाढ़ क्षेत्रों की गौशालाएं चिह्नित कर गोवंश शिफ्टिंग की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
सीडीओ ने बताया कि जिला आपदा नियंत्रण कक्ष का टोल-फ्री नंबर 1077 सक्रिय रहेगा। मल्लाहों और गोताखोरों की सूची मोबाइल नंबर सहित अपडेट रखने के निर्देश भी दिए गए।
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डीएम ने की कृषक दुर्घटना योजना की समीक्षा
लखीमपुर खीरी। डीएम अंजनी कुमार सिंह ने बुधवार को मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के दावों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि या खेतिहर मजदूरी पर निर्भर परिवारों में दुर्घटना से मृत्यु होने पर आश्रितों को योजना का लाभ हर हाल में मिले। डीएम ने कहा कि यह शासन की महत्वपूर्ण और संवेदनशील योजना है, जिसका उद्देश्य किसानों और खेतिहर मजदूरों के परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देना है। इसमें कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित नहीं रहना चाहिए। संवाद
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उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित गांवों की सूची तैयार कर उन्हें सेक्टर और जोन में बांटा जाए, ताकि आपात स्थिति में राहत कार्य तेजी से किए जा सकें। डीएम ने बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता और एसडीएम को संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि जिन क्षेत्रों में संपर्क मार्ग टूटने की आशंका रहती है, वहां पहले से वैकल्पिक मार्ग तय किए जाएं।
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उन्होंने शिविरों में दवाओं, एंटी-स्नेक वेनम, टीकाकरण, शुद्ध पेयजल, निर्बाध बिजली, शौचालय, मोबाइल-वायरलेस नेटवर्क और वाहनों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग से मानसून से पहले बांधों और तटबंधों का काम शत-प्रतिशत पूरा कराने को कहा गया।
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सीडीओ अभिषेक कुमार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कम्युनिकेशन प्लान इस तरह तैयार किया जा रहा है कि अंतिम व्यक्ति तक समय से बाढ़ की पूर्व चेतावनी पहुंच सके।
उन्होंने जलमग्न क्षेत्रों से पशुओं की सुरक्षित निकासी, मवेशियों के लिए चारा, पशु शिविर और टीकाकरण व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। सभी बीडीओ को संवेदनशील बाढ़ क्षेत्रों की गौशालाएं चिह्नित कर गोवंश शिफ्टिंग की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
सीडीओ ने बताया कि जिला आपदा नियंत्रण कक्ष का टोल-फ्री नंबर 1077 सक्रिय रहेगा। मल्लाहों और गोताखोरों की सूची मोबाइल नंबर सहित अपडेट रखने के निर्देश भी दिए गए।
डीएम ने की कृषक दुर्घटना योजना की समीक्षा
लखीमपुर खीरी। डीएम अंजनी कुमार सिंह ने बुधवार को मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के दावों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि या खेतिहर मजदूरी पर निर्भर परिवारों में दुर्घटना से मृत्यु होने पर आश्रितों को योजना का लाभ हर हाल में मिले। डीएम ने कहा कि यह शासन की महत्वपूर्ण और संवेदनशील योजना है, जिसका उद्देश्य किसानों और खेतिहर मजदूरों के परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देना है। इसमें कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित नहीं रहना चाहिए। संवाद