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सांसों पर संकट : कहीं प्लांट बंद, कहीं ऑक्सीजन सिलिंडर खाली

Tue, 21 Apr 2026 11:14 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Tue, 21 Apr 2026 11:14 PM IST
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Breathing crisis: Somewhere the plant is closed, somewhere the oxygen cylinder is empty
इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों को कंसंट्रेटर से दी जा रही ऑक्सीजन। संवाद
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लखीमपुर खीरी/ओयल।
पीलीभीत के बरखेड़ा सीएचसी में बिजली के अभाव में कंसंट्रेटर न चलने से नवजात की मौत के बाद मंगलवार को जिले के अस्पतालों की पड़ताल कराई गई, जिसमें कई जगह हालात खराब मिले। कई सीएचसी और पीएचसी में ऑक्सीजन प्लांट तो दूर कंसंट्रेटर और सिलिंडर तक नहीं हैं। कहीं सिलिंडर खाली मिला तो कहीं जनरेटर न होने से उपकरण बेकार पड़े हैं।
ओयल स्थित जिला अस्पताल परिसर में 1000 लीटर प्रति मिनट क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट लगा है, लेकिन सर्विस के अभाव में बंद पड़ा है। इससे ऑक्सीजन प्वाइंट की सप्लाई बाधित है और मरीजों को कंसंट्रेटर व ऑक्सीजन सिलिंडरों के सहारे ऑक्सीजन दी जा रही है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजकुमार कोली ने बताया कि प्लांट की सर्विसिंग के लिए एक पार्ट मंगाया गया है। फिलहाल कंसंट्रेटर और सिलिंडर से काम चलाया जा रहा है। लाइट के लिए जनरेटर की व्यवस्था है।
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बिजुआ सीएचसी में 10 कंसंट्रेटर और 12 ऑक्सीजन सिलिंडर मिले, जबकि मूड़ासवारान पीएचसी में न कंसंट्रेटर है और न ही सिलिंडर। भीरा में एक खाली सिलिंडर मिला, जबकि पड़रिया तुला की स्थिति की जानकारी नहीं हो सकी।
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पसगवां सीएचसी में 24 कंसंट्रेटर और 20 ऑक्सीजन सिलिंडर होने के साथ क्षेत्र के सभी पीएचसी पर दो-दो सिलिंडर और एक-एक कंसंट्रेटर होने का दावा किया गया है। अधीक्षक डॉ. अश्वनी वर्मा ने बताया कि उपकरणों को चलाने के लिए पांच केवीए का इनवर्टर और 25 केवीए का जनरेटर उपलब्ध है।
संपूर्णानगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर तो है, लेकिन सिलिंडर नहीं हैं। यहां जनरेटर भी नहीं है, जिससे बिजली पर ही निर्भरता बनी हुई है। खमरिया सीएचसी में एक कंसंट्रेटर, सात ऑक्सीजन सिलिंडर और जनरेटर की व्यवस्था है, लेकिन वेंटिलेटर नहीं है।
फूलबेहड़ सीएचसी की स्थिति सबसे खराब है, जहां कंसंट्रेटर, वेंटिलेटर और ऑक्सीजन प्लांट कुछ भी नहीं है। इससे 73 ग्राम पंचायतों की करीब सवा लाख आबादी प्रभावित है और मरीजों को 15 से 35 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल जाना पड़ता है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. मुनीश वर्मा ने बताया कि इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
बेहजम सीएचसी में कंसंट्रेटर उपलब्ध हैं। बरबर पीएचसी में दो सिलिंडर, एक कंसंट्रेटर और जनरेटर है, जबकि सिकंदराबाद पीएचसी में कंसंट्रेटर तो है, लेकिन जनरेटर की सुविधा नहीं है।

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गोला सीएचसी का ऑक्सीजन प्लांट तीन महीनों से खराब
गोला गोकर्णनाथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन प्लांट लगा है, लेकिन वह पिछले तीन महीनों से खराब पड़ा है। मरीजों को कंसंट्रेटर से ऑक्सीजन दी जा रही है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि प्लांट में लीकेज की समस्या है, जिसे लोकल स्तर पर ठीक कराना संभव नहीं है। इंजीनियर बाहर से आते हैं। सीएचसी में 15 कंसंट्रेटर और ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध हैं। सीएचसी में वर्ष 2021 में गोविंद शुगर मिल्स लिमिटेड द्वारा करीब 86 लाख रुपये की लागत से ऑक्सीजन प्लांट लगवाया गया था। विद्युत की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए जनरेटर भी मौजूद है।

इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों को कंसंट्रेटर से दी जा रही ऑक्सीजन। संवाद

इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों को कंसंट्रेटर से दी जा रही ऑक्सीजन। संवाद

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