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अपने ही हाथों अपने घर तोड़ कर पलायन कर रहे ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो धौरहरा खीरी।
Updated Mon, 18 Jul 2016 11:13 PM IST
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नदी
- फोटो : अमर उजाला
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कटान के चलते खाली हो रहा हुलासपुरवा गांव
लालापुरवा गांव में नदी में समाती जा रही कृषि भूमि
ईसानगर ब्लाक के हुलासपुरवा गांव में घाघरा नदी की विनाशलीला जारी है। अपने घरों की तरफ तेजी से बढ़ती घाघरा नदी को देख गांव वाले खुद ही अपने आशियाने तोड़ पलायन कर रहे हैं। अब तक इस गांव से दर्जनों लोग पलायन कर चुके हैं। वहीं रमियाबेहड़ के लालापुर गांव के प्राथमिक स्कूल का एक तिहाई हिस्सा काट चुकी घाघरा अब कृषि भूमि निगलने लगी है।
बीते 10 दिनों से हुलासपुरवा, लालापुर, टेडिया, सिद्धनपुरवा में कटान करती चली आ रही घाघरा और उग्र हो उठी है। घाघरा के तेज कटान के चलते हुलासपुरवा के कलीराम, मुस्तकीम, सोहनलाल समेत करीब दस ग्रामीण कटान की जद में आने के बाद अपने घरों को खुद ही तोड़ कर सुरक्षित स्थानों पर पलायन करने लगे हैं। अब तक इस गांव में करीब 20 लोगों के घर नदी में समा चुके हैं। वहीं इसी गांव के चंद्रहास, अखिलेश प्रधान, रामभजन, बृजकिशोर, कल्लूराम, राधेश्याम, रामचंद्र समेत दो दर्जन किसानों के फसलों से लहलहाते खेत घाघरा में समा चुके हैं। अब इन किसानों के पास न खेत बचे है न घर। लोग चकमार्गों पर तिरपाल डाल कर मवेशियों समेत खानाबदोशों की तरह रहने को मजबूर हैं। लालापुर में यासीन, मकसूद, रहूफ मोहम्मद, याकूब, पुत्ती लाल समेत कई लोगों की जमीनें काटकर उन्हें भूमिहीन कर चुकी घाघरा ने गांव के प्राथमिक स्कूल का एक तिहाई हिस्सा काट लिया है। हुलासपुरवा के प्रधान रामभजन कहते है यदि इसी तेजी से कटान होता रहा तो पूरा गांव नदी में समा जाएगा। प्रशासन की तरफ से अब तक कटान पीड़ितों को कोई सहायता नहीं मिल पाई है। तहसीलदार नीरज पटेल ने बताया कि सभी कटान पीड़ितों के खाते लेखपाल से मांगे गए हैं सभी को जल्दी ही शासन से स्वीकृत सहायता राशि उनके बैक खातों में भेज दी जाएगी।
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लालापुरवा गांव में नदी में समाती जा रही कृषि भूमि
ईसानगर ब्लाक के हुलासपुरवा गांव में घाघरा नदी की विनाशलीला जारी है। अपने घरों की तरफ तेजी से बढ़ती घाघरा नदी को देख गांव वाले खुद ही अपने आशियाने तोड़ पलायन कर रहे हैं। अब तक इस गांव से दर्जनों लोग पलायन कर चुके हैं। वहीं रमियाबेहड़ के लालापुर गांव के प्राथमिक स्कूल का एक तिहाई हिस्सा काट चुकी घाघरा अब कृषि भूमि निगलने लगी है।
बीते 10 दिनों से हुलासपुरवा, लालापुर, टेडिया, सिद्धनपुरवा में कटान करती चली आ रही घाघरा और उग्र हो उठी है। घाघरा के तेज कटान के चलते हुलासपुरवा के कलीराम, मुस्तकीम, सोहनलाल समेत करीब दस ग्रामीण कटान की जद में आने के बाद अपने घरों को खुद ही तोड़ कर सुरक्षित स्थानों पर पलायन करने लगे हैं। अब तक इस गांव में करीब 20 लोगों के घर नदी में समा चुके हैं। वहीं इसी गांव के चंद्रहास, अखिलेश प्रधान, रामभजन, बृजकिशोर, कल्लूराम, राधेश्याम, रामचंद्र समेत दो दर्जन किसानों के फसलों से लहलहाते खेत घाघरा में समा चुके हैं। अब इन किसानों के पास न खेत बचे है न घर। लोग चकमार्गों पर तिरपाल डाल कर मवेशियों समेत खानाबदोशों की तरह रहने को मजबूर हैं। लालापुर में यासीन, मकसूद, रहूफ मोहम्मद, याकूब, पुत्ती लाल समेत कई लोगों की जमीनें काटकर उन्हें भूमिहीन कर चुकी घाघरा ने गांव के प्राथमिक स्कूल का एक तिहाई हिस्सा काट लिया है। हुलासपुरवा के प्रधान रामभजन कहते है यदि इसी तेजी से कटान होता रहा तो पूरा गांव नदी में समा जाएगा। प्रशासन की तरफ से अब तक कटान पीड़ितों को कोई सहायता नहीं मिल पाई है। तहसीलदार नीरज पटेल ने बताया कि सभी कटान पीड़ितों के खाते लेखपाल से मांगे गए हैं सभी को जल्दी ही शासन से स्वीकृत सहायता राशि उनके बैक खातों में भेज दी जाएगी।
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