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बीडीओ के परीक्षण के बाद मंजूर होगी कार्ययोजना
ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Sat, 26 Mar 2016 11:21 PM IST
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- फोटो : प्रतिकात्मक तस्वीर
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14वें वित्त आयोग की कार्ययोजना मंजूर होने के बाद खर्च हो सकेगा बजट
केंद्र सरकार से मिले बजट को खर्च करने के लिए ग्राम पंचायतों को जो गाइड लाइन दी गई है, उसके अनुरूप कार्य कराने के लिए जिले के लगभग सभी प्रधानों ने कार्ययोजना खंड विकास अधिकारियों को भेज दी है लेकिन यह बजट तभी रिलीज किया जाएगा, जब बीडीओ कार्ययोजना में प्रस्तावित विकास कार्यों का परीक्षण कर अपनी स्वीकृत दे देंगे। इसके बाद ही 14वें वित्त आयोग के बजट को खर्च करने की मंजूरी मिलेगी।
बता दें कि केंद्र सरकार ने जिले के गांवों के विकास के लिए करीब 39 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। नई ग्राम पंचायतों के गठन के बाद खुले ग्राम निधि के खातों में यह बजट भेज भी दिया गया है। लेकिन इस बार केंद्र सरकार की ओर से गाइड लाइन जारी कर उसी के अनुरूप कार्य कराने का निर्देश दिया है। गाइड लाइन के मुताबिक बजट को कार्यक्रमों के आयोजन, मानदेय देने, सामान की खरीदारी, दूसरे किसी मद में खर्च करने की मनाही है। बजट सिर्फ उन्हीं कार्यों के लिए खर्च किया जाएगा, जो कार्य जनहित से जुड़े हुए हैं और उससे जनसमुदाय का लाभ हो। प्रभारी डीपीआरओ कुरेंद्र पाल ने बताया कि ग्राम पंचायतों से गाइड लाइन के अनुसार 14वें वित्त आयोग से विकास कार्य का प्रस्ताव मांगा गया था। कुल 1167 ग्राम पंचायतों से विकास कार्यों की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है और उन्हें खंड विकास अधिकारियों के पास जमा कराया गया है। डीपीआरओ ने बताया कि डीएम किंजल सिंह ने निर्देश दिया है कि ग्राम पंचायतों की ओर से जो कार्ययोजना बनाई गई है, बीडीओ उन सभी कार्यों का परीक्षण कर लें ताकि यह पता चल सके कि जिस कार्य के लिए बजट की मांग की जा रही है वह कितनी कारगर साबित होगी। इससे कितनी आबादी का फायदा होगा। बीडीओ के परीक्षण के बाद ही डीएम स्तर से बजट खर्च करने को स्वीकृत मिलेगी।
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केंद्र सरकार से मिले बजट को खर्च करने के लिए ग्राम पंचायतों को जो गाइड लाइन दी गई है, उसके अनुरूप कार्य कराने के लिए जिले के लगभग सभी प्रधानों ने कार्ययोजना खंड विकास अधिकारियों को भेज दी है लेकिन यह बजट तभी रिलीज किया जाएगा, जब बीडीओ कार्ययोजना में प्रस्तावित विकास कार्यों का परीक्षण कर अपनी स्वीकृत दे देंगे। इसके बाद ही 14वें वित्त आयोग के बजट को खर्च करने की मंजूरी मिलेगी।
बता दें कि केंद्र सरकार ने जिले के गांवों के विकास के लिए करीब 39 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। नई ग्राम पंचायतों के गठन के बाद खुले ग्राम निधि के खातों में यह बजट भेज भी दिया गया है। लेकिन इस बार केंद्र सरकार की ओर से गाइड लाइन जारी कर उसी के अनुरूप कार्य कराने का निर्देश दिया है। गाइड लाइन के मुताबिक बजट को कार्यक्रमों के आयोजन, मानदेय देने, सामान की खरीदारी, दूसरे किसी मद में खर्च करने की मनाही है। बजट सिर्फ उन्हीं कार्यों के लिए खर्च किया जाएगा, जो कार्य जनहित से जुड़े हुए हैं और उससे जनसमुदाय का लाभ हो। प्रभारी डीपीआरओ कुरेंद्र पाल ने बताया कि ग्राम पंचायतों से गाइड लाइन के अनुसार 14वें वित्त आयोग से विकास कार्य का प्रस्ताव मांगा गया था। कुल 1167 ग्राम पंचायतों से विकास कार्यों की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है और उन्हें खंड विकास अधिकारियों के पास जमा कराया गया है। डीपीआरओ ने बताया कि डीएम किंजल सिंह ने निर्देश दिया है कि ग्राम पंचायतों की ओर से जो कार्ययोजना बनाई गई है, बीडीओ उन सभी कार्यों का परीक्षण कर लें ताकि यह पता चल सके कि जिस कार्य के लिए बजट की मांग की जा रही है वह कितनी कारगर साबित होगी। इससे कितनी आबादी का फायदा होगा। बीडीओ के परीक्षण के बाद ही डीएम स्तर से बजट खर्च करने को स्वीकृत मिलेगी।
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