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Lakhimpur Kheri News: देवकली के सर्पकुंड में स्नान करने से दूर होते हैं सर्प दोष

Mon, 28 Jul 2025 11:53 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 28 Jul 2025 11:53 PM IST
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Bathing in the Serpent pool of Devkali removes the evils of snakes
शिवजी की विशाल मूर्ति के पास स्थापित 12 ज्योतिर्लिंग। संवाद
फरधान। देवकली का देवेश्वर नाथ मंदिर आसपास के जिलों के लोगों की आस्था का केंद्र है। नागपंचमी के दिन काल सर्प योग के निदान के लिए देवकली का विशेष महत्व है। मान्यता है कि यहां राजा जन्मेजय ने पुराण प्रसिद्ध सर्प यज्ञ यहीं पर किया था। सर्पाहुति के लिए बने कुंड में स्नान करने व कुंड की मिट्टी ले जाकर घर में रखने से सांपों के डसने व घरों में आने का भय नहीं रहता।
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देवकली के आचार्य प्रमोद दीक्षित ने बताया कि राजा परीक्षित को मुनि के श्राप के कारण तक्षक नामक सर्प ने डस लिया था और उनकी मौत हो गई थी। परीक्षित के पुत्र जन्मेजय इससे सर्प पर नाराज हो गए उनके वंश को समाप्त करने के लिए सर्प की आहुति के लिए यज्ञ कराया था। देवकली में सर्प यज्ञ करने के लिए यहां एक कुंड खोदवाया गया था। उसी में सांपों की आहुति दी गई थी।
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इससे विश्व के तमाम सर्प उसमें जलकर समाप्त हो गए। अंतिम मंत्र तक्षक सर्प की आहुति के लिए किया। तक्षक सर्प ने अपनी रक्षा के लिए भगवान इंद्र से मदद मांगी और उनके सिंहासन से लिपट गया, जिससे इंद्र का सिंहासन भी यज्ञ कुंड में गिरने लगा। तब इंद्र ने तक्षक सर्प व सिंहासन की रक्षा के लिए ब्राह्मण का वेश धरकर जन्मेजय से अंतिम आहुति वरदान में मांग ली। इससे तक्षक सर्प की जान बच गई।
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नेपाली बाबा ने देवकली में स्थापित किए थे 12 ज्योतिर्लिंग
देवकली तीर्थ स्थल का सर्पों पर विशेष उपकार है। सन् 1994 में नेपाल से आए पूज्य सदगुरुदेव भगवान (श्री भवानी प्रसाद उपाध्याय जी महाराज) नेपाली बाबा के नाम से प्रसिद्ध गुरु ने कुंभी से आच्छादित देवतीर्थ को साफ कराया एवं गोदावरी नदी के जल सहित गंगादि नदियों से जल लाकर तीर्थ को प्रतिष्ठित किया था। भगवान त्रयंम्बकेश्वर (ज्योतिर्लिंग) सहित द्वादश ज्योतिर्लिंगों को प्रतिष्ठित किया है। इसलिए कालसर्प योग शांति के लिए देवकली तीर्थ स्थल का विशेष महत्व है।




मान्यता : सर्प कुंड में स्नान करने से सांपों के डसने का नहीं रहता भय
मंदिर के पुजारी बाबा सुमेर गिरि ने बताया कि नागपंचमी के दिन यहां लगभग 65 वर्षों से मेला लगता आ रहा है। बाबा देवेश्वर नाथ मंदिर के पास ही सर्प कुंड बना हुआ है। इस कुंड में स्नान करने से व्यक्ति को एक वर्ष सांप काटने का भय नहीं रहता। कुंड की मिट्टी घर में रखने से घरों में सांपों के आने का भी भय नहीं रहता है। विशेष कर यहां नाग पंचमी के दिन मेला लगता है। मेले में आए श्रद्धालु कुंड में स्नान करने के साथ मिट्टी घर ले जाते हैं।

शिवजी की विशाल मूर्ति के पास स्थापित 12 ज्योतिर्लिंग। संवाद

शिवजी की विशाल मूर्ति के पास स्थापित 12 ज्योतिर्लिंग। संवाद

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