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गन्ना भुगतान न करने पर गोला मिल पर 14 हजार का जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो गोला गोकर्णनाथ।
Updated Tue, 21 Feb 2017 11:06 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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अध्यासी ओमपाल सिंह ने न्यायालय में स्वीकारा जुर्म
स्थानीय चीनी मिल के अध्यासी ओमपाल सिंह पर गन्ना किसानों का भुगतान न करने के आरोप में न्यायालय ने 14 हजार रुपया जुर्माना डाला है।
सहकारी गन्ना विकास समिति के विशेष सचिव भूपेश कुमार राय ने 10 अप्रैल 2016 को स्थानीय मिल के विरुद्ध कोतवाली में दर्ज करवाई गई तहरीर में लिखा गया था कि मिल ने पूरे पेराई सत्र में 129.29 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की, जिसका गन्ना मूल्य अंकन 36303.27 लाख रुपया हुआ। सात अप्रैल 2016 तक 13097.60 लाख रुपये का ही भुगतान किया गया, जबकि मिल बंद होने की तिथि तक 20434. 42लाख का भुगतान करना चाहिए था। मुकदमे की विवेचना कोतवाल एसएन द्विवेदी ने की और मिल को उप्र गन्ना आपूर्ति विनियम अधिनियम 1953 की धारा 22 की उल्लंघन का दोषी करार देकर चार्जशीट सीजेएम न्यायालय भेज दी। 12 जनवरी 2017 को सीजेएम डॉ दीनानाथ ने आरोपी ओमपाल सिंह को न्यायालय में पेश होने के लिए नोटिस जारी कर 20 फरवरी की तिथि निर्धारित की। आरोपी ओमपाल सिंह ने नियत तिथि से पूर्व 11 फरवरी को लोक अदालत में उपस्थित होकर अपना जुर्म इकबाल कर लिया। तो कोर्ट ने उन पर 14 हजार रुपया जुर्माना ठोंका।
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स्थानीय चीनी मिल के अध्यासी ओमपाल सिंह पर गन्ना किसानों का भुगतान न करने के आरोप में न्यायालय ने 14 हजार रुपया जुर्माना डाला है।
सहकारी गन्ना विकास समिति के विशेष सचिव भूपेश कुमार राय ने 10 अप्रैल 2016 को स्थानीय मिल के विरुद्ध कोतवाली में दर्ज करवाई गई तहरीर में लिखा गया था कि मिल ने पूरे पेराई सत्र में 129.29 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की, जिसका गन्ना मूल्य अंकन 36303.27 लाख रुपया हुआ। सात अप्रैल 2016 तक 13097.60 लाख रुपये का ही भुगतान किया गया, जबकि मिल बंद होने की तिथि तक 20434. 42लाख का भुगतान करना चाहिए था। मुकदमे की विवेचना कोतवाल एसएन द्विवेदी ने की और मिल को उप्र गन्ना आपूर्ति विनियम अधिनियम 1953 की धारा 22 की उल्लंघन का दोषी करार देकर चार्जशीट सीजेएम न्यायालय भेज दी। 12 जनवरी 2017 को सीजेएम डॉ दीनानाथ ने आरोपी ओमपाल सिंह को न्यायालय में पेश होने के लिए नोटिस जारी कर 20 फरवरी की तिथि निर्धारित की। आरोपी ओमपाल सिंह ने नियत तिथि से पूर्व 11 फरवरी को लोक अदालत में उपस्थित होकर अपना जुर्म इकबाल कर लिया। तो कोर्ट ने उन पर 14 हजार रुपया जुर्माना ठोंका।