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किसानों का एलान, आज से गाजीपुर बार्डर की तरह मिल में डालेंगे डेरा
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पलिया चीनी मिल में घरना देते गन्ना किसान।
हर गांव से पक्के तंबू लगी ट्रॉलियां लाने की किसान नेताओं ने की अपील
बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर पांच दिनों से धरने पर हैं किसान
पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर पिछले पांच दिन से मिल परिसर में किसानों का धरना लगातार जारी है। अब किसानों ने तीन दिसंबर से गाजीपुर बॉर्डर की तर्ज पर धरना देने का एलान किया है। इसके लिए हर गांव से तंबू लगी ट्रॉलियां लाने की किसान नेताओं ने अपील की है।
रविवार को किसानों ने पलिया गन्ना समिति में ताला जड़ने के बाद चीनी मिल में धरना शुरू कर दिया था। बृहस्पतिवार को पांचवें दिन भी धरना जारी रहा। किसानों ने कहा कि पांच दिन से वह बकाया गन्ना भुगतान की मांग कर रहे हैं, लेकिन न तो मिल प्रबंधन ने ही कोई परवाह की है और न ही डीएम व जिला गन्ना अधिकारी ही धरनास्थल पर किसानों की बात सुनने पहुंचे हैं। इस बात को लेकर किसानों में काफी नाराजगी है।
किसान नेताओं का कहना है कि हमारी मांग केवल इतनी है कि हमको पिछले वर्ष के गन्ना का बकाया भुगतान करीब 266 करोड़ रुपये मिल दे दे, तभी धरना-प्रदर्शन खत्म होगा। ऐसा न करने पर किसान यहां से उठने वाले नहीं हैं।
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तीन दिसंबर को किसान नेताओं ने हर गांव से पक्के तंबू लगाकर ट्रॉलियां चीनी मिल में लाने की अपील की है। किसान नेताओं का कहना है कि अगर हम एक साल तक गाजीपुर बार्डर पर बैठ सकते हैं तो चीनी मिल में भी बैठ सकते हैं। किसानों ने नारा लगाते हुए ‘जब तक भुगतान नहीं, तब तक गन्ना नहीं’ कहकर अपनी मांग पुरजोर तरीके से उठाई।
कई संगठनों ने किसानों की मांग का किया समर्थन
नगर व्यापार मंडल द्वारा किसानों को पहले ही समर्थन दिया जा चुका है। अब अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला संयोजक कमलेश राय, अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) की जिलाध्यक्ष आरती राय, राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के तहसील अध्यक्ष जगपाल सिंह ढिल्लन, भारतीय किसान यूनियन (अरा) के जिलाध्यक्ष बलजीत सिंह ने भी अपने-अपने संगठनों की तरफ से किसानों को समर्थन दिया है।
लगातार जारी है नाश्ते का लंगर, तैनात है पुलिस बल
किसानों द्वारा जिस दिन से मिल में धरना-प्रदर्शन शुरू किया है उसी दिन से किसानों की तरफ से धरने पर बैठने वालों के लिए चाय-पकौड़ी के नाश्ते का लंगर चलाया जा रहा है, जो पांचवें दिन भी जारी रहा। उधर, एहतियातन भारी संख्या में पुलिस और पीएसी बल भी मिल गेट पर तैनात किया गया है।
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बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर पांच दिनों से धरने पर हैं किसान
पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर पिछले पांच दिन से मिल परिसर में किसानों का धरना लगातार जारी है। अब किसानों ने तीन दिसंबर से गाजीपुर बॉर्डर की तर्ज पर धरना देने का एलान किया है। इसके लिए हर गांव से तंबू लगी ट्रॉलियां लाने की किसान नेताओं ने अपील की है।
रविवार को किसानों ने पलिया गन्ना समिति में ताला जड़ने के बाद चीनी मिल में धरना शुरू कर दिया था। बृहस्पतिवार को पांचवें दिन भी धरना जारी रहा। किसानों ने कहा कि पांच दिन से वह बकाया गन्ना भुगतान की मांग कर रहे हैं, लेकिन न तो मिल प्रबंधन ने ही कोई परवाह की है और न ही डीएम व जिला गन्ना अधिकारी ही धरनास्थल पर किसानों की बात सुनने पहुंचे हैं। इस बात को लेकर किसानों में काफी नाराजगी है।
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किसान नेताओं का कहना है कि हमारी मांग केवल इतनी है कि हमको पिछले वर्ष के गन्ना का बकाया भुगतान करीब 266 करोड़ रुपये मिल दे दे, तभी धरना-प्रदर्शन खत्म होगा। ऐसा न करने पर किसान यहां से उठने वाले नहीं हैं।
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तीन दिसंबर को किसान नेताओं ने हर गांव से पक्के तंबू लगाकर ट्रॉलियां चीनी मिल में लाने की अपील की है। किसान नेताओं का कहना है कि अगर हम एक साल तक गाजीपुर बार्डर पर बैठ सकते हैं तो चीनी मिल में भी बैठ सकते हैं। किसानों ने नारा लगाते हुए ‘जब तक भुगतान नहीं, तब तक गन्ना नहीं’ कहकर अपनी मांग पुरजोर तरीके से उठाई।
कई संगठनों ने किसानों की मांग का किया समर्थन
नगर व्यापार मंडल द्वारा किसानों को पहले ही समर्थन दिया जा चुका है। अब अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला संयोजक कमलेश राय, अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) की जिलाध्यक्ष आरती राय, राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के तहसील अध्यक्ष जगपाल सिंह ढिल्लन, भारतीय किसान यूनियन (अरा) के जिलाध्यक्ष बलजीत सिंह ने भी अपने-अपने संगठनों की तरफ से किसानों को समर्थन दिया है।
लगातार जारी है नाश्ते का लंगर, तैनात है पुलिस बल
किसानों द्वारा जिस दिन से मिल में धरना-प्रदर्शन शुरू किया है उसी दिन से किसानों की तरफ से धरने पर बैठने वालों के लिए चाय-पकौड़ी के नाश्ते का लंगर चलाया जा रहा है, जो पांचवें दिन भी जारी रहा। उधर, एहतियातन भारी संख्या में पुलिस और पीएसी बल भी मिल गेट पर तैनात किया गया है।