फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   agricultural

उन्नतशील तकनीक के इस्तेमाल से गन्ना किसान बढ़ा सकते हैं आमदनी

Sun, 02 Aug 2020 11:01 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2020 11:01 PM IST
विज्ञापन
agricultural
लखीमपुर खीरी। गन्ना की खेती में तकनीक का इस्तेमाल करके आमदनी बढ़ाने के कई अवसर है, जिससे खेती की लागत में कमी आएगी और आमदनी भी बढ़ेगी। इसके लिए गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने किसानों को सुझाव दिए हैं। उन्होंने इस वर्ष गन्ने की उन्नत खेती के लिए उठाए गए कदमों से मिले नतीजों के बारे में बताया है कि स्वस्थ एवं रोगरहित बीजों के इस्तेमाल से गन्ने के उत्पादन में वृद्धि हुई है। इससे किसानों की आय में 1920 रुपये प्रति हेक्टेअर की दर से वृद्धि हुई है।
विज्ञापन

गन्ना किसानों को उन्नतशील तकनीक से जोड़ने की आवश्यकता है, जिसके लिए गन्ना विकास विभाग ने उन्नतशील त्रिस्तरीय बीज उत्पादन कार्यक्रम चलाया है। जिला गन्ना अधिकारी ब्रजेश पटेल ने बताया कि रोगरहित गन्ने की बुआई के लिए नर्सरी तैयार कराई जाएगी, जिसके लिए महिला स्वयं सहायता समूहों का चयन किया गया है। यह महिला समूह ही बड़े पैमाने पर गन्ने की बुआई के लिए पौध तैयार करेंगी, फिर इस पौध का वितरण किया जाएगा। इससे अस्वीकृत गन्ना प्रजाति की बुआई में कमी आएगी। भूमि उपचार कार्यक्रम के माध्यम से बायो फर्टीलाइजर एवं वर्मी कंपोस्ट का प्रयोग करके गन्ने की उपज में वृद्धि होगी और बीमारियों-कीटों में भी कमी आएगी। गन्ना अधिकारी ने बताया कि शरद कालीन गन्ना बुआई में ट्रेंच विधि व सह फसली खेती कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश के किसानों ने दो लाख हेक्टेअर में गन्ने के साथ आलू, लहसुन, हरी मटर, मसूर आदि की सह फसली खेती की, जिससे गन्ना उत्पादन में वृद्धि के साथ एक अतिरिक्त फसल भी प्राप्त हुई। इससे किसानों को 1,13,640 रुपये प्रति हेक्टेअर अतिरिक्त आय मिली है।
विज्ञापन

जल संचयन और मानव स्वास्थ्य को होगा लाभ
गन्ना किसानों की आय तो बढ़ेगी, लेकिन इसके साथ ही जल संचयन के लिए ड्रिप सिंचाई संयंत्र की स्थापना कराई जा रही हैं। इससे पानी की खपत में कमी आएगी। प्रदेश में 17000 हेक्टेअर क्षेत्रफल में ड्रिप सिंचाई संयंत्र से फसलों की सिंचाई की जा रही है। इस ड्रिप सिंचाई संयंत्र से सिंचित क्षेत्रफल को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे सह फसली खेती को भी बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

गन्ना किसानों को सह फसली खेती करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसी वर्ष गन्ने की बुआई के लिए नर्सरी तैयार कराई जाएगी। इसके लिए महिला समूहों का चयन करके उन्हें ट्रेनिंग दिलाई गई है। गन्ना किसानों को पशु पालन, मत्स्य पालन के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
- ब्रजेश पटेल, जिला गन्ना अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed