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Lakhimpur Kheri News: आपकी थाली तक पहुंच रही मिलावट, जांच में फेल हुए 41 नमूने
Tue, 02 Jun 2026 11:38 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 02 Jun 2026 11:38 PM IST
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लखीमपुर खीरी। जिले में लोगों की थाली तक पहुंच रहे दूध, पनीर, मावा, मिठाई समेत कई खाद्य पदार्थ जांच में मानकों पर खरे नहीं उतरे। खाद्य सुरक्षा विभाग की प्रयोगशाला से आई रिपोर्ट में जांचे गए 101 खाद्य पदार्थों के नमूनों में 41 नमूने फेल पाए गए हैं। फेल नमूनों के कारोबारियों के खिलाफ वाद दायर कर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
प्रयोगशाला रिपोर्ट के अनुसार, दूध के 13 में सात, मावा के 11 में पांच, पनीर के 12 में 10, दूध की मिठाई के पांच में दो, बिना दूध की मिठाई के 10 में चार और नमक के चार में एक नमूना फेल पाया गया। अन्य खाद्य पदार्थों के 26 में 10 नमूने फेल मिले, जिनमें दो नमूने असुरक्षित श्रेणी के हैं।
सहायक आयुक्त खाद्य बृजेंद्र शर्मा ने बताया कि मई में 303 दुकानों का निरीक्षण किया गया था। इस दौरान विभिन्न प्रकार के 34 नमूने जांच के लिए भरे गए थे।
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कचरी और बेसन असुरक्षित पाए गए
सहायक आयुक्त खाद्य बृजेंद्र शर्मा ने बताया कि कचरी और बेसन में खाद्य रंग निर्धारित मानक से अधिक पाया गया है। मानक से अधिक खाद्य रंग का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए घातक होता है। इसी वजह से दोनों नमूनों को असुरक्षित श्रेणी में रखा गया है।
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प्रयोगशाला रिपोर्ट के अनुसार, दूध के 13 में सात, मावा के 11 में पांच, पनीर के 12 में 10, दूध की मिठाई के पांच में दो, बिना दूध की मिठाई के 10 में चार और नमक के चार में एक नमूना फेल पाया गया। अन्य खाद्य पदार्थों के 26 में 10 नमूने फेल मिले, जिनमें दो नमूने असुरक्षित श्रेणी के हैं।
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सहायक आयुक्त खाद्य बृजेंद्र शर्मा ने बताया कि मई में 303 दुकानों का निरीक्षण किया गया था। इस दौरान विभिन्न प्रकार के 34 नमूने जांच के लिए भरे गए थे।
कचरी और बेसन असुरक्षित पाए गए
सहायक आयुक्त खाद्य बृजेंद्र शर्मा ने बताया कि कचरी और बेसन में खाद्य रंग निर्धारित मानक से अधिक पाया गया है। मानक से अधिक खाद्य रंग का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए घातक होता है। इसी वजह से दोनों नमूनों को असुरक्षित श्रेणी में रखा गया है।
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