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Lakhimpur Kheri News: ग्राम निधि घोटाले में कार्रवाई, सचिव निलंबित
Mon, 04 May 2026 11:16 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 04 May 2026 11:16 PM IST
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लखीमपुर खीरी। विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धनराशि के दुरुपयोग का मामला सामने आने पर कार्रवाई की गई है। लोकायुक्त की जांच में गड़बड़ी पाए जाने के बाद ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया, जबकि पूर्व प्रधान को 1.47 लाख रुपये के दुरुपयोग के मामले में नोटिस जारी किया गया है। दोनों से धनराशि की वसूली की जाएगी।
बेहजम ब्लॉक के कैमा खुर्द के मजरा मलिकपुर निवासी मोहम्मद सहीर खां ने गांव में कराए गए विकास कार्यों में अनियमितताओं की शिकायत लोकायुक्त से की थी। शिकायत में कहा गया कि 15वें वित्त आयोग और राज्य वित्त आयोग योजना के तहत इंटरलॉकिंग कार्य के लिए 2.48 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे, लेकिन धनराशि का दुरुपयोग किया गया।
लोकायुक्त के निर्देश पर सीतापुर के उपयुक्त श्रम रोजगार, जिला पंचायत राज अधिकारी और सहायक अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की टीम ने जांच की। जांच में ईंट की खोदाई कर गुणवत्ता परखी गई, जिसमें कई अनियमितताएं सामने आईं।
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जांच में तीन स्थानों पर नाली निर्माण में पीली ईंट का प्रयोग पाया गया। कैमा खुर्द के प्राथमिक विद्यालय उमरिया और प्राथमिक विद्यालय मलिकपुर की बाउंड्रीवॉल में भी एस्टीमेट के अनुरूप ईंटें नहीं लगाई गई थीं। खेमकरण के मकान से भगवती के मकान तक इंटरलॉकिंग निर्माण में अधोमानक और गुणवत्ताविहीन ईंटों का उपयोग किया गया। पीसीसी निर्माण में सीमेंट का प्रयोग न किए जाने की भी पुष्टि हुई।
डीपीआरओ विशाल सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर सचिव संदीप कुमार को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही कैमा खुर्द की पूर्व प्रधान उर्मिला देवी को नोटिस जारी किया गया है और उनसे भी धनराशि की वसूली की जाएगी।
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बेहजम ब्लॉक के कैमा खुर्द के मजरा मलिकपुर निवासी मोहम्मद सहीर खां ने गांव में कराए गए विकास कार्यों में अनियमितताओं की शिकायत लोकायुक्त से की थी। शिकायत में कहा गया कि 15वें वित्त आयोग और राज्य वित्त आयोग योजना के तहत इंटरलॉकिंग कार्य के लिए 2.48 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे, लेकिन धनराशि का दुरुपयोग किया गया।
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लोकायुक्त के निर्देश पर सीतापुर के उपयुक्त श्रम रोजगार, जिला पंचायत राज अधिकारी और सहायक अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की टीम ने जांच की। जांच में ईंट की खोदाई कर गुणवत्ता परखी गई, जिसमें कई अनियमितताएं सामने आईं।
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जांच में तीन स्थानों पर नाली निर्माण में पीली ईंट का प्रयोग पाया गया। कैमा खुर्द के प्राथमिक विद्यालय उमरिया और प्राथमिक विद्यालय मलिकपुर की बाउंड्रीवॉल में भी एस्टीमेट के अनुरूप ईंटें नहीं लगाई गई थीं। खेमकरण के मकान से भगवती के मकान तक इंटरलॉकिंग निर्माण में अधोमानक और गुणवत्ताविहीन ईंटों का उपयोग किया गया। पीसीसी निर्माण में सीमेंट का प्रयोग न किए जाने की भी पुष्टि हुई।
डीपीआरओ विशाल सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर सचिव संदीप कुमार को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही कैमा खुर्द की पूर्व प्रधान उर्मिला देवी को नोटिस जारी किया गया है और उनसे भी धनराशि की वसूली की जाएगी।