Lakhimpur Kheri: हजरतगंज जैसी सड़क बनानी थी... फिलहाल चलने लायक भी नहीं, 50 लाख रुपये खर्च, फिर भी ये हाल
लखीमपुर खीरी में संकटा देवी मार्ग को हजरतगंज जैसा बनाने का जिम्मा नगर पालिका ने उठाया था। अब तक 50 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन न सड़क बनी और न डिवाइडर। स्थिति यह है कि सड़क पर चलना मुश्किल हो रहा है।
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लखीमपुर खीरी में संकटा देवी मार्ग अतिक्रमण की भेंट चढ़ गया। लखनऊ के हजरतगंज की तर्ज पर सड़क बनाने की पहल शुरू करते हुए 50 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। कई महीने बीत जाने के बाद भी न सड़क बनी और न ही डिवाइडर का निर्माण पूरा हुआ। कई अतिक्रमणकारियों के कोर्ट में जाने से नगर पालिका के जिम्मेदार भी शांत बैठे हैं।
जनवरी 2024 में संकटा देवी मार्ग को हजरतगंज जैसा बनाने का जिम्मा नगर पालिका ने उठाया था। करीब 55 लाख रुपये की लागत से पहले चरण में बिजली के खंभों को सड़क किनारे शिफ्ट करना और नाला निर्माण कराया जाना था। जिला प्रशासन और नगर पालिका के अधिकारियों की लापरवाही के चलते पहले चरण का काम पूरा नहीं हुआ है। कुछ व्यापारियों की वजह से यह कार्य अधूरा पड़ा है।
खोदाई से सड़क हुई जर्जर
सूत्र बताते हैं कि व्यापारियों और नगर पालिका के अधिकारियों के बीच हुई वार्ता के बाद डिवाइडर के कार्य पर रोक लगा दी गई। अभी हाल यह है कि खोदी गई सड़क इतनी जर्जर है कि गुजरने वाले लोग चोटिल हो रहे हैं। वाहन भी पलट जाते हैं। कुछ माह पहले डिवाइडर के निर्माण का काम शुरू हुआ तो व्यापारियों ने हंगामा कर शुरू कर दिया। व्यापारियों का आरोप था कि सड़क के बीच करीब एक से डेढ़ फुट मोटा डिवाइडर बनने से जाम की समस्या बढ़ जाएगी।
नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव ने बताया कि व्यापारियों के आक्रोश के बाद काम बंद करवा दिया था। अभी डिवाइडर को लेकर मामला असमंजस में है। चुनाव में अधिकारियों की व्यस्तता के चलते निर्णय नहीं लिया जा सका है। चुनाव के बाद ही कार्य दोबारा शुरू हो सकेगा।