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...भये प्रकट कृपाला, दीनदयाला
Lakhimpur
Updated Wed, 30 Jul 2014 05:31 AM IST
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भुइफोरवानाथ मंदिर में श्रीराम कथा जारी, रामजन्म प्रसंग सुनकर झूमे श्रद्धालु
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। शहर के प्राचीन भुइफोरवानाथ शिव मंदिर में चल रही श्रीराम कथा में कथावाचक पं. राजेश शास्त्री ने भगवान श्रीराम जन्मोत्सव की कथा सुनाई। रामजन्म का प्रसंग सुनकर श्रोता भाव-विभोर होकर रामलला की जय-जयकार कर उठे। कथा वाचक के साथ महिला श्रोताओं ने भी बधाइयां गाईं और नृत्यकर खुशी प्रकट की।
कथा वाचक राजेश जी महराज ने बताया कि मनु और शतरूपा के कठिन तप से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उनके घर में पुत्र रूप में जन्म लेकर लीला करने का वरदान दिया था। कालांतर में मनु और शतरूपा ने अयोध्या के राजा दशरथ और रानी कौशल्या के रूप में जन्म लिया। भगवान विष्णु ने त्रेता युग में कौशल्या के गर्भ से श्रीराम के रूप में जन्म लेकर अपने वरदान को पूरा किया।
उन्होंने कहा कि भाव के भूखे भगवान श्री हरि जब अपने चतुर्भुज रूप में प्रकट हुए तो माता कौशल्या बहुत विस्मित हुईं। उन्होंने भगवान से मानव रूप में आने का आह्वान किया। भगवान के बाल रूप में आने पर हर ओर खुशियां छा गईं। कथा व्यास ने कहा कि भक्तों के अहंकार को नष्ट करने के लिए भगवान स्वयं भावना शून्य हो जाते हैं। भगवान के बिना भक्त और भक्त के बिना भगवान का महत्व नहीं होता। मनु और शतरूपा की भक्ति के कारण भगवान पृथ्वी पर मानव रूप में आए।
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श्रीराम जन्म की कथा सुनकर आयोजक रामकली गोस्वामी समेत तमाम श्रोताओं ने खुशियां मनाई। भये प्रकट कृपाला दीन दयाला.......गाकर भगवान श्रीराम की स्तुति की। श्रोता भाव-विभोर होकर झूमने लगे। गोस्वामी परिवार की ओर से भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
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भुइफोरवानाथ में शिवलिंग का होगा बर्फ शृंगार
लखीमपुर खीरी। सावन के अंतिम सोमवार को भुईफोरवानाथ शिव मंदिर में प्राचीन शिवलिंग का बर्फ से भव्य शृंगार किया जाएगा। चार अगस्त को मंदिर में भोले बाबा का विशाल जागरण भी होगा। यह निर्णय शिवभक्तों की एक बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता मंदिर के महंत मुन्ना गिरि ने की।
बैठक में मौजूद शिवभक्तों को कार्यक्रम से संबंधित दायित्व सौंपे गए। कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में शैलेंद्र अवस्थी, जसवीर सिंह, कल्लू मिश्रा, दीपांशु, मयंक सागर, विजय गर्ग, अजय अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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कथा में भाव-विभोर हुए श्रद्धालु
भीखमपुर। क्षेत्र के गांव नगरा में आयोजित सात दिवसीय संगीतमयी रामचरित मानस की कथा में तीसरे दिन कथावाचक पंडित रामनिवास शुक्ल की कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। सीता स्वयंवर की कथा सुनाई गई। इस मौके पर अरविंद मिश्रा, सुंदरम दीक्षित, अरुण मौर्य, राजेद्र यादव, विजय मिश्रा, श्रीकृष्ण, रामनरायण, रामलखन, शुभम सहित तमाम श्रद्धालु मौजूद रहे।
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। शहर के प्राचीन भुइफोरवानाथ शिव मंदिर में चल रही श्रीराम कथा में कथावाचक पं. राजेश शास्त्री ने भगवान श्रीराम जन्मोत्सव की कथा सुनाई। रामजन्म का प्रसंग सुनकर श्रोता भाव-विभोर होकर रामलला की जय-जयकार कर उठे। कथा वाचक के साथ महिला श्रोताओं ने भी बधाइयां गाईं और नृत्यकर खुशी प्रकट की।
कथा वाचक राजेश जी महराज ने बताया कि मनु और शतरूपा के कठिन तप से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उनके घर में पुत्र रूप में जन्म लेकर लीला करने का वरदान दिया था। कालांतर में मनु और शतरूपा ने अयोध्या के राजा दशरथ और रानी कौशल्या के रूप में जन्म लिया। भगवान विष्णु ने त्रेता युग में कौशल्या के गर्भ से श्रीराम के रूप में जन्म लेकर अपने वरदान को पूरा किया।
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उन्होंने कहा कि भाव के भूखे भगवान श्री हरि जब अपने चतुर्भुज रूप में प्रकट हुए तो माता कौशल्या बहुत विस्मित हुईं। उन्होंने भगवान से मानव रूप में आने का आह्वान किया। भगवान के बाल रूप में आने पर हर ओर खुशियां छा गईं। कथा व्यास ने कहा कि भक्तों के अहंकार को नष्ट करने के लिए भगवान स्वयं भावना शून्य हो जाते हैं। भगवान के बिना भक्त और भक्त के बिना भगवान का महत्व नहीं होता। मनु और शतरूपा की भक्ति के कारण भगवान पृथ्वी पर मानव रूप में आए।
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श्रीराम जन्म की कथा सुनकर आयोजक रामकली गोस्वामी समेत तमाम श्रोताओं ने खुशियां मनाई। भये प्रकट कृपाला दीन दयाला.......गाकर भगवान श्रीराम की स्तुति की। श्रोता भाव-विभोर होकर झूमने लगे। गोस्वामी परिवार की ओर से भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
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भुइफोरवानाथ में शिवलिंग का होगा बर्फ शृंगार
लखीमपुर खीरी। सावन के अंतिम सोमवार को भुईफोरवानाथ शिव मंदिर में प्राचीन शिवलिंग का बर्फ से भव्य शृंगार किया जाएगा। चार अगस्त को मंदिर में भोले बाबा का विशाल जागरण भी होगा। यह निर्णय शिवभक्तों की एक बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता मंदिर के महंत मुन्ना गिरि ने की।
बैठक में मौजूद शिवभक्तों को कार्यक्रम से संबंधित दायित्व सौंपे गए। कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में शैलेंद्र अवस्थी, जसवीर सिंह, कल्लू मिश्रा, दीपांशु, मयंक सागर, विजय गर्ग, अजय अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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कथा में भाव-विभोर हुए श्रद्धालु
भीखमपुर। क्षेत्र के गांव नगरा में आयोजित सात दिवसीय संगीतमयी रामचरित मानस की कथा में तीसरे दिन कथावाचक पंडित रामनिवास शुक्ल की कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। सीता स्वयंवर की कथा सुनाई गई। इस मौके पर अरविंद मिश्रा, सुंदरम दीक्षित, अरुण मौर्य, राजेद्र यादव, विजय मिश्रा, श्रीकृष्ण, रामनरायण, रामलखन, शुभम सहित तमाम श्रद्धालु मौजूद रहे।