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बाघ ने दो दिनों में दो बकरियों को बनाया निवाला
Updated Sun, 10 Dec 2017 07:21 PM IST
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बाघ्ा
- फोटो : अमर उजाला
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बांकेगंज। बरौंछा नाले के पास डेरा जमाए बाघ ने पिछले दो दिनों के अंदर दो बकरियों को अपना निवाला बनाया है। आबादी के निकट हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत है। वहीं, संसारपुर में बाघ के पगचिन्ह् दिखने से लोगों में दहशत है।
मैलानी रेंज की जटपुरा बीट से सटे बरौंछा और सोहनरा भूड़ गांव के आसपास नाले के किनारे बाघ का पूरे साल डेरा रहता है। शुक्रवार को बाघ एक बकरी को उस समय उठा कर खा गया, जब बकरियां गांव के पास ही मैदान में चर रहीं थी। शनिवार को फिर पिछले दिन के घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर चर रहीं बकरियों में से बाघ एक बकरी उठा ले गया। बाघ को सामने देख डरे सहमे चरवाहों ने भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई। इससे 25 दिन पहले बाघ ने सोहनरा भूड़ निवासी जितेंद्र पर हमला कर घायल कर दिया था। बन कर्मियों ने बरौंछा और सोहनरा भूड़ गांव के निकट नाले के किनारे बाघ की मौजूदगी की पुष्टि की है। साथ ही ग्रामीणों को आगाह किया है कि वे अपने पशु चराने के लिए उधर न जाएं।
संसारपुर। मैलानी थाना क्षेत्र के ग्राम पसियापुर के दक्षिण पश्चिम छोर पर सालिकराम के खेत में बाघ के ताजे पगचिन्ह् देख कर सुबह खेतों में काम करने पहुंचे ग्रामीण दहशत में आ गए। पसियापुर के नरायनलाल(52) को 28 अगस्त को बाघ ने हमला कर अपना निवाला बना लिया था, तभी से लोग दहशत में हैं और खेतों की तरफ समूह के रूप में निकल रहे हैं। गांव के जितेंद्र, निशान सिंह, महेंद्र, गौतम, रामकुमार ने बताया कि बाघ को अक्सर उन्होंने गन्ने के खेतों के पास टहलते देखा है जिसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को भी दी गई है। उधर, किसानों को गन्ने की फसल काटने के लिए खेतों में जाना मजबूरी है।
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मैलानी रेंज की जटपुरा बीट से सटे बरौंछा और सोहनरा भूड़ गांव के आसपास नाले के किनारे बाघ का पूरे साल डेरा रहता है। शुक्रवार को बाघ एक बकरी को उस समय उठा कर खा गया, जब बकरियां गांव के पास ही मैदान में चर रहीं थी। शनिवार को फिर पिछले दिन के घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर चर रहीं बकरियों में से बाघ एक बकरी उठा ले गया। बाघ को सामने देख डरे सहमे चरवाहों ने भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई। इससे 25 दिन पहले बाघ ने सोहनरा भूड़ निवासी जितेंद्र पर हमला कर घायल कर दिया था। बन कर्मियों ने बरौंछा और सोहनरा भूड़ गांव के निकट नाले के किनारे बाघ की मौजूदगी की पुष्टि की है। साथ ही ग्रामीणों को आगाह किया है कि वे अपने पशु चराने के लिए उधर न जाएं।
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संसारपुर। मैलानी थाना क्षेत्र के ग्राम पसियापुर के दक्षिण पश्चिम छोर पर सालिकराम के खेत में बाघ के ताजे पगचिन्ह् देख कर सुबह खेतों में काम करने पहुंचे ग्रामीण दहशत में आ गए। पसियापुर के नरायनलाल(52) को 28 अगस्त को बाघ ने हमला कर अपना निवाला बना लिया था, तभी से लोग दहशत में हैं और खेतों की तरफ समूह के रूप में निकल रहे हैं। गांव के जितेंद्र, निशान सिंह, महेंद्र, गौतम, रामकुमार ने बताया कि बाघ को अक्सर उन्होंने गन्ने के खेतों के पास टहलते देखा है जिसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को भी दी गई है। उधर, किसानों को गन्ने की फसल काटने के लिए खेतों में जाना मजबूरी है।
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