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दुधवा टूरिज्म सर्किट से जुडेंगे मड़हा और नगरिया
Updated Fri, 16 Nov 2018 04:51 PM IST
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दुधवा टूरिज्म सर्किट से जुड़ेंगे मड़हा और नगरिया
बांकेगंज। जंगल पर्यटन के रोमांच में रुचि रखने वाले सैलानियों के लिए खुशखबरी है। दुधवा नेशनल पार्क और किशनपुर सेंक्चुरी के अलौकिक प्राकृतिक सौंदर्य और दुर्लभ वन्यजीवों का दीदार करने के साथ ही नगरिया झील में रंग-बिरंगे स्थानीय और प्रवासी परिंदों का भी दीदार कर सकेंगे।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी रेंज में बांकेगंज कस्बा से सटी नगरिया झील और किशनुपर सेंक्चुरी के मड़हा को दुधवा टूरिज्म सर्किट से जोड़ने की तैयारियां हो रही हैं। जल्दी ही यह स्थल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनने वाले हैं। इस प्रस्ताव पर दुधवा नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर रमेश कुमार पांडे और दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन डीडी डॉ अनिल कुमार पटेल मंथन कर रहे हैं। डीटीआर बफरजोन की मैलानी रेंज की महुरैना बीट स्थित नगरिया झील अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जानी जाती है। यहां पूरे साल स्थानीय पक्षी तो रहते ही है, सर्दियों के मौसम में ठंडे देशों से हजारों की संख्या में प्रवासी परिंदे आकर चार महीने यहां प्रवास करते हैं। यही सीजन दुधवा के पर्यटन का भी होता है। वन विभाग ने यहां पक्षियों के अध्ययन के लिए वाच टॉवर भी बना रखे हैं।
यह रास्ता भी होगा तैयार
किशनपुर सेंक्चुरी से मड़हा, भीरा होते हुए नगरिया तक रास्ता तैयार किया जाएगा। दुधवा नेशनल पार्क और किशनपुर सेंक्चुरी देखने के बाद सैलानी मैलानी और भीरा के घने जंगलों से गुजरते हुए वहां के वन्यजीवों और कुदरती नजारों का लुत्फ उठाते हुए मड़हा पहुंचेंगे। यदि सैलानी वापस दुधवा न जाना चाहे तो बांकेगंज-गोला होते हुए वापस लौट सकेंगे।
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दुधवा टूरिज्म सर्किट से होंगे ये फायदे
1- नगरिया झील के सर्किट से जुड़ने से स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार।
2- सैलानी जंगल के अधिक क्षेत्र का कर सकेंगे भ्रमण।
3- दुधवा का पर्यटन और अधिक होगा रोमांचकारी।
4- सैलानियों को बाघ और तेंदुए के दीदार होने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
5- दुधवा की आय में होगी बढ़ोत्तरी।
वर्जन.....
किशनपुर सेंक्चुरी से मड़हा, भीरा और नगरिया झील तक दुधवा टूरिज्म सर्किट बनाने की योजना पर विचार चल रहा है। यह टूरिज्म सर्किट बन जाने से दुधवा के सैलानी अधिक वन क्षेत्र का भ्रमण करके दुर्लभ वन्यजीवों के साथ दुर्लभ पक्षियों और जैव विविधतता के दर्शन कर सकेंगे। इससे नगरिया के आसपास रहने वाले लोगों को रोजगार मिलेगा।
रमेश कुमार पांडे, फील्ड डाइरेक्टर, दुधवा नेशनल पार्क।
बांकेगंज। जंगल पर्यटन के रोमांच में रुचि रखने वाले सैलानियों के लिए खुशखबरी है। दुधवा नेशनल पार्क और किशनपुर सेंक्चुरी के अलौकिक प्राकृतिक सौंदर्य और दुर्लभ वन्यजीवों का दीदार करने के साथ ही नगरिया झील में रंग-बिरंगे स्थानीय और प्रवासी परिंदों का भी दीदार कर सकेंगे।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी रेंज में बांकेगंज कस्बा से सटी नगरिया झील और किशनुपर सेंक्चुरी के मड़हा को दुधवा टूरिज्म सर्किट से जोड़ने की तैयारियां हो रही हैं। जल्दी ही यह स्थल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनने वाले हैं। इस प्रस्ताव पर दुधवा नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर रमेश कुमार पांडे और दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन डीडी डॉ अनिल कुमार पटेल मंथन कर रहे हैं। डीटीआर बफरजोन की मैलानी रेंज की महुरैना बीट स्थित नगरिया झील अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जानी जाती है। यहां पूरे साल स्थानीय पक्षी तो रहते ही है, सर्दियों के मौसम में ठंडे देशों से हजारों की संख्या में प्रवासी परिंदे आकर चार महीने यहां प्रवास करते हैं। यही सीजन दुधवा के पर्यटन का भी होता है। वन विभाग ने यहां पक्षियों के अध्ययन के लिए वाच टॉवर भी बना रखे हैं।
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यह रास्ता भी होगा तैयार
किशनपुर सेंक्चुरी से मड़हा, भीरा होते हुए नगरिया तक रास्ता तैयार किया जाएगा। दुधवा नेशनल पार्क और किशनपुर सेंक्चुरी देखने के बाद सैलानी मैलानी और भीरा के घने जंगलों से गुजरते हुए वहां के वन्यजीवों और कुदरती नजारों का लुत्फ उठाते हुए मड़हा पहुंचेंगे। यदि सैलानी वापस दुधवा न जाना चाहे तो बांकेगंज-गोला होते हुए वापस लौट सकेंगे।
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दुधवा टूरिज्म सर्किट से होंगे ये फायदे
1- नगरिया झील के सर्किट से जुड़ने से स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार।
2- सैलानी जंगल के अधिक क्षेत्र का कर सकेंगे भ्रमण।
3- दुधवा का पर्यटन और अधिक होगा रोमांचकारी।
4- सैलानियों को बाघ और तेंदुए के दीदार होने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
5- दुधवा की आय में होगी बढ़ोत्तरी।
वर्जन.....
किशनपुर सेंक्चुरी से मड़हा, भीरा और नगरिया झील तक दुधवा टूरिज्म सर्किट बनाने की योजना पर विचार चल रहा है। यह टूरिज्म सर्किट बन जाने से दुधवा के सैलानी अधिक वन क्षेत्र का भ्रमण करके दुर्लभ वन्यजीवों के साथ दुर्लभ पक्षियों और जैव विविधतता के दर्शन कर सकेंगे। इससे नगरिया के आसपास रहने वाले लोगों को रोजगार मिलेगा।
रमेश कुमार पांडे, फील्ड डाइरेक्टर, दुधवा नेशनल पार्क।