{"_id":"5b50d6414f1c1b52748b5d4d","slug":"61532024385-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार की कालिख ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार की कालिख
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 20 Jul 2018 12:17 AM IST
विज्ञापन
pm awas
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में भ्रष्टाचार की कालिख पोतने में नगर पालिका परिषद के एक सदस्य का नाम आने के बाद डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने एफआईआर दर्ज कराने के आदेश कोतवाली धौरहरा पुलिस को दिए हैं। इसके साथ ही एसडीएम और ईओ को ऐसे मामले संज्ञान में आते ही तत्काल कार्रवाई कराने के निर्देश दिए।
नगर पंचायत धौरहरा के पठान वार्ड, जुलाहन टोला निवासी प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी राजरानी पत्नी रंगीलाल पासी ने डीएम से मिलकर शिकायती पत्र दिया, जिसमें उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किस्त के पचास हजार रुपये तीन माह पूर्व इलाहाबाद बैंक से निकाले थे। पैसा निकालते ही मोहल्ले के वार्ड सदस्य डॉक्टर सलीम अहमद घर आ गए और कहा कि आवास का निर्माण कराना वार्ड मेंबर की जिम्मेदारी है, इसलिए पचास हजार रुपये दे दो वरना अगली किस्त रोक दी जाएगी। राजरानी का कहना है कि उन्होंने सोचा कि सरकारी आवास है, इसलिए वार्ड मेंबर को ही बनवाना होगा। पैसा न दिया तो कहीं अगली किस्त रुक न जाए, जिससे यह पैसा भी वापस करना पड़े। इससे भयभीत होकर बैंक से निकालकर रखे 50 हजार रुपये उसने वार्ड सदस्य के हाथ पर रख दिए। दो माह बीतने के बाद सदस्य सलीम अहमद ने छह फुट लंबी और छह फुट चौड़ाई के आवास की नींव डलवाई, जिसमें घटिया ईंट लगवाकर ऊपर कच्चा लिंटर डाल दिया। इस पर उसे संदेह हुआ तो मामले की शिकायत करने आई है। लाभार्थी की बात सुनकर डीएम हतप्रभ रह गए और उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए धौरहरा कोतवाल को रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया है।
लाभार्थी ने कहा, घटिया निर्माण सामग्री का किया प्रयोग
लाभार्थी राजरानी ने बताया कि पूरे पचास हजार रुपये नगर पंचायत के सदस्य सलीम ले गए थे और निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया। निर्माण सामग्री बेहद कम डलवाई, जिससे नींव के ऊपर पड़ने वाला लिंटर देखने से कच्चा प्रतीत होता है।
विज्ञापन
54 हजार हो गए खर्च तो आरोप लगा रही लाभार्थी
वार्ड सदस्य सलीम अहमद कहते हैं, खाते से पैसा निकालकर अधिकांश लाभार्थी अन्य जरूरतों मेें खर्च कर देते हैं, इसलिए पैसा ले लिया था कि उसका मकान बन जाए। उसने 32 हजार में सरिया सीमेंट, 10 हजार की ईंट, 10 हजार राजगीर और मजदूरी, दो हजार की बालू, पांच सौ के सरिया बांधने वाले तार दिलाया। कुल 54 हजार पांच सौ का खर्च हुआ है। शेष लाभार्थी को देना न पड़े, इसलिए झूठा आरोप लगा रही है।
प्रधानामंत्री आवास योजना में रिपोर्ट दर्ज करने संबंधी अब तक कोई आदेश नहीं मिला है। डीएम का आदेश मिलते ही मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
सुनील कुमार सिंह, कोतवाल-धौरहरा।
प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर वसूली का खेल
लखीमपुर खीरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी परियोजना प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में भ्रष्टाचार पनप गया है। धौरहरा में एफआईआर दर्ज करने के आदेश के बाद कई और मामले सामने आ रहे हैं। वहीं नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के परियोजना निदेशक राजेश पांडेय कहते हैं कि शिकायतें अनेक मिलती है, जिसके लिए लाभार्थियों को भी समझाते हैं कि किसी के बहकावे में न आएं। कोई पैसा मांगे तो तत्काल उन्हें बताएं।
प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में कुछ महिलाएं मोहल्लों में वसूली कर रही हैं। इसकी शिकायत डूडा दफ्तर से लेकर डीएम तक हो चुकी है। लाभार्थियों के अनुसार, ये महिलाएं खुद को डूडा दफ्तर से आना बताती हैं, जिससे लोग इनके बहकावे में आ जाते हैं। ये महिलाएं दो हजार से लेकर बीस हजार तक की वसूली कर रही हैं। गोला निवासी पवन गुप्ता ने पिछले दिनों डूडा कार्यालय में आकर शिकायत दर्ज कराई कि उसे डराया धमकाया जा रहा है कि अगर पैसा नहीं भरोगे आवास भी कैंसिल हो जाएगा। वहीं जिनकी किस्त आ गई है, उनसे भी वसूली की जा रही है। नगर पालिका परिषदों के कई सदस्यों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि डूडा से पहले जुड़े लोग अब प्रधानमंत्री आवास योजना में वसूली कर रहे हैं। इनकी वजह से मुहल्ले में उन लोगों की भी बदनामी हो रही है।
विज्ञापन
नगर पंचायत धौरहरा के पठान वार्ड, जुलाहन टोला निवासी प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी राजरानी पत्नी रंगीलाल पासी ने डीएम से मिलकर शिकायती पत्र दिया, जिसमें उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किस्त के पचास हजार रुपये तीन माह पूर्व इलाहाबाद बैंक से निकाले थे। पैसा निकालते ही मोहल्ले के वार्ड सदस्य डॉक्टर सलीम अहमद घर आ गए और कहा कि आवास का निर्माण कराना वार्ड मेंबर की जिम्मेदारी है, इसलिए पचास हजार रुपये दे दो वरना अगली किस्त रोक दी जाएगी। राजरानी का कहना है कि उन्होंने सोचा कि सरकारी आवास है, इसलिए वार्ड मेंबर को ही बनवाना होगा। पैसा न दिया तो कहीं अगली किस्त रुक न जाए, जिससे यह पैसा भी वापस करना पड़े। इससे भयभीत होकर बैंक से निकालकर रखे 50 हजार रुपये उसने वार्ड सदस्य के हाथ पर रख दिए। दो माह बीतने के बाद सदस्य सलीम अहमद ने छह फुट लंबी और छह फुट चौड़ाई के आवास की नींव डलवाई, जिसमें घटिया ईंट लगवाकर ऊपर कच्चा लिंटर डाल दिया। इस पर उसे संदेह हुआ तो मामले की शिकायत करने आई है। लाभार्थी की बात सुनकर डीएम हतप्रभ रह गए और उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए धौरहरा कोतवाल को रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
लाभार्थी ने कहा, घटिया निर्माण सामग्री का किया प्रयोग
लाभार्थी राजरानी ने बताया कि पूरे पचास हजार रुपये नगर पंचायत के सदस्य सलीम ले गए थे और निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया। निर्माण सामग्री बेहद कम डलवाई, जिससे नींव के ऊपर पड़ने वाला लिंटर देखने से कच्चा प्रतीत होता है।
विज्ञापन
54 हजार हो गए खर्च तो आरोप लगा रही लाभार्थी
वार्ड सदस्य सलीम अहमद कहते हैं, खाते से पैसा निकालकर अधिकांश लाभार्थी अन्य जरूरतों मेें खर्च कर देते हैं, इसलिए पैसा ले लिया था कि उसका मकान बन जाए। उसने 32 हजार में सरिया सीमेंट, 10 हजार की ईंट, 10 हजार राजगीर और मजदूरी, दो हजार की बालू, पांच सौ के सरिया बांधने वाले तार दिलाया। कुल 54 हजार पांच सौ का खर्च हुआ है। शेष लाभार्थी को देना न पड़े, इसलिए झूठा आरोप लगा रही है।
प्रधानामंत्री आवास योजना में रिपोर्ट दर्ज करने संबंधी अब तक कोई आदेश नहीं मिला है। डीएम का आदेश मिलते ही मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
सुनील कुमार सिंह, कोतवाल-धौरहरा।
प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर वसूली का खेल
लखीमपुर खीरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी परियोजना प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में भ्रष्टाचार पनप गया है। धौरहरा में एफआईआर दर्ज करने के आदेश के बाद कई और मामले सामने आ रहे हैं। वहीं नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के परियोजना निदेशक राजेश पांडेय कहते हैं कि शिकायतें अनेक मिलती है, जिसके लिए लाभार्थियों को भी समझाते हैं कि किसी के बहकावे में न आएं। कोई पैसा मांगे तो तत्काल उन्हें बताएं।
प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में कुछ महिलाएं मोहल्लों में वसूली कर रही हैं। इसकी शिकायत डूडा दफ्तर से लेकर डीएम तक हो चुकी है। लाभार्थियों के अनुसार, ये महिलाएं खुद को डूडा दफ्तर से आना बताती हैं, जिससे लोग इनके बहकावे में आ जाते हैं। ये महिलाएं दो हजार से लेकर बीस हजार तक की वसूली कर रही हैं। गोला निवासी पवन गुप्ता ने पिछले दिनों डूडा कार्यालय में आकर शिकायत दर्ज कराई कि उसे डराया धमकाया जा रहा है कि अगर पैसा नहीं भरोगे आवास भी कैंसिल हो जाएगा। वहीं जिनकी किस्त आ गई है, उनसे भी वसूली की जा रही है। नगर पालिका परिषदों के कई सदस्यों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि डूडा से पहले जुड़े लोग अब प्रधानमंत्री आवास योजना में वसूली कर रहे हैं। इनकी वजह से मुहल्ले में उन लोगों की भी बदनामी हो रही है।