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Lakhimpur Kheri News: हादसों के 23 ठिकाने और बढ़े, छह माह बाद भी सुरक्षा इंतजाम ठप पड़े
Wed, 07 Oct 2026 11:30 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 07 Oct 2026 11:30 PM IST
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उचौलिया क्षेत्र में पुल से पहले नहर किनारे आंधा मोड। संवाद
लखीमपुर खीरी। जिले की सड़कों पर हादसों के 23 नए ठिकाने सामने आए, लेकिन इन्हें सुरक्षित करने की कवायद छह माह से स्वामित्व के पेच में फंसी है। ब्लैक स्पॉट चिह्नित होने के बावजूद अब तक सुरक्षात्मक कार्य शुरू नहीं हो सके हैं। संबंधित स्थानों का स्वामित्व तय होने के बाद ही सुरक्षा इंतजाम कराए जा सकेंगे।
पिछले साल जिले में 25 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए थे। इस बार 23 नए स्थानों को भी ब्लैक स्पॉट की सूची में शामिल किया गया है। इन स्थानों पर हादसों की आशंका को देखते हुए सुरक्षात्मक कार्य कराए जाने हैं।
लोक निर्माण विभाग की ओर से स्वामित्व निर्धारण के लिए विश्वकर्मा पोर्टल पर प्रक्रिया की जा रही है। संबंधित सड़क या स्थान किस विभाग या संस्था के अधीन है, यह स्पष्ट होने के बाद ही सुरक्षात्मक कार्य कराए जा सकेंगे। छह माह बीतने के बाद भी स्वामित्व निर्धारण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। इसी वजह से नए ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा संबंधी काम शुरू नहीं हो सके हैं।
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जिले में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हर माह होती है। इसमें सड़क हादसों की स्थिति और ब्लैक स्पॉट की समीक्षा की जाती है। हादसे रोकने के लिए जरूरी सुरक्षा उपायों पर भी चर्चा होती है। इसके बावजूद 23 नए ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षात्मक कार्य शुरू नहीं हो सके हैं।
इन स्थानों पर सबसे ज्यादा होते हैं हादसे
जिले के पलिया, धौरहरा, निघासन, मैगलगंज, ओयल, मोहम्मदी, खमरिया आदि क्षेत्रों में सबसे अधिक हादसे हुए हैं। इन्हें हादसों का गढ़ भी कहा जाने लगा है। रामापुर-नौरंगाबाद मार्ग पर अंधा मोड़ है। पलिया हाईवे पर भीरा के पास गढ़ी फार्म मोड़ और नब्बूपुरवा मोड़ पर कई लोगों की मौत हो चुकी है। अयोध्यापुरवा के पास दो अंधे मोड़ हैं।
धौरहरा-कफारा हाईवे पर कई जगह गड्ढे हैं। धौरहरा-बसंतापुर मार्ग पर अंधा मोड़ हादसों का कारण बनता है। बसंतापुर पुलिया के पास सड़क संकरी है और मोड़ इतना तीखा है कि सामने से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देते। जलालपुर-तुसौरा अंधे मोड़ पर भी कई लोगों की जान जा चुकी है।
पलिया-निघासन हाईवे पर दुर्गापुरवा मोड़, राजापुरवा, करनपुर कस्बे से कोटवारा मोड़, खजुहा मोड़, केशवापुर में सिसंवा कला मोड़, बख्खारी मोड़, भल्लिया मोड़, रजौरा मोड़ और जलालपुर मोड़ दुर्घटनाओं के केंद्र हैं। इनमें कुछ स्थान ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित हैं, लेकिन अधिकांश स्थानों पर अभी भी ध्यान नहीं दिया गया है।
नए ब्लैक स्पॉट का स्वामित्व निर्धारित किया जा रहा है। इसके लिए विश्वकर्मा पोर्टल पर प्रक्रिया चल रही है। स्वामित्व स्पष्ट होने के बाद संबंधित स्थानों पर सुरक्षात्मक कार्य कराए जाएंगे।
-अनिल यादव, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग-3
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पिछले साल जिले में 25 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए थे। इस बार 23 नए स्थानों को भी ब्लैक स्पॉट की सूची में शामिल किया गया है। इन स्थानों पर हादसों की आशंका को देखते हुए सुरक्षात्मक कार्य कराए जाने हैं।
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लोक निर्माण विभाग की ओर से स्वामित्व निर्धारण के लिए विश्वकर्मा पोर्टल पर प्रक्रिया की जा रही है। संबंधित सड़क या स्थान किस विभाग या संस्था के अधीन है, यह स्पष्ट होने के बाद ही सुरक्षात्मक कार्य कराए जा सकेंगे। छह माह बीतने के बाद भी स्वामित्व निर्धारण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। इसी वजह से नए ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा संबंधी काम शुरू नहीं हो सके हैं।
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जिले में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हर माह होती है। इसमें सड़क हादसों की स्थिति और ब्लैक स्पॉट की समीक्षा की जाती है। हादसे रोकने के लिए जरूरी सुरक्षा उपायों पर भी चर्चा होती है। इसके बावजूद 23 नए ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षात्मक कार्य शुरू नहीं हो सके हैं।
इन स्थानों पर सबसे ज्यादा होते हैं हादसे
जिले के पलिया, धौरहरा, निघासन, मैगलगंज, ओयल, मोहम्मदी, खमरिया आदि क्षेत्रों में सबसे अधिक हादसे हुए हैं। इन्हें हादसों का गढ़ भी कहा जाने लगा है। रामापुर-नौरंगाबाद मार्ग पर अंधा मोड़ है। पलिया हाईवे पर भीरा के पास गढ़ी फार्म मोड़ और नब्बूपुरवा मोड़ पर कई लोगों की मौत हो चुकी है। अयोध्यापुरवा के पास दो अंधे मोड़ हैं।
धौरहरा-कफारा हाईवे पर कई जगह गड्ढे हैं। धौरहरा-बसंतापुर मार्ग पर अंधा मोड़ हादसों का कारण बनता है। बसंतापुर पुलिया के पास सड़क संकरी है और मोड़ इतना तीखा है कि सामने से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देते। जलालपुर-तुसौरा अंधे मोड़ पर भी कई लोगों की जान जा चुकी है।
पलिया-निघासन हाईवे पर दुर्गापुरवा मोड़, राजापुरवा, करनपुर कस्बे से कोटवारा मोड़, खजुहा मोड़, केशवापुर में सिसंवा कला मोड़, बख्खारी मोड़, भल्लिया मोड़, रजौरा मोड़ और जलालपुर मोड़ दुर्घटनाओं के केंद्र हैं। इनमें कुछ स्थान ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित हैं, लेकिन अधिकांश स्थानों पर अभी भी ध्यान नहीं दिया गया है।
नए ब्लैक स्पॉट का स्वामित्व निर्धारित किया जा रहा है। इसके लिए विश्वकर्मा पोर्टल पर प्रक्रिया चल रही है। स्वामित्व स्पष्ट होने के बाद संबंधित स्थानों पर सुरक्षात्मक कार्य कराए जाएंगे।
-अनिल यादव, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग-3