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हथियारों के साये में गन्ना काट रहे जंगल से सटे गांव के लोग
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हथियारों के बल पर गन्ना काट रहे किसान
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व की मैलानी और भीरा रेंज से सटे गांव के लोग बाघों की दहशत में हैं। गन्ना काटने के दौरान किसान काफी सतर्कता बरत रहे हैं। जितने लोग गन्ना काटते हैं, उतने ही लोग लाठी-डंडे लेकर निगरानी में रहते हैं। गन्ना काटने वाले किसान पालतू कुत्तों को भी साथ में रखते हैं। ताकि खतरे का आभास होने पर कुत्ता उन्हें खतरे का संकेत दे सकें।
भले ही बफरजोन की मैलानी और भीरा रेंज जंगल के किनारे पिछले एक साल में बाघ हमले की कोई घटना न हुई हो, लेकिन किसानों में दहशत फिर भी है। इन दिनों गन्ना काटने का काम तेजी से हो रहा है। किसानों को डर है कि जंगल से निकलकर आया कोई बाघ गन्ने के खेत में छिप कर न बैठा हो, इस आशंका के चलते उन्हें हथियारों के साए में गन्ना काटना पड़ रहा है। गन्ना काटने के दौरान किसान पहले तो हांका लगाते हैं, इसके बाद भी शोर मचाते हुए गन्ना काटते हैं। इस दौरान उनके पालतू कुत्ते भी मुस्तैद रहते हैं।
मालूम हो कि सर्दियों के मौसम में जिस समय खेतों में गन्ना तैयार होता है उस समय जंगली सुअर समेत तमाम शाकाहारी जीव भी जंगल से निकलकर खेतों में आ जाते हैं। बाघ भी अपने भोजन की तलाश में गन्ने के खेतों में आकर डेरा डाल देते हैं। पिछले कई वर्षों से गन्ना काटने के दौरान बाघ हमले की घटनाओं में इजाफा हुआ है। इसके चलते गन्ना काटते समय किसानों को सावधानी बरतनी पड़ रही है।
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व की मैलानी और भीरा रेंज से सटे गांव के लोग बाघों की दहशत में हैं। गन्ना काटने के दौरान किसान काफी सतर्कता बरत रहे हैं। जितने लोग गन्ना काटते हैं, उतने ही लोग लाठी-डंडे लेकर निगरानी में रहते हैं। गन्ना काटने वाले किसान पालतू कुत्तों को भी साथ में रखते हैं। ताकि खतरे का आभास होने पर कुत्ता उन्हें खतरे का संकेत दे सकें।
भले ही बफरजोन की मैलानी और भीरा रेंज जंगल के किनारे पिछले एक साल में बाघ हमले की कोई घटना न हुई हो, लेकिन किसानों में दहशत फिर भी है। इन दिनों गन्ना काटने का काम तेजी से हो रहा है। किसानों को डर है कि जंगल से निकलकर आया कोई बाघ गन्ने के खेत में छिप कर न बैठा हो, इस आशंका के चलते उन्हें हथियारों के साए में गन्ना काटना पड़ रहा है। गन्ना काटने के दौरान किसान पहले तो हांका लगाते हैं, इसके बाद भी शोर मचाते हुए गन्ना काटते हैं। इस दौरान उनके पालतू कुत्ते भी मुस्तैद रहते हैं।
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मालूम हो कि सर्दियों के मौसम में जिस समय खेतों में गन्ना तैयार होता है उस समय जंगली सुअर समेत तमाम शाकाहारी जीव भी जंगल से निकलकर खेतों में आ जाते हैं। बाघ भी अपने भोजन की तलाश में गन्ने के खेतों में आकर डेरा डाल देते हैं। पिछले कई वर्षों से गन्ना काटने के दौरान बाघ हमले की घटनाओं में इजाफा हुआ है। इसके चलते गन्ना काटते समय किसानों को सावधानी बरतनी पड़ रही है।
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