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सीएचसी में डॉक्टर नहीं तड़प रहे मरीज
Updated Fri, 24 Aug 2018 12:00 AM IST
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फोटो- 23एलकेएच502
सीएचसी में नवजात को नहीं मिला इलाज, मौत
महिला डॉक्टर न होने से स्टाफ नर्स के भरोसे प्रसव
अमर उजाला ब्यूरो
बांकेगंज। कस्बा स्थित सीएचसी में महिला डॉक्टर न होने का खामियाजा संस्थागत प्रसव के लिए आने वाली प्रसूताओं को भुगतना पड़ रहा है। बुधवार रात अस्पताल में प्रसव के लिए आई एक महिला के नवजात की तबीयत बिगड़ गई, इलाज न मिलने से उसकी मौत हो गई। इससे पहले यहां एक माह में चार शिशुओं की मौत हो चुकी है। बांकेगंज सीएचसी में महिला डॉक्टर न होने से नवजात शिशुओं को इलाज न मिलने से मौत की घटनाएं आए दिन हो रही हैं। ताजी घटना बुधवार रात की है। कस्बा से सटे बांकेपुर गांव निवासी पवन अपनी गर्भवती पत्नी खुशबू को प्रसव के लिए रात करीब एक बजे सीएचसी लाए, महिला डॉक्टर के न होने से स्टाफ नर्स ने आधा घंटे बाद प्रसव कराया। प्रसव के कुछ देर बाद ही नवजात की हालत बिगड़ गई, तीमारदारों के हंगामा करने पर स्टाफ नर्स ने लखीमपुर जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन लखीमपुर ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई।
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पहले भी हो चुकी है नवजात की मौत
बांकेगंज सीएचसी में अगस्त माह में नवजात शिशु की यह चौथी मौत है। इससे पहले 2 अगस्त झाऊपुर निवासी जूली, सात अगस्त राम नगर रोहिणी और 31 जुलाई को भम्मापुर गांव निवासी प्रीती नामक प्रसूताओं के नवजात की मौत हो चुकी है। सीएचसी के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही के चलते कई प्रसूताओं की गोद भरने से पहले ही उजड़ गई। प्रेम बिहारी लाल सिन्हा, प्रमोद कुमार, राकेश,जितेंद्र अरूण आदि ने इस मामले की शिकायत स्वास्थ्य मंत्री,डीएम और सीएमओ से की है।
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वर्जन....
महिला चिकित्सक की कमी के कारण सीएचसी पर महिला डॉक्टर की तैनाती नहीं है, फिर भी मामले की जांच कराई जाएगी। जच्चा को रेफर करने में जानबूझकर देरी की गई होगी तो विभागीय कार्रवाई होगी।
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-डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमओ
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फोटो- 23एलकेएच501
सीएचसी में डॉक्टर न होने पर तीमारदारों ने हंगामा किया
अस्पताल में मौसम जनित बीमारियों के मरीजों की उमड़ी भीड़
अमर उजाला ब्यूरो
बांकेगंज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बृहस्पतिवार को मरीजों की भीड़ सुबह से जमा रही, लेकिन इन मरीजों को देखने के लिए एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। इससे नाराज तीमारदारों ने कई बार हंगामा किया।
बांकेगंज सीएचसी पर अधीक्षक समेत चार डॉक्टरों तैनाती है। इनमें दो डॉक्टर सुशील कुमार नरवरिया और डॉ. सामंत राव सामी अवकाश पर चल रहे हैं। अधीक्षक जिला मुख्यालय पर हो रहे आशा सम्मेलन में गए हुए हैं। बचे एक डॉक्टर सुबह से ही सीएचसी नहीं पहुंचे। बृहस्पतिवार को सुबह से ही मच्छरजनित और पेट से संबंधित बीमारियों से पीड़ित 250 से अधिक मरीज सीएचसी पर पहुंचे, लेकिन वहां इन मरीजों को देखने के लिए कोई डॉक्टर नहीं मिला। दोपहर एक बजे तक इंतजार के बाद तीमारदार सीएचसी गेट पर बैठ गए और हंगामा करने लगे, लेकिन किसी डॉक्टर के न होने पर उनकी समस्या का समाधान न हो सका। परेशान तीमारदारों ने बांकेगंज सीएचसी पर डॉक्टरों के न मिलने की शिकायत सेलफोन से डीएम और सीएमओ से की है। उधर सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल ने इस बाबत जांच कराकर कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
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सीएचसी में नवजात को नहीं मिला इलाज, मौत
महिला डॉक्टर न होने से स्टाफ नर्स के भरोसे प्रसव
अमर उजाला ब्यूरो
बांकेगंज। कस्बा स्थित सीएचसी में महिला डॉक्टर न होने का खामियाजा संस्थागत प्रसव के लिए आने वाली प्रसूताओं को भुगतना पड़ रहा है। बुधवार रात अस्पताल में प्रसव के लिए आई एक महिला के नवजात की तबीयत बिगड़ गई, इलाज न मिलने से उसकी मौत हो गई। इससे पहले यहां एक माह में चार शिशुओं की मौत हो चुकी है। बांकेगंज सीएचसी में महिला डॉक्टर न होने से नवजात शिशुओं को इलाज न मिलने से मौत की घटनाएं आए दिन हो रही हैं। ताजी घटना बुधवार रात की है। कस्बा से सटे बांकेपुर गांव निवासी पवन अपनी गर्भवती पत्नी खुशबू को प्रसव के लिए रात करीब एक बजे सीएचसी लाए, महिला डॉक्टर के न होने से स्टाफ नर्स ने आधा घंटे बाद प्रसव कराया। प्रसव के कुछ देर बाद ही नवजात की हालत बिगड़ गई, तीमारदारों के हंगामा करने पर स्टाफ नर्स ने लखीमपुर जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन लखीमपुर ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई।
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पहले भी हो चुकी है नवजात की मौत
बांकेगंज सीएचसी में अगस्त माह में नवजात शिशु की यह चौथी मौत है। इससे पहले 2 अगस्त झाऊपुर निवासी जूली, सात अगस्त राम नगर रोहिणी और 31 जुलाई को भम्मापुर गांव निवासी प्रीती नामक प्रसूताओं के नवजात की मौत हो चुकी है। सीएचसी के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही के चलते कई प्रसूताओं की गोद भरने से पहले ही उजड़ गई। प्रेम बिहारी लाल सिन्हा, प्रमोद कुमार, राकेश,जितेंद्र अरूण आदि ने इस मामले की शिकायत स्वास्थ्य मंत्री,डीएम और सीएमओ से की है।
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वर्जन....
महिला चिकित्सक की कमी के कारण सीएचसी पर महिला डॉक्टर की तैनाती नहीं है, फिर भी मामले की जांच कराई जाएगी। जच्चा को रेफर करने में जानबूझकर देरी की गई होगी तो विभागीय कार्रवाई होगी।
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-डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमओ
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फोटो- 23एलकेएच501
सीएचसी में डॉक्टर न होने पर तीमारदारों ने हंगामा किया
अस्पताल में मौसम जनित बीमारियों के मरीजों की उमड़ी भीड़
अमर उजाला ब्यूरो
बांकेगंज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बृहस्पतिवार को मरीजों की भीड़ सुबह से जमा रही, लेकिन इन मरीजों को देखने के लिए एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। इससे नाराज तीमारदारों ने कई बार हंगामा किया।
बांकेगंज सीएचसी पर अधीक्षक समेत चार डॉक्टरों तैनाती है। इनमें दो डॉक्टर सुशील कुमार नरवरिया और डॉ. सामंत राव सामी अवकाश पर चल रहे हैं। अधीक्षक जिला मुख्यालय पर हो रहे आशा सम्मेलन में गए हुए हैं। बचे एक डॉक्टर सुबह से ही सीएचसी नहीं पहुंचे। बृहस्पतिवार को सुबह से ही मच्छरजनित और पेट से संबंधित बीमारियों से पीड़ित 250 से अधिक मरीज सीएचसी पर पहुंचे, लेकिन वहां इन मरीजों को देखने के लिए कोई डॉक्टर नहीं मिला। दोपहर एक बजे तक इंतजार के बाद तीमारदार सीएचसी गेट पर बैठ गए और हंगामा करने लगे, लेकिन किसी डॉक्टर के न होने पर उनकी समस्या का समाधान न हो सका। परेशान तीमारदारों ने बांकेगंज सीएचसी पर डॉक्टरों के न मिलने की शिकायत सेलफोन से डीएम और सीएमओ से की है। उधर सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल ने इस बाबत जांच कराकर कार्रवाई किए जाने की बात कही है।