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तीन गांवों के ग्रामीणों में फैली है बाघ की दहशत
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तीन गांवों के ग्रामीणों में बाघ की दहशत
मझगईं-पलिया। इलाके के गंगापुरवा गांव में गाय को निवाला बनाने के बाद ग्रामीणों में बाघ की दहशत है। ग्रामीण खेतों में जाने से कतराने लगे हैं। इसके साथ ही दो अन्य गांवों में भी बाघ की दहशत है। ग्रामीणों के अनुसार बाघ अभी भी इन गांवों के खेतों में विचरण कर रहा है, लेकिन वन विभाग की तरफ से अभी तक बाघ से बचाव के लिए कुछ नहीं किया गया है। जिससे ग्रामीणों में रोष है।
बता दें कि इलाके के गंगापुरवा निवासी कामता व उसकी पत्नी सुशीला देवी ने अपने खेत के पड़ोस में बाघ को गाय खाते समय देखा था। जिसके बाद वहां भगदड़ मच गई थी। इसकी सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर मुआयना भी किया था। ग्रामीणों ने टीम को बताया था कि बाघ अभी भी गन्ने के खेतों में छिपा हुआ है। जिसके कारण खेतों की तरफ जाने से ग्रामीण कतराने लगे हैं। वन विभाग ने भी ग्रामीणों को सतर्कता बरतते हुए खेतों की तरफ जाने को कहा है। गंगापुरवा, कंधरहिया व कोठिया गांव के निवासियों में बाघ की दहशत फैली हुई है। गंगापुरवा के ग्रामीण तो खेतों की तरफ नहीं जा रहे हैं और उनको अभी भी बाघ यहां होने की आशंका है। वन विभाग पर ग्रामीणों ने बचाव के लिए कुछ न करने का आरोप लगाया है तथा अपनी फसल चौपट होने की बात कही है। वन विभाग की तरफ से कोई कार्रवाई न होने के कारण ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
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