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गडकरी के आश्वासन पर जगी बाईपास निर्माण की उम्मीद
Updated Fri, 29 Sep 2017 11:48 PM IST
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विधायक के प्रयास बाद बाईपास निर्माण की उम्मीद जागी
- फोटो : लखीमपुर खीरी, अमर उजाला
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गोला गोकर्णनाथ।
पीलीभीत बस्ती राष्ट्रीय राजमार्ग पर लखीमपुर रोड से मोहम्मदी रोड होते हुए खुटार रोड को मिलाने वाला लगभग पांच किलोमीटर लंबा बाईपास 55 साल से अड़ंगेबाजी में फंसा है। विधायक अरविंद गिरि ने जनहित में बाईपास के संरेखण (एलाइमेंट) संशोधन में स्वीकृति की मांग उठाई तो एक बार फिर इसके निर्माण की उम्मीद जागी है।
नगर के बाईपास के निर्माण का प्रस्ताव 1962 में हुआ था। भूमि के अधिग्रहण मिट्टी पटाई और बजरी भी डाली गई, लेकिन फिर काम बंद हो गया। कई दशक बाद बाईपास निर्माण कार्य शुरू हुआ, जिसमें कोटवारा निवासी मुजफ्फर अली की भूमि का भाग शामिल होना था, किंतु भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई नहीं हो सकी। बाद में यह भूमि मुजफ्फर अली ने रिलायंस के हाथ बेच दी, जिसमें से सड़क में शामिल कुछ भाग को लेकर रिलायंस पेट्रोल पंप लगा दिया गया। यही वजह रही कि बाईपास को एल आकार में लखीमपुर मार्ग की ओर मोड़ दिया गया, जिस पर प्लाट मालिक ने हाईकोर्ट की शरण ली और एक बार फिर बाईपास निर्माण का कार्य रुक गया। 55 वर्षों से बाईपास मार्ग अड़ंगे में पड़ा हुआ है। अब विधायक अरविंद गिरि ने इस बाईपास को रसूलपुर होते हुए जलालपुर मोड़ के पास निकालने के लिए बाईपास के संरेखड़ के लिए प्रस्ताव भूतल एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को सौंपा है।
जाम से बचाने और हादसों को रोकने के लिए बाईपास जरूरी
गोला गोकर्णनाथ।
बाईपास निर्माण की मांग उठने के बाद अमर उजाला ने नगर के व्यापारियों और प्रबुद्घजनों से बात की तो सभी ने बाईपास का निर्माण अत्यंत जरूरी बताया। व्यापार मंडल के अध्यक्ष कैलाशचंद गुप्ता का कहना है कि नगर में जाम और भीड़भाड़ की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। ऐसे में बाईपास का निर्माण जरूरी है। युवा व्यापारी रजनीश गुप्ता का कहना है कि मौजूदा बाईपास का कार्य पिछले कई दशकों से पूर्ण ना हो पाने के कारण यातायात में काफी परेशानी आ रही है। भविष्य को देखते हुए एक नए बाईपास में संशोधन की आवश्यकता है। वहीं सरस्वती विद्या निकेतन के प्रधानाचार्य महेंद्र कुमार त्रिपाठी कहते हैं, नगर में कई कालेज-स्कूल हैं। विद्यालयों के खुलने और छुट्टी के समय नगर की सड़कों पर काफी भीड़ बढ़ जाती है। बाईपास मार्ग बनने से नगर को जाम से छुटकारा मिलेगा। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अरुण अवस्थी का कहना है कि बाईपास मार्ग काफी वर्षों से अड़ंगे में अटका है, जिससे नगर का व्यापार भी प्रभावित है।
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पीलीभीत बस्ती राष्ट्रीय राजमार्ग पर लखीमपुर रोड से मोहम्मदी रोड होते हुए खुटार रोड को मिलाने वाला लगभग पांच किलोमीटर लंबा बाईपास 55 साल से अड़ंगेबाजी में फंसा है। विधायक अरविंद गिरि ने जनहित में बाईपास के संरेखण (एलाइमेंट) संशोधन में स्वीकृति की मांग उठाई तो एक बार फिर इसके निर्माण की उम्मीद जागी है।
नगर के बाईपास के निर्माण का प्रस्ताव 1962 में हुआ था। भूमि के अधिग्रहण मिट्टी पटाई और बजरी भी डाली गई, लेकिन फिर काम बंद हो गया। कई दशक बाद बाईपास निर्माण कार्य शुरू हुआ, जिसमें कोटवारा निवासी मुजफ्फर अली की भूमि का भाग शामिल होना था, किंतु भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई नहीं हो सकी। बाद में यह भूमि मुजफ्फर अली ने रिलायंस के हाथ बेच दी, जिसमें से सड़क में शामिल कुछ भाग को लेकर रिलायंस पेट्रोल पंप लगा दिया गया। यही वजह रही कि बाईपास को एल आकार में लखीमपुर मार्ग की ओर मोड़ दिया गया, जिस पर प्लाट मालिक ने हाईकोर्ट की शरण ली और एक बार फिर बाईपास निर्माण का कार्य रुक गया। 55 वर्षों से बाईपास मार्ग अड़ंगे में पड़ा हुआ है। अब विधायक अरविंद गिरि ने इस बाईपास को रसूलपुर होते हुए जलालपुर मोड़ के पास निकालने के लिए बाईपास के संरेखड़ के लिए प्रस्ताव भूतल एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को सौंपा है।
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जाम से बचाने और हादसों को रोकने के लिए बाईपास जरूरी
गोला गोकर्णनाथ।
बाईपास निर्माण की मांग उठने के बाद अमर उजाला ने नगर के व्यापारियों और प्रबुद्घजनों से बात की तो सभी ने बाईपास का निर्माण अत्यंत जरूरी बताया। व्यापार मंडल के अध्यक्ष कैलाशचंद गुप्ता का कहना है कि नगर में जाम और भीड़भाड़ की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। ऐसे में बाईपास का निर्माण जरूरी है। युवा व्यापारी रजनीश गुप्ता का कहना है कि मौजूदा बाईपास का कार्य पिछले कई दशकों से पूर्ण ना हो पाने के कारण यातायात में काफी परेशानी आ रही है। भविष्य को देखते हुए एक नए बाईपास में संशोधन की आवश्यकता है। वहीं सरस्वती विद्या निकेतन के प्रधानाचार्य महेंद्र कुमार त्रिपाठी कहते हैं, नगर में कई कालेज-स्कूल हैं। विद्यालयों के खुलने और छुट्टी के समय नगर की सड़कों पर काफी भीड़ बढ़ जाती है। बाईपास मार्ग बनने से नगर को जाम से छुटकारा मिलेगा। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अरुण अवस्थी का कहना है कि बाईपास मार्ग काफी वर्षों से अड़ंगे में अटका है, जिससे नगर का व्यापार भी प्रभावित है।
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