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फिर दिखे बाघ और तेंदुआ के पग चिन्ह
Updated Tue, 19 Sep 2017 10:20 PM IST
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फिर दिखे बाघ, तेंदुआ के पद चिह्न, दहशत
ममरी। देवीपुर बीट जंगल से सटे परवस्तनगर गांव के पास धर्मेंद्र सिंह के टयूबवेल पर तेंदुआ और गंगा घाट पर सरदार लाल सिंह के झाले के पास बाघ के पद चिह्न देखे जाने से ग्रामीणों में एक बार फिर दहशत फैल गई है।
पसियापुर के नारायनलाल को निवाला बनाने वाले खूनी बाघ की निगरानी कर रहे रामप्रसाद, राजकुमार, बेचेलाल वन कर्मियों ने पद चिह्नों की पुष्टि करते हुए बताया कि सोमवार की शाम तेंदुआ धर्मेंद्र सिंह के टयूबवेल पर बनी हौजिया में पानी पीते देखा गया। जिसके वहां पर पद चिह्न मिले हैं। वनकर्मियों ने यह भी बताया कि करीब 20 दिनों से गंगा घाट के आसपास घूम रहा खूनी बाघ भी जंगल में न जाकर अभी गन्ने के खेतों में मौजूद है। सुंदरपुर के प्रधान रामबिलास, बीडीसी रामकुमार वर्मा, दयाराम, रामस्वरूप, लालसिंह, जोगा सिंह, बलिहार सिंह और परवस्तनगर के धर्मेंद्र सिंह आदि ग्रामीणों ने तेंदुआ देखे जाने की पुष्टि की है। हालत यह है कि दहशतजदा ग्रामीणों ने खेतों पर जाना बंद कर दिया है। रेंजर एसएन यादव का कहना है कि गांव जंगल के किनारे होने की वजह से कोई भी वन्य जीव वहां पहुंच सकता है, कोई वन्य जीव किसी पर भी अकारण हमला नहीं कर सकता है।
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ममरी। देवीपुर बीट जंगल से सटे परवस्तनगर गांव के पास धर्मेंद्र सिंह के टयूबवेल पर तेंदुआ और गंगा घाट पर सरदार लाल सिंह के झाले के पास बाघ के पद चिह्न देखे जाने से ग्रामीणों में एक बार फिर दहशत फैल गई है।
पसियापुर के नारायनलाल को निवाला बनाने वाले खूनी बाघ की निगरानी कर रहे रामप्रसाद, राजकुमार, बेचेलाल वन कर्मियों ने पद चिह्नों की पुष्टि करते हुए बताया कि सोमवार की शाम तेंदुआ धर्मेंद्र सिंह के टयूबवेल पर बनी हौजिया में पानी पीते देखा गया। जिसके वहां पर पद चिह्न मिले हैं। वनकर्मियों ने यह भी बताया कि करीब 20 दिनों से गंगा घाट के आसपास घूम रहा खूनी बाघ भी जंगल में न जाकर अभी गन्ने के खेतों में मौजूद है। सुंदरपुर के प्रधान रामबिलास, बीडीसी रामकुमार वर्मा, दयाराम, रामस्वरूप, लालसिंह, जोगा सिंह, बलिहार सिंह और परवस्तनगर के धर्मेंद्र सिंह आदि ग्रामीणों ने तेंदुआ देखे जाने की पुष्टि की है। हालत यह है कि दहशतजदा ग्रामीणों ने खेतों पर जाना बंद कर दिया है। रेंजर एसएन यादव का कहना है कि गांव जंगल के किनारे होने की वजह से कोई भी वन्य जीव वहां पहुंच सकता है, कोई वन्य जीव किसी पर भी अकारण हमला नहीं कर सकता है।
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