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जिला कारागार में कवियों ने रचनाओं से बहाई रसधार
Updated Mon, 02 Apr 2018 07:28 PM IST
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जिला कारागार में कवियों ने
रचनाओं से बहाई रसधार
लखीमपुर खीरी।
जिला कारागार में कवि सत्येंद्र द्विवेदी गंगवार के संयोजन में काव्य संध्या हुई। जेल अधीक्षक आरबी पटेल और जेलर ज्ञान प्रकाश के आमंत्रण पर कवियों ने हास्य, व्यंग्य, शृंगार और ओज की रचनाएं पेशकर कवियों ने काव्य की रसधार प्रवाहित की। डॉ. आलोक मिश्र ने मां बागेश्वरी की वंदना के बाद प्रेम का नोट है यारों गीत गाकर श्रोताओं की वाहवाही लूटी।
कवियत्री पूनम भार्गव ने अपने मुक्तकों से समां बांधा। गीतकार राजेंद्र प्रसाद तिवारी कंटक के गीत मेरी छत पे बोले कागा कोई आने वाला है, श्रोताओं ने खूब सराहा। राज किशोर पांडेय की क्षणिकाओं और ओजस्वी मुक्तकों पर बंदियों ने खूब तालियां बजाईं। अवधी के लोक कवि इंद्रपाल वर्मा इंद्र की रचना प्रधान और बदलते परिवेश पर उनकी कविता को श्रोताओं ने खूब सराहा। संयोजक सत्येंद्र द्विवेदी गंवार लखीमपुरी ने कई मर्मस्पर्शी रचनाएं पेश कीं। बृजभूषण शुक्ल ने पाकिस्तान पर आधारित एक ओजस्वी रचना पेश की। जेल प्रशासन की ओर से सभी कवियों को प्रशस्तिपत्र प्रदान किए।
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रचनाओं से बहाई रसधार
लखीमपुर खीरी।
जिला कारागार में कवि सत्येंद्र द्विवेदी गंगवार के संयोजन में काव्य संध्या हुई। जेल अधीक्षक आरबी पटेल और जेलर ज्ञान प्रकाश के आमंत्रण पर कवियों ने हास्य, व्यंग्य, शृंगार और ओज की रचनाएं पेशकर कवियों ने काव्य की रसधार प्रवाहित की। डॉ. आलोक मिश्र ने मां बागेश्वरी की वंदना के बाद प्रेम का नोट है यारों गीत गाकर श्रोताओं की वाहवाही लूटी।
कवियत्री पूनम भार्गव ने अपने मुक्तकों से समां बांधा। गीतकार राजेंद्र प्रसाद तिवारी कंटक के गीत मेरी छत पे बोले कागा कोई आने वाला है, श्रोताओं ने खूब सराहा। राज किशोर पांडेय की क्षणिकाओं और ओजस्वी मुक्तकों पर बंदियों ने खूब तालियां बजाईं। अवधी के लोक कवि इंद्रपाल वर्मा इंद्र की रचना प्रधान और बदलते परिवेश पर उनकी कविता को श्रोताओं ने खूब सराहा। संयोजक सत्येंद्र द्विवेदी गंवार लखीमपुरी ने कई मर्मस्पर्शी रचनाएं पेश कीं। बृजभूषण शुक्ल ने पाकिस्तान पर आधारित एक ओजस्वी रचना पेश की। जेल प्रशासन की ओर से सभी कवियों को प्रशस्तिपत्र प्रदान किए।
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