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पुल का निर्माण बंद होने से राहगीरों को परेशानी
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पुल का निर्माण बंद होने से राहगीरों को परेशानी
- मलाही घाट पर बांसी नदी पर हो चल रहा निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। सेवरही-ठकरहां मार्ग पर स्थित मलाही घाट पर बांसी नदी पर पुल का निर्माण छह माह से बंद है। इसके चलते राहगीरों को आने जाने में कठिनाई हो रही है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पुराना पुल काफी जर्जर है। वह कभी भी गिर सकता है।
उत्तर प्रदेश-बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र के गांवों में सुरक्षित आवागमन के लिए मलाही घाट पर बांसी नदी पर पुल का निर्माण हो रहा है। सेवरही-ठकरहां मार्ग पर बन रहा पुल लगभग छह माह से बंद है। इससे सेवरही सहित बिहार के ठकरहां प्रखंड के अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ मलाही टोला, सिसवनिया, कोइरपट्टी, मोतीपुर, नौका टोला, भुआलपट्टी सहित कई गांवों के लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। मोतीपुर गांव के पूर्व मुखिया सुरेंद्र यादव, मुन्नीलाल चौधरी, जुनेद आलम, शारदा यादव, राजदेव प्रसाद, मायाशंकर निर्गुणायत और विकास मिश्र सहित कई लोगों का कहना है कि अब यह पुराना पुल काफी जर्जर हो चुका है। कभी भी टूट सकता है। इसे देखते हुए बिहार सरकार ने क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों व लोगों की मांग पर वर्ष 2018-19 में लगभग छह करोड़ रुपये की लागत से नए पुल के निर्माण की मंजूरी दी थी। तभी से पुल का निर्माण जारी है। पुल के तीन पाए ही बनकर तैयार हो पाए हैं, लेकिन पुल का एक पाया टेढ़ा हो जाने से उसका निर्माण लगभग छह माह से बंद है। इससे राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। क्षेत्र के आलोक जायसवाल, अजय यादव और धर्मेंद्र शर्मा ने नाराजगी जताई है। इस संबंध में जल संसाधन विभाग गोपालगंज के कार्यपालक अभियंता श्रीनिवास प्रसाद का कहना है कि निर्माणाधीन पुल का शीघ्र ही तकनीकी विशेषज्ञ टीम निरीक्षण करेगी।
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- मलाही घाट पर बांसी नदी पर हो चल रहा निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। सेवरही-ठकरहां मार्ग पर स्थित मलाही घाट पर बांसी नदी पर पुल का निर्माण छह माह से बंद है। इसके चलते राहगीरों को आने जाने में कठिनाई हो रही है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पुराना पुल काफी जर्जर है। वह कभी भी गिर सकता है।
उत्तर प्रदेश-बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र के गांवों में सुरक्षित आवागमन के लिए मलाही घाट पर बांसी नदी पर पुल का निर्माण हो रहा है। सेवरही-ठकरहां मार्ग पर बन रहा पुल लगभग छह माह से बंद है। इससे सेवरही सहित बिहार के ठकरहां प्रखंड के अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ मलाही टोला, सिसवनिया, कोइरपट्टी, मोतीपुर, नौका टोला, भुआलपट्टी सहित कई गांवों के लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। मोतीपुर गांव के पूर्व मुखिया सुरेंद्र यादव, मुन्नीलाल चौधरी, जुनेद आलम, शारदा यादव, राजदेव प्रसाद, मायाशंकर निर्गुणायत और विकास मिश्र सहित कई लोगों का कहना है कि अब यह पुराना पुल काफी जर्जर हो चुका है। कभी भी टूट सकता है। इसे देखते हुए बिहार सरकार ने क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों व लोगों की मांग पर वर्ष 2018-19 में लगभग छह करोड़ रुपये की लागत से नए पुल के निर्माण की मंजूरी दी थी। तभी से पुल का निर्माण जारी है। पुल के तीन पाए ही बनकर तैयार हो पाए हैं, लेकिन पुल का एक पाया टेढ़ा हो जाने से उसका निर्माण लगभग छह माह से बंद है। इससे राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। क्षेत्र के आलोक जायसवाल, अजय यादव और धर्मेंद्र शर्मा ने नाराजगी जताई है। इस संबंध में जल संसाधन विभाग गोपालगंज के कार्यपालक अभियंता श्रीनिवास प्रसाद का कहना है कि निर्माणाधीन पुल का शीघ्र ही तकनीकी विशेषज्ञ टीम निरीक्षण करेगी।
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