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ठगी कर लड़ना चाहता था एमएलए का चुनाव
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ठगी कर लड़ना चाहता था एमएलए का चुनाव
आरोपी पहले भी खड्डा विधानसभा क्षेत्र से लड़ चुका है चुनाव
तीन सदस्यों ने बदल दिया ठगी का तरीका
पडरौना। साइबर सेल, स्वाट टीम और थाना नेबुआ नौरंगिया पुलिस ने ठगी कर एमएलए का चुनाव लड़ने की चाहत रखने के एक आरोपी साइबर ठग को गिरफ्तार किया है। वहीं टीम ने गैंग के एक अन्य सदस्य को भी पकड़ा है।
चुनाव लड़ने की मंशा रखने के आरोपी विजय कुशवाहा पुत्र सुरेश चंद्र कुशवाहा दिवलिया मनिया छपरा थाना रामकोला पर 25,000 का इनाम था। पुलिस ने आरोपियों से 1,03,200 लाख रुपये व अन्य सामान भी बरामद किए हैं। एसपी धवल जायसवाल ने घटना का पर्दाफाश शनिवार को पुलिस लाइन में किया। उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपी था। इसके पहले उस पर आईटी व अन्य मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा दूसरे की पहचान तनवीर आलम उर्फ अमन पुत्र नौशाद अली निवासी तमकुहीराज गुदरी टोला के रूप में हुई। इनके पास से अपराध में उपयोग होने वाले दो लैपटॉप, एक मोटरसाइकिल, नकद, 16 एटीएम कार्ड, 13 आधार कार्ड, छह सिम कार्ड, पांच मोबाइल फोन, एक तमंचा व चार कारतूस बरामद किए गए हैं।
लालच देकर फर्जी सिमकार्ड से खाता लिंक करा करते थे ठगी
एसपी ने बताया कि पकड़े गए अपराधियों ने पूछताछ में यह खुलासा किया कि वह महिलाओं और भोले भाले लोगों को लालच देकर निशाना बनाते थे। पहले कंपनियों से फर्जी मोबाइल नंबर लेकर यूपीआई बनाते थे, फिर इंस्टेंट लोनिंग का पैसा खाते में ट्रांसफर कर उसे निकासी कर लेते थे। यह भी पता चला कि जब तीन सदस्यों की पहले गिरफ्तारी हुई तो ठगी का तरीका बदल दिया। अब भोले भाले लोगों को फुसलाकर फर्जी सिमकार्ड से उनके खाते को लिंक कराते थे और मोबाइल में इसका कंट्रोल लेकर साइबर हैकरों को बेच देते थे। ठगी करने वाले ये अपराधी खातों के एटीएम व पासबुक अपने पास रखते थे। इसके बदले साइबर हैकर्स से भारी धन प्राप्त होता था। इसके अलावा एटीएम से पैसे निकालने आए भोले लोगों का एटीएम पिन देखकर उन्हें बातों में बहलाकर सारा पैसा निकाल लेते थे।
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जुलाई में तीन साथी पकड़े गए थे
एसपी ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 31 जुलाई 2022 को इनके तीन साथी को साइबर पुलिस ने पकड़ लिया था। इसके बाद आरोपियों ने ठगी का तरीका बदल दिया था। पहले यह भोले भाले लोगों को फुसलाकर लालच देकर ठगी करते थे। इसके बाद से एटीएम बदलकर फर्जीवाड़ा करते थे।
ठगी के पैसे से बनना चाहता था विधायक, लड़ चुका था निर्दल चुनाव
विजय कुशवाहा बीते कई सालों से ठगी करता था। पहले वह एटीएम बदलकर लोगों का पैसा ठग लेता था। इसके बाद से वह भोले भाले लोगों को लालच देकर बैंक में खाता खुलवाकर फर्जी सिम कार्ड को साइबर हैकरों का बेच देता था। इसी पैसों से वह खड्डा विधानसभा से चुनाव भी लड़ा था। वह ठगी के पैसों से विधायक बनना चाहता था।
ऑनलाइन महिलाओं को दिया लालच, नहीं हो पाया सफल
एसपी ने बताया कि विजय के मोबाइल में मिली जानकारी के अनुसार उसने कुछ महिलाओं को लालच देकर कुछ लोगों से शारीरिक संबंध बनाने के लिए मैसेज किया था। वह ठगी के साथ-साथ इस धंधे में भी जाना चाहता था।
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आरोपी पहले भी खड्डा विधानसभा क्षेत्र से लड़ चुका है चुनाव
तीन सदस्यों ने बदल दिया ठगी का तरीका
पडरौना। साइबर सेल, स्वाट टीम और थाना नेबुआ नौरंगिया पुलिस ने ठगी कर एमएलए का चुनाव लड़ने की चाहत रखने के एक आरोपी साइबर ठग को गिरफ्तार किया है। वहीं टीम ने गैंग के एक अन्य सदस्य को भी पकड़ा है।
चुनाव लड़ने की मंशा रखने के आरोपी विजय कुशवाहा पुत्र सुरेश चंद्र कुशवाहा दिवलिया मनिया छपरा थाना रामकोला पर 25,000 का इनाम था। पुलिस ने आरोपियों से 1,03,200 लाख रुपये व अन्य सामान भी बरामद किए हैं। एसपी धवल जायसवाल ने घटना का पर्दाफाश शनिवार को पुलिस लाइन में किया। उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपी था। इसके पहले उस पर आईटी व अन्य मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा दूसरे की पहचान तनवीर आलम उर्फ अमन पुत्र नौशाद अली निवासी तमकुहीराज गुदरी टोला के रूप में हुई। इनके पास से अपराध में उपयोग होने वाले दो लैपटॉप, एक मोटरसाइकिल, नकद, 16 एटीएम कार्ड, 13 आधार कार्ड, छह सिम कार्ड, पांच मोबाइल फोन, एक तमंचा व चार कारतूस बरामद किए गए हैं।
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लालच देकर फर्जी सिमकार्ड से खाता लिंक करा करते थे ठगी
एसपी ने बताया कि पकड़े गए अपराधियों ने पूछताछ में यह खुलासा किया कि वह महिलाओं और भोले भाले लोगों को लालच देकर निशाना बनाते थे। पहले कंपनियों से फर्जी मोबाइल नंबर लेकर यूपीआई बनाते थे, फिर इंस्टेंट लोनिंग का पैसा खाते में ट्रांसफर कर उसे निकासी कर लेते थे। यह भी पता चला कि जब तीन सदस्यों की पहले गिरफ्तारी हुई तो ठगी का तरीका बदल दिया। अब भोले भाले लोगों को फुसलाकर फर्जी सिमकार्ड से उनके खाते को लिंक कराते थे और मोबाइल में इसका कंट्रोल लेकर साइबर हैकरों को बेच देते थे। ठगी करने वाले ये अपराधी खातों के एटीएम व पासबुक अपने पास रखते थे। इसके बदले साइबर हैकर्स से भारी धन प्राप्त होता था। इसके अलावा एटीएम से पैसे निकालने आए भोले लोगों का एटीएम पिन देखकर उन्हें बातों में बहलाकर सारा पैसा निकाल लेते थे।
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जुलाई में तीन साथी पकड़े गए थे
एसपी ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 31 जुलाई 2022 को इनके तीन साथी को साइबर पुलिस ने पकड़ लिया था। इसके बाद आरोपियों ने ठगी का तरीका बदल दिया था। पहले यह भोले भाले लोगों को फुसलाकर लालच देकर ठगी करते थे। इसके बाद से एटीएम बदलकर फर्जीवाड़ा करते थे।
ठगी के पैसे से बनना चाहता था विधायक, लड़ चुका था निर्दल चुनाव
विजय कुशवाहा बीते कई सालों से ठगी करता था। पहले वह एटीएम बदलकर लोगों का पैसा ठग लेता था। इसके बाद से वह भोले भाले लोगों को लालच देकर बैंक में खाता खुलवाकर फर्जी सिम कार्ड को साइबर हैकरों का बेच देता था। इसी पैसों से वह खड्डा विधानसभा से चुनाव भी लड़ा था। वह ठगी के पैसों से विधायक बनना चाहता था।
ऑनलाइन महिलाओं को दिया लालच, नहीं हो पाया सफल
एसपी ने बताया कि विजय के मोबाइल में मिली जानकारी के अनुसार उसने कुछ महिलाओं को लालच देकर कुछ लोगों से शारीरिक संबंध बनाने के लिए मैसेज किया था। वह ठगी के साथ-साथ इस धंधे में भी जाना चाहता था।