खड्डा। सरकारी सिस्टम से गुहार के बाद नहीं बनी बात तो खड्डा व निचलौल विकास खंड के ग्रामीणों ने श्रमदान करके रोहुआ नाला पर मिट्टी कार्य कर अस्थायी तौर से आवागमन सुलभ किया है। गंडक नदी पार बसे खडडा विकास खंड के चार तथा महराजगंज जनपद के निचलौल विकास खंड के तीन ग्राम पंचायतों के लगभग 50 हजार जनता को सड़क से जोड़ने वाली नौरगिया-सोहगीबरवा मार्ग में पड़ने वाले रोहुआ नाला में पानी आ जाने से आवागमन में भारी दिक्कत हो रही थी। उल्लेखनीय है कि रोहुआ नाला बिहार व यूपी दोनों सीमा में पड़ता है ,साथ ही वाल्मीकि टाइगर रिजर्व व सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग के अंदर पड़ता है। यहां किसी भी निर्माण के लिए वन विभाग की अनुमति जरूरी है।
यूपी सीमा में नाले पर एक वैकल्पिक पक्का पुलिया बनाया गया है। परंतु विहार के हिस्से में तमाम कोशिश के बावजूद निर्माण नहीं हो सका है। जैसे ही बारिश होती है नाले का पानी बढ़ता है आवागमन पर प्रभाव डालता है। इस समस्या के समाधान के लिए बिहार व यूपी का सरकारी सिस्टम ध्यान नहीं दिया तो सोहगीबरवा, मटियरवा, शिकारपुर, मुजा टोला, भोथहा, नौका टोला, मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर आदि गांव के लोगों ने श्रमदान करके मिट्टी भराई कर वैकल्पिक रूप आने जाने की व्यवस्था की है। इससे कम जलस्तर में आवागमन सुलभ होगा।