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Kushinagar News: निजी सेंटरों के सहारे अल्ट्रासाउंड जांच, मरीज परेशान

Mon, 18 Aug 2025 01:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Mon, 18 Aug 2025 01:32 AM IST
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Ultrasound tests are done with the help of private centers, patients are upset
कुशीनगर। शासन की ओर से बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के लिए कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है, लेकिन जांच के लिए इंतजाम नहीं किया जा सका है। जिससे जिले में स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था लड़खड़ा रही है।
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एक रेडियोलाॅजिस्ट के सहारे अल्ट्रासाउंड जांच की व्यवस्था टिकी हुई है। अन्य किसी सरकारी अस्पताल में जांच की व्यवस्था नहीं है। मेडिकल कालेज में भी मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए एक दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में मरीजों को निजी जांच सेंटर पर जांच करानी पड़ती है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार जिले में कुल 17 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। एक लाख से अधिक आबादी होने पर एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र होता है, लेकिन जिले के किसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों के लिए अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा नहीं है। ऐसे में मरीज या तो लंबी दूरी तय कर जिला अस्पताल में जांच कराते हैं, या निजी जांच सेंटर से महंगे दर पर जांच करानी पड़ रही है। लाेगों ने कहा कि अगर सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड जांच की व्यवस्था होती तो मरीजों को एक रुपये की पर्ची पर जांच व इलाज, दवाई सभी व्यवस्थाए हो जाती। मेडिकल कालेज में प्रतिदिन 20 से 25 मरीजों की वेटिंग रहती है।
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मरीजों को दूसरे दिन बुलाया जाता है। मेडिकल कालेज से संबद्ध जिला अस्पताल में अट्रासाउंड जांच की व्यवस्था है। वर्तमान रेडियोलाॅजिस्ट को ही सीएमओ का कार्यभार मिला है। ऐसे में मरीजों की परेशानी और बढ़ गई है। मरीजों ने कहा कि अगर जिले में रेडियोलाॅजिस्ट की तैनाती होती तो किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती।
सीएचसी हाटा में अल्ट्रासाउंड जांच केवल प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस के दिन स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. बी प्रसाद द्वारा किया जाता है। वहीं चार माह पहले कसया सीएचसी पर मशीन आकर रखी गई है, लेकिन अभी स्टाल नहीं हुआ है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. मारकंडेय चतुर्वेदी ने कहा कि रेडियोलॉजिस्ट न होने से मशीन को स्टाल नहीं किया जा रहा है।

निजी केंद्रों पर देने पड़ते हैं 300 रुपये
यदि निजी सेंटर पर अल्ट्रासाउंड जांच कराया जाए तो 300 से अधिक रुपये लगते है। यदि जिले के सीएचसी स्तर पर मरीजों को जांच की सुविधा मिल जाती तो मरीजों का यह रकम नहीं देना पड़ता अपने करीब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जांच की सुविधा भी मिल जाती।
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