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Kushinagar News: वे 84 घंटे... जिनमें छिपी है हत्या और आत्महत्या के पीछे की कहानी
Tue, 20 Jan 2026 01:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 20 Jan 2026 01:17 AM IST
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अरुण के घर जुटे लोग। स्रोत-सोशल मीडिया
पडरौना। तरयासुजान थाना क्षेत्र के बढ़ई टोला के रहने वाले अरुण और नेहा की मौत के मामले में फिलहाल पुलिस को कोई तहरीर नहीं मिली है पर हत्या और आत्महत्या के इस मामले की उसने अपने स्तर से जांच शुरू कर दी है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी कुछ ऐसा नहीं है, जो कोई संदेह पैदा करे लेकिन कई सवाल हैं, जिनके जवाब तलाशने बाकी हैं। सबसे बड़ा सवाल यह कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि बात यहां तक पहुंच गई। सारे जवाब खिचड़ी पर्व (बृहस्पतिवार) की सुबह से लेकर रविवार शाम चार बजे के बीच के करीब 84 घंटों के बीच मिलने की उम्मीद पुलिस को है। कहा जा रहा है कि अरुण के पिता उसकी नेहा से शादी से नाखुश थे। इस कारण अक्सर दोनों में कहासुनी होती रहती थी। खिचड़ी से एक दिन पहले भी कहासुनी हुई, जिसके बाद अरुण बृहस्पतिवार को नेहा को लेकर कहीं चला गया, पर तीन दिन बाद रविवार सुबह दोनों घर लौट आए।
उसके बाद दिन में अरुण कहीं गया और जब आया तो पत्नी को तैयार होने को कहा, मांग में सिंदूर भरी और फिर पहसुल से गला काट कर हत्या कर दी और फिर अपनी भी जान दे दी। बताया जा रहा है कि पहसुल उसने पहले से ही कमरे में छिपाया था। तो क्या यह सुनियोजित था ? उन तीन दिनों तक वह नेहा के साथ कहां था ? उस दौरान क्या हुआ ? इसका भी जवाब पुलिस तलाश रही है। अगर हत्या की बात उसके दिमाग में पहले से थी तो घर आकर उसने ऐसा क्यों किया? यह तो वह कहीं भी कर सकता था। दूसरा यह कि गांव लौटने के बाद वह किससे मिलने गया था, जहां से लौटने के तुरंत बाद उसने यह वारदात कर दी। हालांकि पहसुल पहले से छिपाकर रखने से ऐसा भी माना जा रहा है कि उसने हत्या का फैसला पहले ही कर लिया था। हालांकि हत्या के तरीके और उस दौरान का घटनाक्रम भी सवाल खड़े कर रहा है। पहसुल से गला काट कर हत्या से ऐसा लग रहा है कि अरुण गुस्से में था, पर अगर गुस्से में था तो उसने नेहा को तैयार होने की बात कह कर उसकी मांग में सिंदूर क्यों भरा? अब पुलिस इन्हीं सवालों के जवाब तलाश रही है।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी कुछ ऐसा नहीं है, जो कोई संदेह पैदा करे लेकिन कई सवाल हैं, जिनके जवाब तलाशने बाकी हैं। सबसे बड़ा सवाल यह कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि बात यहां तक पहुंच गई। सारे जवाब खिचड़ी पर्व (बृहस्पतिवार) की सुबह से लेकर रविवार शाम चार बजे के बीच के करीब 84 घंटों के बीच मिलने की उम्मीद पुलिस को है। कहा जा रहा है कि अरुण के पिता उसकी नेहा से शादी से नाखुश थे। इस कारण अक्सर दोनों में कहासुनी होती रहती थी। खिचड़ी से एक दिन पहले भी कहासुनी हुई, जिसके बाद अरुण बृहस्पतिवार को नेहा को लेकर कहीं चला गया, पर तीन दिन बाद रविवार सुबह दोनों घर लौट आए।
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उसके बाद दिन में अरुण कहीं गया और जब आया तो पत्नी को तैयार होने को कहा, मांग में सिंदूर भरी और फिर पहसुल से गला काट कर हत्या कर दी और फिर अपनी भी जान दे दी। बताया जा रहा है कि पहसुल उसने पहले से ही कमरे में छिपाया था। तो क्या यह सुनियोजित था ? उन तीन दिनों तक वह नेहा के साथ कहां था ? उस दौरान क्या हुआ ? इसका भी जवाब पुलिस तलाश रही है। अगर हत्या की बात उसके दिमाग में पहले से थी तो घर आकर उसने ऐसा क्यों किया? यह तो वह कहीं भी कर सकता था। दूसरा यह कि गांव लौटने के बाद वह किससे मिलने गया था, जहां से लौटने के तुरंत बाद उसने यह वारदात कर दी। हालांकि पहसुल पहले से छिपाकर रखने से ऐसा भी माना जा रहा है कि उसने हत्या का फैसला पहले ही कर लिया था। हालांकि हत्या के तरीके और उस दौरान का घटनाक्रम भी सवाल खड़े कर रहा है। पहसुल से गला काट कर हत्या से ऐसा लग रहा है कि अरुण गुस्से में था, पर अगर गुस्से में था तो उसने नेहा को तैयार होने की बात कह कर उसकी मांग में सिंदूर क्यों भरा? अब पुलिस इन्हीं सवालों के जवाब तलाश रही है।
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