{"_id":"6aaaec139a987f31e50f0742","slug":"there-was-negligence-in-the-newborns-treatment-kushinagar-news-c-205-1-deo1003-168132-2026-09-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: नवजात के इलाज में हुई थी लापरवाही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: नवजात के इलाज में हुई थी लापरवाही
विज्ञापन
पडरौना। कप्तानगंज के सच्चिदानंद हॉस्पिटल में नवजात की मौत के मामले में एक्सपर्ट टीम की रिपोर्ट भी आ गई है। इमें नवजात के इलाज में लापरवाही बरतने की बात कही गई है। 50 बेड से अधिक के अस्पतालों पर होने वाली कार्रवाई का अधिकार सीएमओ को नहीं है। इस लिए अब आगे की कार्रवाई डीएम के निर्देश पर होगी।
सच्चिदानंद हॉस्पिटल में ग्राम अमडरिया के अश्वनी कुमार मिश्रा की चार दिवसीय नवजात बच्ची की 24 अगस्त को सच्चिदानंद हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मौत होने के बाद काफी हंगामा हुआ था और परिजन नवजात का शव लेकर 30 किमी पर पैदल डीएम कार्यालय के लिए चले थे, तत्कालीन एडीएम वैभव मिश्रा के आश्वासन के बाद शहर के सुभाष चौक से लोग वापस लौट गए थे, इस मामले में डीएम ने मजिस्ट्रियल जांच का निर्देश दिया था।
एसडीएम संतराज सिंह बघेल के नेतृत्व में हुई जांच के बाद टीम ने रिपोर्ट डीएम को सौंप दिया। इसके बाद सच्चिदानंद हॉस्पिटल संचालक को सीएमओ ने नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। डीएम के निर्देश पर सीएमओ ने एक्सपर्ट टीम से जांच कराई की, जो पूर्व में रिपोर्ट नवजात के इलाज से जुड़ी दी गई है वह सही है या नहीं, एक्सपर्ट टीम में बाल रोग विशेषज्ञ समेत चार डाक्टर शामिल रहे। एक्सपर्ट टीम ने अपनी रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी हैं, सूत्रों ने बताया कि एक्सपर्ट की जांच में नवजात की इलाज में लापरवाही बरतने की बात सामने आई है। सच्चिदानंंद हॉस्पिटल में समय से पहले जन्म लेने वाले नवजात को रखकर इलाज करने की कोई व्यवस्था नहीं है और न ही कोई विशेषज्ञ डाक्टर, बावजूद नवजात को रखकर इलाज किया गया। सीएमओ के माध्यम से यह रिपोर्ट डीएम को सौंप दी गई है। आगे की कार्रवाई डीएम के स्तर से होनी है, क्यों कि हाई प्रोफाइल मामला होने के कारण पूरी जांच प्रक्रिया की डीएम खुद मॉनिटरिंग कर रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सच्चिदानंद हॉस्पिटल में ग्राम अमडरिया के अश्वनी कुमार मिश्रा की चार दिवसीय नवजात बच्ची की 24 अगस्त को सच्चिदानंद हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मौत होने के बाद काफी हंगामा हुआ था और परिजन नवजात का शव लेकर 30 किमी पर पैदल डीएम कार्यालय के लिए चले थे, तत्कालीन एडीएम वैभव मिश्रा के आश्वासन के बाद शहर के सुभाष चौक से लोग वापस लौट गए थे, इस मामले में डीएम ने मजिस्ट्रियल जांच का निर्देश दिया था।
विज्ञापन
एसडीएम संतराज सिंह बघेल के नेतृत्व में हुई जांच के बाद टीम ने रिपोर्ट डीएम को सौंप दिया। इसके बाद सच्चिदानंद हॉस्पिटल संचालक को सीएमओ ने नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। डीएम के निर्देश पर सीएमओ ने एक्सपर्ट टीम से जांच कराई की, जो पूर्व में रिपोर्ट नवजात के इलाज से जुड़ी दी गई है वह सही है या नहीं, एक्सपर्ट टीम में बाल रोग विशेषज्ञ समेत चार डाक्टर शामिल रहे। एक्सपर्ट टीम ने अपनी रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी हैं, सूत्रों ने बताया कि एक्सपर्ट की जांच में नवजात की इलाज में लापरवाही बरतने की बात सामने आई है। सच्चिदानंंद हॉस्पिटल में समय से पहले जन्म लेने वाले नवजात को रखकर इलाज करने की कोई व्यवस्था नहीं है और न ही कोई विशेषज्ञ डाक्टर, बावजूद नवजात को रखकर इलाज किया गया। सीएमओ के माध्यम से यह रिपोर्ट डीएम को सौंप दी गई है। आगे की कार्रवाई डीएम के स्तर से होनी है, क्यों कि हाई प्रोफाइल मामला होने के कारण पूरी जांच प्रक्रिया की डीएम खुद मॉनिटरिंग कर रहे थे।
विज्ञापन