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Kushinagar News: एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू होने की जगी उम्मीद
Sun, 03 Mar 2024 01:53 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 03 Mar 2024 01:53 AM IST
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कसया। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट कुशीनगर का डीवीओआर (वेरी हाई फ्रीक्वेंसी ओमनी रेंज डाॅप्लर) सिस्टम स्थापित होने के बाद कैलिब्रेशन हो गया है। इसकी कमीशनिंग की प्रकिया भी शुरू हो गई है। इसी महीने अनुमति मिलने की उम्मीद है। वहीं, इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) स्थापित करने के लिए निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। इंस्ट्रूमेंट रूस से दिल्ली पहुंच गया है। ट्रायल प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुशीनगर एयरपोर्ट लाया जाएगा। आधुनिक तकनीक से लैश होने के बाद एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है।
अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर अब तक डीवीओआर सिस्टम नहीं होने से एयरक्राफ्ट फ्रीक्वेंसी नेविगेशन एड्स विमान को रास्ता नहीं दिख रहा था। इसके लिए गोरखपुर के एयरपोर्ट की मदद ली जा रही थी। आईएलएस के लग जाने के बाद कोहरा, बारिश और रात में रनवे पर विमान की लैडिंग और टेकऑफ में कोई दिक्कत नहीं होगी। एयरपोर्ट का लोकार्पण 20 अक्टूबर 2021 को पीएम नरेंद्र मोदी ने किया था। इसके बाद यहां से प्रमुख महानगरों के लिए उड़ान की योजना बनी थी। लेकिन, वह सफल नहीं हो सकी और सिर्फ दिल्ली तक की उड़ान सीमित रह गई। वह भी उड़ान फिलहाल बंद है।
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यह है डीवीओआर की खासियत
-डीवीओआर के रडार के जरिए एटीसी कंट्रोलर के कंप्यूटर पर एयर ट्रैफिक के साथ ही टर्मिनल क्षेत्र में विमान की स्थिति दिखती है। डीवीओआर अंतरराष्ट्रीय मानक नेविगेशनल सुविधा है, जो हवाई अड्डों और रन-वे पर स्थित ग्राउंड रेडियो बीकन से सर्वदिशात्मक संकेत भेजकर विमान को उनके दृष्टिकोण में सहायता करता है। डीवीओआर के जरिये हर मौसम में विमान की लैंडिंग हो सकती है। डीवीओआर विश्व की आधुनिकतम तकनीक पर आधारित है। जिसका इस्तेमाल दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद जैसे एयरपोर्ट पर हो रहा है।
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क्या है आईएलएस
इसका पूरा नाम इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम है। यह हवाई अड्डे पर विमानों के लैंडिंग और टेकऑफ में सहायक होता है। यह हवाई अड्डे पर विमानों के लैंडिंग और टेकऑफ में सहायक होता है। आईएलएस एक रनवे पर लगे उपकरणों का एक समूह होता है, जिसमें माध्यम से एटीसी और पायलट को सटीक सूचना दी जाती है।
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एयरपोर्ट पर डिवीओआर का इंस्टालेशन होने के बाद कैलिब्रेशन हो गया है अब कमीशनिंग प्रकिया शुरू हो गई है जो इसी महीने पूरी कर ली जाएगी। आईएलएस का सिविल वर्क पूरा हो गया है। इसमें लगने वाले इंस्ट्रूमेंट दिल्ली आ गए हैं और उसकी टेस्टिंग भी हो गई है। वहां से कुशीनगर के लिए चल दिया है। -राजेंद्र प्रसाद लंका, एयरपोर्ट डायरेक्टर कुशीनगर
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अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर अब तक डीवीओआर सिस्टम नहीं होने से एयरक्राफ्ट फ्रीक्वेंसी नेविगेशन एड्स विमान को रास्ता नहीं दिख रहा था। इसके लिए गोरखपुर के एयरपोर्ट की मदद ली जा रही थी। आईएलएस के लग जाने के बाद कोहरा, बारिश और रात में रनवे पर विमान की लैडिंग और टेकऑफ में कोई दिक्कत नहीं होगी। एयरपोर्ट का लोकार्पण 20 अक्टूबर 2021 को पीएम नरेंद्र मोदी ने किया था। इसके बाद यहां से प्रमुख महानगरों के लिए उड़ान की योजना बनी थी। लेकिन, वह सफल नहीं हो सकी और सिर्फ दिल्ली तक की उड़ान सीमित रह गई। वह भी उड़ान फिलहाल बंद है।
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यह है डीवीओआर की खासियत
-डीवीओआर के रडार के जरिए एटीसी कंट्रोलर के कंप्यूटर पर एयर ट्रैफिक के साथ ही टर्मिनल क्षेत्र में विमान की स्थिति दिखती है। डीवीओआर अंतरराष्ट्रीय मानक नेविगेशनल सुविधा है, जो हवाई अड्डों और रन-वे पर स्थित ग्राउंड रेडियो बीकन से सर्वदिशात्मक संकेत भेजकर विमान को उनके दृष्टिकोण में सहायता करता है। डीवीओआर के जरिये हर मौसम में विमान की लैंडिंग हो सकती है। डीवीओआर विश्व की आधुनिकतम तकनीक पर आधारित है। जिसका इस्तेमाल दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद जैसे एयरपोर्ट पर हो रहा है।
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क्या है आईएलएस
इसका पूरा नाम इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम है। यह हवाई अड्डे पर विमानों के लैंडिंग और टेकऑफ में सहायक होता है। यह हवाई अड्डे पर विमानों के लैंडिंग और टेकऑफ में सहायक होता है। आईएलएस एक रनवे पर लगे उपकरणों का एक समूह होता है, जिसमें माध्यम से एटीसी और पायलट को सटीक सूचना दी जाती है।
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एयरपोर्ट पर डिवीओआर का इंस्टालेशन होने के बाद कैलिब्रेशन हो गया है अब कमीशनिंग प्रकिया शुरू हो गई है जो इसी महीने पूरी कर ली जाएगी। आईएलएस का सिविल वर्क पूरा हो गया है। इसमें लगने वाले इंस्ट्रूमेंट दिल्ली आ गए हैं और उसकी टेस्टिंग भी हो गई है। वहां से कुशीनगर के लिए चल दिया है। -राजेंद्र प्रसाद लंका, एयरपोर्ट डायरेक्टर कुशीनगर