प्रयागराज : पूरामुफ्ती में एक ही जमीन को तीन बार बेचने पर अतीक के करीबियों पर एफआईआर, जांच में जुटी पुलिस
पूरामुफ्ती के रसूलपुर मरियाडीह में 1.1640 हेक्टेयर जमीन को तीन बार बेचने के आरोप में अतीक अहमद के करीबियों समेत पांच लोगों के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं। तीन खरीदारों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर तीनों बैनामों और राजस्व अभिलेखों की जांच शुरू कर दी है।
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पूरामुफ्ती के रसूलपुर मरियाडीह में एक ही जमीन को तीन बार बेचने के आरोप में माफिया अतीक अहमद के करीबियों के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि खतौनी में फर्जी नाम दर्ज दिखाकर 1.1640 हेक्टेयर जमीन के बैनामे किए गए। पुलिस आयुक्त के आदेश पर पूरामुफ्ती थाने में अबू तैयबा, अब्दुल माजिद, अबू लैश, अहमद शाद और शैहबाज को नामजद किया गया है।
एफआईआर के मुताबिक, तहसील सदर के मौजा रसूलपुर मरियाडीह में 1.1640 हेक्टेयर जमीन है। मीरापुर के नेहरू नगर निवासी विवेक सिन्हा ने आरोप लगाया कि उन्होंने 20 सितंबर 2023 को जमीन का बैनामा कराया था। बार-बार कहने के बावजूद खतौनी में नाम दर्ज नहीं हुआ। बाद में खतौनी निकलवाने पर फर्जीवाड़े की जानकारी हुई। वहीं, प्रीतम नगर निवासी ऋतु कपूर का आरोप है कि अबू तैयबा और अब्दुल माजिद ने 20 सितंबर 2023 को इस जमीन को 20.09 लाख रुपये में बैनामा किया। बाद में खतौनी में नाम दर्ज कराने के नाम पर टालमटोल करते।
छानबीन में जुटी पुलिस
आरोप है कि रुपये वापस मांगने पर धमकी दी गई। कीडगंज निवासी उमा देवी का आरोप है कि इसी जमीन का 10 मई 2024 को बैनामा कराया था। उनके नाम खतौनी में नाम दर्ज नहीं हुआ। जानकारी करने पर पता चला कि बैनामा करने वालों के पास जमीन बेचने का अधिकार ही नहीं था। पीड़ितों ने बताया कि अगस्त 2026 अबू तैयबा व अबू लैश के खिलाफ ठेकेदार अंकित कक्कड़ की ओर से अगस्त में धूमनगंज थाने में पांच लाख रुपये रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज होने का भी उल्लेख शिकायत में किया गया है। पुलिस आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटाने के साथ तीनों बैनामों और राजस्व अभिलेखों का मिलान कर रही है। पूरामुफ्ती थाना प्रभारी शांतनु सिंह ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
अतीक के साढ़ू समेत चार पर गैंगस्टर एक्ट में प्राथमिकी दर्ज
माफिया अतीक अहमद के साढ़ू मोहम्मद इमरान समेत उसके परिवार के चार सदस्यों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। करेली पुलिस ने इमरान को गैंग का लीडर और उसके भाई जीशान उर्फ जानू, मोहम्मद कामरान और मां जाहिदा बेगम को गैंग का सदस्य बताया गया है। करेली थाना प्रभारी सच्चिदानंद सिंह के मुताबिक, गैंग के सदस्य कूटरचित दस्तावेज तैयार कर सरकारी जमीन की सीलिंग और कब्जे से जुड़ी जमीन को अनधिकृत तरीके से बेचने और उसकी प्लॉटिंग करने का काम करते थे। आरोपियों के खिलाफ वर्ष 2025 और 2026 में करेली थाने में सात एफआईआर दर्ज हैं। इनमें धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले शामिल है। इन्हीं प्राथमिकी और आरोपियों की गतिविधियों को आधार बनाकर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।