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एक साथ जलीं तीनों दोस्तों की चिताएं
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दुर्घटना में एक साथ तीन युवकों की मौत से विसम्भरापुर में रोते बिलखते परिजन। संवाद।
- फोटो : KUSHINAGAR
एक साथ जलीं तीनों दोस्तों की चिताएं
कसया। कुशीनगर नगरपालिका के वार्ड नंबर-छह बाबा साहब आम्टे नगर (विशंभरापुर) में बृहस्पतिवार को तीन दोस्तों की एक साथ अर्थियां उठाई गईं। यह देखकर गांव के लोग फफक पड़े। तीनों की चिताएं एक साथ जलीं। दु:खी परिजनों के मार्मिक विलाप से पूरा गांव शोक में डूबा रहा।
बीते बुधवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-28 स्थित भैंसहा हेतिमपुर नहर के पुल से बाइक के टकराने से उस पर सवार तीन दोस्तों की मौत हो गई थी। तीनों वार्ड नंबर छह बाबा साहब आम्टे नगर के निवासी थे। तीनों एक ही बाइक पर सवार होकर हेतिमपुर से कुशीनगर की तरफ आ रहे थे। दो की एक साथ और तीसरे दोस्त की गोरखपुर ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई थी।
पोस्टमार्टम के बाद बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे बलवंत, भरत और मधुबन का शव घर लाया गया। शव देखकर तीनों के घर चीख-पुकार मच गई। दु:खी परिजनों को ढांढस बंधाने पूरा गांव उमड़ पड़ा। तीनों का अंतिम संस्कार छोटी गंडक नदी के रेगवनिया घाट पर किया गया। बलवंत की चिता को उनके बड़े भाई शत्रुघ्न, भरत को आठ वर्षीय का बेटा दीपू तथा मधुबन को उनके पिता सूइट ने मुखाग्नि दी। छोटी गंडक नदी के रेगवनिया घाट पर हुए अंतिम संस्कार में वार्ड सहित आसपास के लोग भी शामिल हुए।
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कसया। कुशीनगर नगरपालिका के वार्ड नंबर-छह बाबा साहब आम्टे नगर (विशंभरापुर) में बृहस्पतिवार को तीन दोस्तों की एक साथ अर्थियां उठाई गईं। यह देखकर गांव के लोग फफक पड़े। तीनों की चिताएं एक साथ जलीं। दु:खी परिजनों के मार्मिक विलाप से पूरा गांव शोक में डूबा रहा।
बीते बुधवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-28 स्थित भैंसहा हेतिमपुर नहर के पुल से बाइक के टकराने से उस पर सवार तीन दोस्तों की मौत हो गई थी। तीनों वार्ड नंबर छह बाबा साहब आम्टे नगर के निवासी थे। तीनों एक ही बाइक पर सवार होकर हेतिमपुर से कुशीनगर की तरफ आ रहे थे। दो की एक साथ और तीसरे दोस्त की गोरखपुर ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई थी।
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पोस्टमार्टम के बाद बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे बलवंत, भरत और मधुबन का शव घर लाया गया। शव देखकर तीनों के घर चीख-पुकार मच गई। दु:खी परिजनों को ढांढस बंधाने पूरा गांव उमड़ पड़ा। तीनों का अंतिम संस्कार छोटी गंडक नदी के रेगवनिया घाट पर किया गया। बलवंत की चिता को उनके बड़े भाई शत्रुघ्न, भरत को आठ वर्षीय का बेटा दीपू तथा मधुबन को उनके पिता सूइट ने मुखाग्नि दी। छोटी गंडक नदी के रेगवनिया घाट पर हुए अंतिम संस्कार में वार्ड सहित आसपास के लोग भी शामिल हुए।
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