{"_id":"61f6cf9011e13f40952044a5","slug":"the-number-of-specialist-doctors-increased-there-will-be-convenience-in-treatment-kushinagar-news-gkp425364664","type":"story","status":"publish","title_hn":"विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ी
विज्ञापन
विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ी
- सीएमओ के अधीन जिले में स्वीकृत हैं डॉक्टरों के 189 पद
- डॉक्टरों की संख्या बढ़कर हो गई है 172
- जिले में संचालित हैं 14 सीएचसी और 56 पीएचसी
- कुल अस्पतालों को मिलाकर 556 बेड की है क्षमता
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। स्वास्थ्य विभाग से जनपद के लोगों के लिए अच्छी खबर है। सीएमओ के अधीन आने वाले अस्पतालों में स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, नेत्र सर्जन सहित कई बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टर मिल गए हैं। इससे इलाज में सहूलियत मिलेगी। डॉक्टरों की संख्या भी बढ़ जाने से मरीजों का समय पर उपचार हो सकेगा। जनपद में डॉक्टरों की संख्या बढ़कर अब 172 हो गई है।
जिले की जनसंख्या 40 लाख के करीब पहुंच गई है। इतनी अधिक आबादी पर जिले में 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 56 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित होते हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक सीएमओ के अधीन आने वाले इन अस्पतालों में डॉक्टरों के 189 पद सृजित हैं। एक साल पहले तक इन अस्पतालों में 158 डॉक्टर थे। स्त्री रोग विशेषज्ञ सहित अन्य कई बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टरों का अभाव था, लेकिन अब यह समस्या कम हो गई है।
यहां के सरकारी अस्पतालों में एमएएस आर्थो के तीन, फिजिशियन दो, चर्मरोग विशेषज्ञ एक, रेडियोलॉजिस्ट एक, गायनोकोलॉजिस्ट एक, एनेस्थेसिया के दो और कॉर्डियोलॉजिस्ट डिप्लोमा वाले दो डॉक्टर पहले से उपलब्ध हैं। इनके अलावा 11 बाल रोग विशेषज्ञ भी हैं, जो ईटीसी (इंसेफेलाइटिस ट्रिटमेंट सेंटर) के इंचार्ज की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।
विज्ञापन
अब यहां चार गायनोकोलॉजिस्ट (स्त्री रोग विशेषज्ञ) मिल गई हैं, जिनकी तैनाती तमकुहीराज, कसया, कप्तानगंज और सेवरही में की गई है। इसके अलावा एक पीडियाट्रिशियन (बाल रोग विशेषज्ञ) मिले हैं, जिनकी तैनाती कप्तानगंज सीएचसी में की गई है। एक ईएनटी सर्जन और एक-एक नेत्र सर्जन की तैनाती पडरौना शहर के पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय में हुई है। एक एनेस्थीसिया के डॉक्टर मिल गए हैं, जिन्हें कप्तानगंज सीएचसी में तैनात किया गया है। इस तरह जनपद में अब विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या अच्छी-खासी हो गई है। हालांकि 189 स्वीकृत पदों के सापेक्ष डॉक्टरों की संख्या 172 तक पहुंची है। अभी भी 17 डॉक्टरों की आवश्यकता है।
सीएमओ बोले-
सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया का कहना है कि जिले में कुछ विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या में वृद्धि हुई है। चार स्त्री रोग विशेषज्ञ, एक बाल रोग विशेषज्ञ, एक नेत्र सर्जन, एक ईएनटी सर्जन और एक निष्चेतक मिले हैं। इन्हें लेकर जनपद में कुल डॉक्टरों की संख्या अब 172 हो गई है। जहां डॉक्टरों की संख्या कम है, वहां सामंजस्य से काम चलाया जा रहा है। रिक्त पदों को भी भरने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
विज्ञापन
- सीएमओ के अधीन जिले में स्वीकृत हैं डॉक्टरों के 189 पद
- डॉक्टरों की संख्या बढ़कर हो गई है 172
- जिले में संचालित हैं 14 सीएचसी और 56 पीएचसी
- कुल अस्पतालों को मिलाकर 556 बेड की है क्षमता
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। स्वास्थ्य विभाग से जनपद के लोगों के लिए अच्छी खबर है। सीएमओ के अधीन आने वाले अस्पतालों में स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, नेत्र सर्जन सहित कई बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टर मिल गए हैं। इससे इलाज में सहूलियत मिलेगी। डॉक्टरों की संख्या भी बढ़ जाने से मरीजों का समय पर उपचार हो सकेगा। जनपद में डॉक्टरों की संख्या बढ़कर अब 172 हो गई है।
जिले की जनसंख्या 40 लाख के करीब पहुंच गई है। इतनी अधिक आबादी पर जिले में 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 56 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित होते हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक सीएमओ के अधीन आने वाले इन अस्पतालों में डॉक्टरों के 189 पद सृजित हैं। एक साल पहले तक इन अस्पतालों में 158 डॉक्टर थे। स्त्री रोग विशेषज्ञ सहित अन्य कई बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टरों का अभाव था, लेकिन अब यह समस्या कम हो गई है।
विज्ञापन
यहां के सरकारी अस्पतालों में एमएएस आर्थो के तीन, फिजिशियन दो, चर्मरोग विशेषज्ञ एक, रेडियोलॉजिस्ट एक, गायनोकोलॉजिस्ट एक, एनेस्थेसिया के दो और कॉर्डियोलॉजिस्ट डिप्लोमा वाले दो डॉक्टर पहले से उपलब्ध हैं। इनके अलावा 11 बाल रोग विशेषज्ञ भी हैं, जो ईटीसी (इंसेफेलाइटिस ट्रिटमेंट सेंटर) के इंचार्ज की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।
विज्ञापन
अब यहां चार गायनोकोलॉजिस्ट (स्त्री रोग विशेषज्ञ) मिल गई हैं, जिनकी तैनाती तमकुहीराज, कसया, कप्तानगंज और सेवरही में की गई है। इसके अलावा एक पीडियाट्रिशियन (बाल रोग विशेषज्ञ) मिले हैं, जिनकी तैनाती कप्तानगंज सीएचसी में की गई है। एक ईएनटी सर्जन और एक-एक नेत्र सर्जन की तैनाती पडरौना शहर के पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय में हुई है। एक एनेस्थीसिया के डॉक्टर मिल गए हैं, जिन्हें कप्तानगंज सीएचसी में तैनात किया गया है। इस तरह जनपद में अब विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या अच्छी-खासी हो गई है। हालांकि 189 स्वीकृत पदों के सापेक्ष डॉक्टरों की संख्या 172 तक पहुंची है। अभी भी 17 डॉक्टरों की आवश्यकता है।
सीएमओ बोले-
सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया का कहना है कि जिले में कुछ विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या में वृद्धि हुई है। चार स्त्री रोग विशेषज्ञ, एक बाल रोग विशेषज्ञ, एक नेत्र सर्जन, एक ईएनटी सर्जन और एक निष्चेतक मिले हैं। इन्हें लेकर जनपद में कुल डॉक्टरों की संख्या अब 172 हो गई है। जहां डॉक्टरों की संख्या कम है, वहां सामंजस्य से काम चलाया जा रहा है। रिक्त पदों को भी भरने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।