{"_id":"6aa31a82935ca88e75059813","slug":"ct-scan-machine-out-of-order-patients-returning-without-undergoing-the-test-kushinagar-news-c-205-1-ksh1049-167655-2026-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: सीटी स्कैन मशीन खराब, बिना जांच लौट जा रहे मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: सीटी स्कैन मशीन खराब, बिना जांच लौट जा रहे मरीज
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज के न्यूरो विभाग में इलाज को धक्का मुक्की करते मरीज।संवाद
पडरौना। मेडिकल कॉलेज की लचर व्यवस्था के चलते मरीजों की परेशानियां कम नहीं हो रही हैं। तमाम दावों के बावजूद दूर-दराज से आने वाले मरीजों काे इलाज और जांच के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। ओपीडी में पंजीकरण से डाॅक्टर के कक्ष तक धक्का-मुक्की करनी पड़ रही है। सीटी स्कैन मशीन दो दिन से खराब पड़ी है। मरीज बिना इलाज और रिपोर्ट के लौट जा रहे हैं। बिजली कटौती से बीच-बीच में लिफ्ट बंद हो जा रही थी। एक ही सीढ़ी होने के कारण मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मेडिकल कॉलेज की लचर व्यवस्था का आलम यह है कि बुधवार को खराब हुई सीटी स्कैन मशीन को ठीक कराने का प्रयास नहीं किया गया। वैसे, मेडिकल कॉलेज प्रशासन जल्द मशीन ठीक करवाने का दावा कर रहा है। मशीन के काम नहीं करने से गंभीर मरीजों को बिना जांच कराए लौटना पड़ जा रहा है।
अल्ट्रासाउंड जांच की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की दो मशीनों में वर्तमान में सिर्फ एक ही मशीन चल रही है। जबकि बड़ी संख्या में मरीज जांच कराने पहुंच रहे हैं। मरीजों की भीड़ अधिक होने से जांच हो भी जा रही है तो समय से रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है। पैथोलॉजी विभाग में पहुंच रहे करीब 500 मरीजों में से 100-150 मरीजों को जांच रिपोर्ट के लिए अगले दिन बुलाया जा रहा है। ऐसे में मरीज के धन व समय दोनों बर्बादी हो रही है। दोपहर दो बजे तक ओपीडी में 1900 मरीजों ने रजिस्ट्रेशन कराया था।
विज्ञापन
0
सीटी स्कैन कराने पहुंचे मरीज बोले:
बहन को डाॅक्टर ने सीटी स्कैन कराने की सलाह दी। जांच काउंटर पर तैनात कर्मचारी ने बताया कि मशीन खराब होने से जांच नहीं हो पा रही है। मशीन बनने के बाद ही जांच शुरू होगी। बिना जांच कराए ही लौटना पड़ रहा है। कॉलेज प्रशासन को बंदोबस्त कर देना चाहिए ताकि मरीजों को इधर-उधर भटकना न पड़े। -वीरु गुप्ता, बांसगांव
0
परिवार की महिला को डाॅक्टर ने सीटी स्कैन कराने की सलाह दी। जांच कराने काउंटर पर पहुंचा तो पता चला कि बुधवार से मशीन खराब है। सीटी स्कैन जांच नहीं हो रची है। करोड़ों की लागत से बने अस्पताल में जांच के लिए वैकल्पिक प्रबंध भी होना चाहिए ताकि मरीजों को परेशानी न हो और समय से जांच हो सके। -मीर हसन, सरया
0
न्यूरो विभाग में लंबी कतार
मेडिकल कॉलेज के न्यूरो विभाग की ओपीडी में करीब 500 मरीज चार से पांच लाइनों में दोपहर तक इंतजार करते रहे। इन मरीजों में किसी को सिरदर्द, कमर दर्द, पैर में सुन्नपन्न, गर्दन दर्द, नस दबने सहित अन्य समस्याएं रहीं। ईएनटी, मेडिसिन विभाग की तीन ओपीडी समेत अन्य कक्षों तक सिर्फ न्यूरो के मरीजों की भीड़ जुटी रही। इंतजार कर रहे मरीजों का कहना था कि सप्ताह में एक दिन न्यूरो के डॉक्टर के आने से भीड़ होती है। कम से सप्ताह में दो दिन न्यूरो के डॉक्टर का बंदोबस्त होना चाहिए। इससे मरीजों को राहत व सहूलियत मिलेगी।
00000
मरीज बोले:-
लंबे समय से सिरदर्द का इलाज करा रहा हूं लेकिन कोई फायदा नहीं हो रहा है। सुबह 8 बजे ही आ गया था। उस समय ओपीडी चैंबर के बाहर मरीजों की भीड़ लग गई थी। चार घंटे बीत चुके हैं लेकिन अब भी चैंबर तक नहीं पहुंच पाया हूं। पता नहीं अभी कितना समय लगेगा। -उपकारी, फरदहां
0
कमर में दर्द है। उठने-बैठने में परेशानी हो रही है। सुबह 9 बजे पर्ची काउंटर पर पहुंचा तो लाइन लगी थी। करीब एक घंटे बाद पर्ची बन पाई। पर्ची लेकर न्यूरो विभाग पहुंचा तो पहले से करीब 300 मरीजों की चार कतारें लगी थीं। फर्श पर बैठना पड़ रहा है। -मोहन लाल गुप्त, बेतिया
0
न्यूरो के डाॅक्टर सिर्फ बृहस्पतिवार को आते हैं। इसके चलते ओपीडी में मरीजों की भीड़ रही। सीटी स्कैन मशीन तकनीकी दिक्कत के चलते बंद है। देर शाम तक इसे ठीक करा लिया जाएगा। मौसम में बदलाव के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है। -डॉ. केपी गोड़, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज कुशीनगर
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज की लचर व्यवस्था का आलम यह है कि बुधवार को खराब हुई सीटी स्कैन मशीन को ठीक कराने का प्रयास नहीं किया गया। वैसे, मेडिकल कॉलेज प्रशासन जल्द मशीन ठीक करवाने का दावा कर रहा है। मशीन के काम नहीं करने से गंभीर मरीजों को बिना जांच कराए लौटना पड़ जा रहा है।
विज्ञापन
अल्ट्रासाउंड जांच की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की दो मशीनों में वर्तमान में सिर्फ एक ही मशीन चल रही है। जबकि बड़ी संख्या में मरीज जांच कराने पहुंच रहे हैं। मरीजों की भीड़ अधिक होने से जांच हो भी जा रही है तो समय से रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है। पैथोलॉजी विभाग में पहुंच रहे करीब 500 मरीजों में से 100-150 मरीजों को जांच रिपोर्ट के लिए अगले दिन बुलाया जा रहा है। ऐसे में मरीज के धन व समय दोनों बर्बादी हो रही है। दोपहर दो बजे तक ओपीडी में 1900 मरीजों ने रजिस्ट्रेशन कराया था।
विज्ञापन
0
सीटी स्कैन कराने पहुंचे मरीज बोले:
बहन को डाॅक्टर ने सीटी स्कैन कराने की सलाह दी। जांच काउंटर पर तैनात कर्मचारी ने बताया कि मशीन खराब होने से जांच नहीं हो पा रही है। मशीन बनने के बाद ही जांच शुरू होगी। बिना जांच कराए ही लौटना पड़ रहा है। कॉलेज प्रशासन को बंदोबस्त कर देना चाहिए ताकि मरीजों को इधर-उधर भटकना न पड़े। -वीरु गुप्ता, बांसगांव
0
परिवार की महिला को डाॅक्टर ने सीटी स्कैन कराने की सलाह दी। जांच कराने काउंटर पर पहुंचा तो पता चला कि बुधवार से मशीन खराब है। सीटी स्कैन जांच नहीं हो रची है। करोड़ों की लागत से बने अस्पताल में जांच के लिए वैकल्पिक प्रबंध भी होना चाहिए ताकि मरीजों को परेशानी न हो और समय से जांच हो सके। -मीर हसन, सरया
0
न्यूरो विभाग में लंबी कतार
मेडिकल कॉलेज के न्यूरो विभाग की ओपीडी में करीब 500 मरीज चार से पांच लाइनों में दोपहर तक इंतजार करते रहे। इन मरीजों में किसी को सिरदर्द, कमर दर्द, पैर में सुन्नपन्न, गर्दन दर्द, नस दबने सहित अन्य समस्याएं रहीं। ईएनटी, मेडिसिन विभाग की तीन ओपीडी समेत अन्य कक्षों तक सिर्फ न्यूरो के मरीजों की भीड़ जुटी रही। इंतजार कर रहे मरीजों का कहना था कि सप्ताह में एक दिन न्यूरो के डॉक्टर के आने से भीड़ होती है। कम से सप्ताह में दो दिन न्यूरो के डॉक्टर का बंदोबस्त होना चाहिए। इससे मरीजों को राहत व सहूलियत मिलेगी।
00000
मरीज बोले:-
लंबे समय से सिरदर्द का इलाज करा रहा हूं लेकिन कोई फायदा नहीं हो रहा है। सुबह 8 बजे ही आ गया था। उस समय ओपीडी चैंबर के बाहर मरीजों की भीड़ लग गई थी। चार घंटे बीत चुके हैं लेकिन अब भी चैंबर तक नहीं पहुंच पाया हूं। पता नहीं अभी कितना समय लगेगा। -उपकारी, फरदहां
0
कमर में दर्द है। उठने-बैठने में परेशानी हो रही है। सुबह 9 बजे पर्ची काउंटर पर पहुंचा तो लाइन लगी थी। करीब एक घंटे बाद पर्ची बन पाई। पर्ची लेकर न्यूरो विभाग पहुंचा तो पहले से करीब 300 मरीजों की चार कतारें लगी थीं। फर्श पर बैठना पड़ रहा है। -मोहन लाल गुप्त, बेतिया
0
न्यूरो के डाॅक्टर सिर्फ बृहस्पतिवार को आते हैं। इसके चलते ओपीडी में मरीजों की भीड़ रही। सीटी स्कैन मशीन तकनीकी दिक्कत के चलते बंद है। देर शाम तक इसे ठीक करा लिया जाएगा। मौसम में बदलाव के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है। -डॉ. केपी गोड़, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज कुशीनगर

मेडिकल कॉलेज के न्यूरो विभाग में इलाज को धक्का मुक्की करते मरीज।संवाद

मेडिकल कॉलेज के न्यूरो विभाग में इलाज को धक्का मुक्की करते मरीज।संवाद