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शिकायतकर्ता करते रहे इंतजार, नहीं आए जांच अधिकारी
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शिकायतकर्ता करते रहे इंतजार, नहीं आए जांच अधिकारी
- डीएम ने जिला उद्यान अधिकारी को नामित किया है जांच अधिकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
जटहां बाजार (कुशीनगर)। विशुनपुरा ब्लॉक के नरचोचवा गांव में दूसरे दिन मंगलवार को हाईकोर्ट के निर्देश पर विकास कार्यों की जांच होनी थी। शिकायतकर्ता समेत गांव के लोग जांच अधिकारियों के आने का इंतजार करते रहे, लेकिन जांच टीम गांव नहीं पहुंची।
वित्तीय वर्ष 2015 से 2021 तक कराए गए विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत करते हुए इस गांव के शैलेश तिवारी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने पूर्व प्रधान, डीएम और सरकार को प्रतिवादी बनाया है। हाईकोर्ट ने प्रकरण को गंभीरता से लिया था। न्यायालय ने खलिहान की भूमि में शौचालय, खड़जा निर्माण और चकरोड पर कब्जा समेत नौ बिंदुओं पर विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन करने का आदेश जिला प्रशासन को दिया।
इसके बाद डीएम की तरफ से जिला उद्यान अधिकारी रामायन सिंह को जांच अधिकारी नामित करते हुए स्थलीय सत्यापन का निर्देश दिया गया था। सोमवार की दोपहर बाद जांच अधिकारी रामायन सिंह ने खड़ंजा और शौचालय निर्माण के साथ सरकारी जमीन पर हुए अतिक्रमण का जायजा लिया था। शाम होने पर जांच अधिकारी रामायन सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश पर जांच हुई है। अभी मंगलवार को भी जांच की जाएगी। इसके बाद वह वापस चले गए थे।
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मंगलवार को जांच अधिकारी पुन: गांव में आने वाले थे, लेकिन नहीं पहुंचे। ग्रामीण पूरे दिन उनके आने का इंतजार करते रहे।
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- डीएम ने जिला उद्यान अधिकारी को नामित किया है जांच अधिकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
जटहां बाजार (कुशीनगर)। विशुनपुरा ब्लॉक के नरचोचवा गांव में दूसरे दिन मंगलवार को हाईकोर्ट के निर्देश पर विकास कार्यों की जांच होनी थी। शिकायतकर्ता समेत गांव के लोग जांच अधिकारियों के आने का इंतजार करते रहे, लेकिन जांच टीम गांव नहीं पहुंची।
वित्तीय वर्ष 2015 से 2021 तक कराए गए विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत करते हुए इस गांव के शैलेश तिवारी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने पूर्व प्रधान, डीएम और सरकार को प्रतिवादी बनाया है। हाईकोर्ट ने प्रकरण को गंभीरता से लिया था। न्यायालय ने खलिहान की भूमि में शौचालय, खड़जा निर्माण और चकरोड पर कब्जा समेत नौ बिंदुओं पर विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन करने का आदेश जिला प्रशासन को दिया।
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इसके बाद डीएम की तरफ से जिला उद्यान अधिकारी रामायन सिंह को जांच अधिकारी नामित करते हुए स्थलीय सत्यापन का निर्देश दिया गया था। सोमवार की दोपहर बाद जांच अधिकारी रामायन सिंह ने खड़ंजा और शौचालय निर्माण के साथ सरकारी जमीन पर हुए अतिक्रमण का जायजा लिया था। शाम होने पर जांच अधिकारी रामायन सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश पर जांच हुई है। अभी मंगलवार को भी जांच की जाएगी। इसके बाद वह वापस चले गए थे।
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मंगलवार को जांच अधिकारी पुन: गांव में आने वाले थे, लेकिन नहीं पहुंचे। ग्रामीण पूरे दिन उनके आने का इंतजार करते रहे।