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वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से गुजरने वाली सड़क बंद नहीं होगी
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वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से गुजरने वाली सड़क बंद नहीं होगी
खड्डा। पनियहवा से गंडक पुल पार करके वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से गुजरने वाली सड़क बंद नहीं होगी। इस पर पूर्व की तरह से आवागमन जारी रहेगा। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) प्रशासन ने सोशल मीडिया व अन्य स्थानों पर वायरल हो रहे प्रपत्र को नकारते हुए जंगल से गुजरने वाली सड़क के निर्माण की सैद्धांतिक मंजूरी देने के लिए कहा है।
गंडक नदी पर छितौनी-बगहा रेल सह सड़क पुल से यूपी और बिहार को जोड़ने वाली 169 किलोमीटर लंबी कसया-छपुआ एनएच-727 का करीब सात किलोमीटर हिस्सा वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के भीतर है। इस वजह से इस सड़क का निर्माण पूरा नहीं हो पा रहा है। इस सड़क से होकर लोग वाल्मीकि टाइगर रिजर्व, बिहार और नेेपाल तक आवागमन करते हैं। पिछले एक पखवाड़े से इस सड़क को 2023 में बंद किए जाने की अफवाह सोशल मीडिया के जरिए फैलाई जा रही है। इससे आसपास क्षेत्र के लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि सड़क का निर्माण कराए जाने के बजाय उसे बंद किया जाना जनहित में नहीं है। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व प्रशासन ने इस अफवाह का खंडन करते हुए कहा है कि सड़क पर आवागमन जारी रहेगा। इसके निर्माण कार्य को सैद्धांतिक मंजूरी दी जा चुकी है।
वायरल पत्र की क्या है सच्चाई
वायरल पत्र की सच्चाई जानने के लिए वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के सीएफ डॉ. नेसामनी से बात की गई। उन्होंने बताया कि इस तरह के किसी भी पत्र के विषय में कोई जानकारी नहीं है। हमारे पास ऐसे किसी आदेश की कोई प्रति नहीं है, न ही इस संबंध में कोई मौखिक या लिखित सूचना दी गई है। सात किलोमीटर सड़क के निर्माण की जिम्मेदारी नोडल एजेंसी एनएचआई मोतिहारी डिवीजन के पास है। भविष्य में कोई अन्य प्रस्ताव आता है तो विभाग उस पर भी विचार करेगा।
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खड्डा। पनियहवा से गंडक पुल पार करके वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से गुजरने वाली सड़क बंद नहीं होगी। इस पर पूर्व की तरह से आवागमन जारी रहेगा। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) प्रशासन ने सोशल मीडिया व अन्य स्थानों पर वायरल हो रहे प्रपत्र को नकारते हुए जंगल से गुजरने वाली सड़क के निर्माण की सैद्धांतिक मंजूरी देने के लिए कहा है।
गंडक नदी पर छितौनी-बगहा रेल सह सड़क पुल से यूपी और बिहार को जोड़ने वाली 169 किलोमीटर लंबी कसया-छपुआ एनएच-727 का करीब सात किलोमीटर हिस्सा वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के भीतर है। इस वजह से इस सड़क का निर्माण पूरा नहीं हो पा रहा है। इस सड़क से होकर लोग वाल्मीकि टाइगर रिजर्व, बिहार और नेेपाल तक आवागमन करते हैं। पिछले एक पखवाड़े से इस सड़क को 2023 में बंद किए जाने की अफवाह सोशल मीडिया के जरिए फैलाई जा रही है। इससे आसपास क्षेत्र के लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि सड़क का निर्माण कराए जाने के बजाय उसे बंद किया जाना जनहित में नहीं है। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व प्रशासन ने इस अफवाह का खंडन करते हुए कहा है कि सड़क पर आवागमन जारी रहेगा। इसके निर्माण कार्य को सैद्धांतिक मंजूरी दी जा चुकी है।
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वायरल पत्र की क्या है सच्चाई
वायरल पत्र की सच्चाई जानने के लिए वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के सीएफ डॉ. नेसामनी से बात की गई। उन्होंने बताया कि इस तरह के किसी भी पत्र के विषय में कोई जानकारी नहीं है। हमारे पास ऐसे किसी आदेश की कोई प्रति नहीं है, न ही इस संबंध में कोई मौखिक या लिखित सूचना दी गई है। सात किलोमीटर सड़क के निर्माण की जिम्मेदारी नोडल एजेंसी एनएचआई मोतिहारी डिवीजन के पास है। भविष्य में कोई अन्य प्रस्ताव आता है तो विभाग उस पर भी विचार करेगा।
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