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Kushinagar News: बिना जॉबकार्ड वाले मजदूरों का अपलोड किया फोटो, होगी जांच
Tue, 10 Jun 2025 12:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 10 Jun 2025 12:50 AM IST
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तिवारीपट्टी। दुदही ब्लॉक के गांवों में मनरेगा में फर्जीवाड़ा रुकने का नाम नहीं ले रहा है। गौरी जगदीश गांव में सोमवार को एक मामला प्रकाश में आया। यहां अलग-अलग दो परियोजनाओं में एक ही 10 मजदूरों का फोटो मनरेगा पोर्टल पर अपलोड किया गया है। जिन मजदूरों का फोटो अपलोड है। उनका जाॅब कार्ड नहीं है। पूर्व में दो गांवों में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। जानकारी के मुताबिक दुदही ब्लॉक में मनरेगा में फर्जीवाड़ा का परत दर परत खुलता जा रहा है। गौरीजगदीश में पहली परियोजना (कार्य आईडी : 3172014039) बिंद टोली में मिट्टी कार्य से संबंधित है।
इसमें 17 मजदूरों का मस्टर रोल दर्ज किया गया, लेकिन केवल 10 मजदूरों की फोटो अपलोड की गई। चौंकाने वाली बात यह है कि ये मजदूर कार्यस्थल पर काम करते नहीं दिखे। मजदूरों ने बताया कि उन्हें केवल फोटो खिंचवाने के लिए बुलाया गया था। उनके जॉब कार्ड का उपयोग नहीं हुआ। दूसरी परियोजना गौरी घाट से महातम के खेत तक मिट्टी कार्य तक है। जिसमें 29 मजदूरों का मस्टररोल निकला है। इस साइड पर भी उन्हीं 10 मजदूरों का फोटो फोटो अपलोड किए गए। यह स्पष्ट रूप से मनरेगा नियमों का उल्लंघन है, क्योंकि अलग-अलग परियोजनाओं के लिए अलग-अलग मजदूरों की उपस्थिति दर्ज होनी चाहिए।
मनरेगा के सहायक परियोजना अधिकारी (एपीओ) राकेश मौर्या ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यह मेरे संज्ञान में आया है। मैं ग्राम पंचायत सचिव से बात कर इसे दिखवाता हूं। स्थानीय लोगों ने इस फर्जीवाड़े की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की अनियमितताएं न केवल योजना की पारदर्शिता को प्रभावित करती हैं, बल्कि जरूरतमंद मजदूरों के अधिकारों का हनन भी करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एनएमएमएस ऐप के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त निगरानी और जॉब कार्डधारकों की जागरूकता जरूरी है।
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इसमें 17 मजदूरों का मस्टर रोल दर्ज किया गया, लेकिन केवल 10 मजदूरों की फोटो अपलोड की गई। चौंकाने वाली बात यह है कि ये मजदूर कार्यस्थल पर काम करते नहीं दिखे। मजदूरों ने बताया कि उन्हें केवल फोटो खिंचवाने के लिए बुलाया गया था। उनके जॉब कार्ड का उपयोग नहीं हुआ। दूसरी परियोजना गौरी घाट से महातम के खेत तक मिट्टी कार्य तक है। जिसमें 29 मजदूरों का मस्टररोल निकला है। इस साइड पर भी उन्हीं 10 मजदूरों का फोटो फोटो अपलोड किए गए। यह स्पष्ट रूप से मनरेगा नियमों का उल्लंघन है, क्योंकि अलग-अलग परियोजनाओं के लिए अलग-अलग मजदूरों की उपस्थिति दर्ज होनी चाहिए।
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मनरेगा के सहायक परियोजना अधिकारी (एपीओ) राकेश मौर्या ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यह मेरे संज्ञान में आया है। मैं ग्राम पंचायत सचिव से बात कर इसे दिखवाता हूं। स्थानीय लोगों ने इस फर्जीवाड़े की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की अनियमितताएं न केवल योजना की पारदर्शिता को प्रभावित करती हैं, बल्कि जरूरतमंद मजदूरों के अधिकारों का हनन भी करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एनएमएमएस ऐप के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त निगरानी और जॉब कार्डधारकों की जागरूकता जरूरी है।
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