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Kushinagar News: वसूली गिरोह का मास्टरमाइंड तमकुहीराज का भोला गिरफ्तार
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कुशीनगर। हाईवे पर ट्रकों को रोककर खुद को जीएसटी अधिकारी बताकर वसूली करने वाले गिरोह का नेटवर्क यूपी से बिहार तक फैले होने की बात सामने आई है। हमीरपुर में पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत से जुड़े मामले की जांच के दौरान तमकुहीराज के चंद्रशेखर आजाद नगर के गिरोह के मास्टरमाइंड भोला यादव समेत पांच लोगों की भूमिका सामने आई है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया। तरयासुजान पुलिस ने भोला के अलावा तीन किशोरों और अहिरौलीदान के एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद पांचों को हमीरपुर पुलिस को सौंप दिया।
पुलिस के अनुसार, हमीरपुर में 22 सितंबर को दर्ज प्राथमिकी की जांच के दौरान गिरोह के सदस्यों का कुशीनगर से कनेक्शन सामने आया। आरोप है कि लखनऊ से चरखारी जा रहे मिनी ट्रक को हमीरपुर के बेतवा पुल के पास रोककर चालक से 50 हजार रुपये की मांग की गई। गिरोह के गुर्गे ने खुद को जीएसटी अधिकारी बताया। चालक ने रुपये नहीं होने की बात कही और चरखारी निवासी पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत से उसकी मोबाइल पर बात कराई। संदेह होने पर पूर्व सांसद ने जीएसटी के उच्चाधिकारियों से संपर्क किया। जांच में संबंधित व्यक्ति के जीएसटी अधिकारी नहीं होने की जानकारी हुई। इसके बाद हमीरपुर नगर कोतवाली में हर्षित यादव और उसके साथियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। जांच आगे बढ़ी तो गिरोह के तार तमकुहीराज और तरयासुजान क्षेत्र से जुड़ते चले गए।
किशोरों को लालच देकर गिरोह में शामिल करने का आरोप
-जांच में सामने आया कि गिरोह में कम उम्र के किशोरों को रुपये का लालच देकर शामिल किया जाता था। आरोप है कि गिरोह से जुड़े किशोरों के परिवार के बैंक खातों का ब्योरा जुटाया जाता था और ठगी की रकम अलग-अलग खातों में मंगाई जाती थी। खाताधारकों को रकम का कुछ हिस्सा देने के बाद शेष रुपये गिरोह के गुर्गे आपस में बांट लेते थे। पुलिस इस पूरे नेटवर्क और बैंक खातों की जांच कर रही है।
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बिहार में भी सक्रियता की जांच
-पुलिस जांच में भोला यादव का नाम पूर्व में बिहार में शराब तस्करी और अन्य फर्जीवाड़े से जुड़े मामलों से जुड़े होने की बात सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, तमकुहीराज क्षेत्र के गाजीपुर बैरियर निवासी मुखिया यादव उर्फ प्रिंस से भी उसके करीबी संबंध बताए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की पुलिस स्तर से विस्तृत जांच पुलिस कर रही है। भोला यादव के कुछ प्रशासनिक अधिकारियों से भी संबंध होने की भी चर्चा है। उसे हिरासत में लिए जाने की जानकारी के बाद कुछ लोगों के तरयासुजान थाने पहुंचने की बात सामने आई लेकिन पुलिस ने किसी तरह की मदद करने से इन्कार कर दिया।
-कोट:::::::::
फर्जीवाड़े से जुड़े आरोपियों को हमीरपुर पुलिस को सौंप दिया गया है। गिरोह से गुर्गों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। बैंक खातों और गिरोह के नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। मुखिया यादव को पुलिस फर्जी जीएसटी अधिकारी बनकर वसूली के मामले में जेल भिजवा चुकी है। नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पांचों आरोपियों को हमीरपुर पुलिस ले गई है। -जयंत कुमार यादव, सीओ तमकुहीराज
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पुलिस के अनुसार, हमीरपुर में 22 सितंबर को दर्ज प्राथमिकी की जांच के दौरान गिरोह के सदस्यों का कुशीनगर से कनेक्शन सामने आया। आरोप है कि लखनऊ से चरखारी जा रहे मिनी ट्रक को हमीरपुर के बेतवा पुल के पास रोककर चालक से 50 हजार रुपये की मांग की गई। गिरोह के गुर्गे ने खुद को जीएसटी अधिकारी बताया। चालक ने रुपये नहीं होने की बात कही और चरखारी निवासी पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत से उसकी मोबाइल पर बात कराई। संदेह होने पर पूर्व सांसद ने जीएसटी के उच्चाधिकारियों से संपर्क किया। जांच में संबंधित व्यक्ति के जीएसटी अधिकारी नहीं होने की जानकारी हुई। इसके बाद हमीरपुर नगर कोतवाली में हर्षित यादव और उसके साथियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। जांच आगे बढ़ी तो गिरोह के तार तमकुहीराज और तरयासुजान क्षेत्र से जुड़ते चले गए।
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किशोरों को लालच देकर गिरोह में शामिल करने का आरोप
-जांच में सामने आया कि गिरोह में कम उम्र के किशोरों को रुपये का लालच देकर शामिल किया जाता था। आरोप है कि गिरोह से जुड़े किशोरों के परिवार के बैंक खातों का ब्योरा जुटाया जाता था और ठगी की रकम अलग-अलग खातों में मंगाई जाती थी। खाताधारकों को रकम का कुछ हिस्सा देने के बाद शेष रुपये गिरोह के गुर्गे आपस में बांट लेते थे। पुलिस इस पूरे नेटवर्क और बैंक खातों की जांच कर रही है।
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बिहार में भी सक्रियता की जांच
-पुलिस जांच में भोला यादव का नाम पूर्व में बिहार में शराब तस्करी और अन्य फर्जीवाड़े से जुड़े मामलों से जुड़े होने की बात सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, तमकुहीराज क्षेत्र के गाजीपुर बैरियर निवासी मुखिया यादव उर्फ प्रिंस से भी उसके करीबी संबंध बताए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की पुलिस स्तर से विस्तृत जांच पुलिस कर रही है। भोला यादव के कुछ प्रशासनिक अधिकारियों से भी संबंध होने की भी चर्चा है। उसे हिरासत में लिए जाने की जानकारी के बाद कुछ लोगों के तरयासुजान थाने पहुंचने की बात सामने आई लेकिन पुलिस ने किसी तरह की मदद करने से इन्कार कर दिया।
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फर्जीवाड़े से जुड़े आरोपियों को हमीरपुर पुलिस को सौंप दिया गया है। गिरोह से गुर्गों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। बैंक खातों और गिरोह के नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। मुखिया यादव को पुलिस फर्जी जीएसटी अधिकारी बनकर वसूली के मामले में जेल भिजवा चुकी है। नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पांचों आरोपियों को हमीरपुर पुलिस ले गई है। -जयंत कुमार यादव, सीओ तमकुहीराज